मिथिला की संस्कृति और विकास पर हैदराबाद में मंथन: भाजपा नेता नितिन नवीन का भव्य स्वागत
हैदराबाद: अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहने की भावना प्रवासी मिथिलावासियों में हमेशा से प्रबल रही है। इसी कड़ी में, तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नितिन नवीन का मिथिला सामाजिक मंच के पदाधिकारियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर न केवल स्वागत-सत्कार हुआ, बल्कि मिथिलांचल के विकास, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक संरक्षण पर एक गंभीर चर्चा भी हुई।
स्वागत का दृश्य: उत्साह और आत्मीयता
हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, 'मिथिला सामाजिक मंच' के संयोजक राम विनोद झा और महासचिव रंजन कुमार झा ने नितिन नवीन को पाग और दोपट्टा भेंट कर उनका स्वागत किया। यह क्षण मिथिला की पारंपरिक संस्कृति का एक सुंदर उदाहरण था, जहाँ अतिथि का सम्मान मिथिलांचल की विशिष्ट पहचान के साथ किया गया।
नितिन नवीन ने इस सम्मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मिथिला की पाग और दोपट्टा केवल वस्त्र नहीं, बल्कि हमारे गौरवशाली इतिहास और संस्कारों का प्रतीक हैं। उन्होंने प्रवासी मिथिलावासियों की कार्यकुशलता और अपनी संस्कृति के प्रति उनके लगाव की सराहना की।
मंच के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा
इस दौरान मंच के महासचिव रंजन कुमार झा ने विस्तार से बताया कि 'मिथिला सामाजिक मंच' का गठन किन उद्देश्यों के साथ किया गया है। उन्होंने नितिन नवीन को मंच की अब तक की गतिविधियों से अवगत कराया:
सांस्कृतिक संरक्षण: मंच का मुख्य उद्देश्य हैदराबाद और अन्य शहरों में रह रहे मिथिला मूल के लोगों को अपनी भाषा, कला और संस्कृति से जोड़कर रखना है।
सामाजिक एकजुटता: प्रवासी मिथिलावासियों के बीच आपसी भाईचारा और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना।
शिक्षा और जागरूकता: मिथिला के युवाओं को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना और उन्हें सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना।
आपदा प्रबंधन: मिथिलांचल में आने वाली बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय जरूरतमंदों की मदद करना।
रंजन कुमार झा ने कहा, "हम चाहते हैं कि हमारे समाज के लोग जहाँ भी रहें, वे अपनी मातृभूमि के विकास में योगदान दें और अपनी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाएं।"
नितिन नवीन का मार्गदर्शन और दृष्टिकोण
भाजपा नेता नितिन नवीन ने मंच के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीयों की ताकत ही देश की असली ताकत है। उन्होंने कहा कि मिथिलांचल का इतिहास गौरवशाली रहा है, और आज के दौर में उस इतिहास को आधुनिकता के साथ जोड़कर आगे ले जाने की जरूरत है।
उन्होंने आगे कहा:
"समाज का यह प्रयास सराहनीय है कि आप अपनी व्यस्त दिनचर्या में से समय निकालकर अपने सांस्कृतिक गौरव को जीवित रखने का कार्य कर रहे हैं। भाजपा हमेशा से भारतीय संस्कृति और उसके संरक्षण के पक्ष में रही है। मिथिला के विकास के लिए सरकार की ओर से जो भी संभव सहयोग होगा, उस पर हमेशा सकारात्मक विचार किया जाएगा।"
दरभंगा और मिथिला का विकास: एक साझा लक्ष्य
चर्चा के दौरान दरभंगा में हो रहे विकास कार्यों, जैसे कि एआईएमएस (AIIMS) और एयरपोर्ट के विस्तार का भी जिक्र हुआ। नितिन नवीन ने कहा कि दरभंगा अब एक उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। उन्होंने मंच के सदस्यों को आह्वान किया कि वे अपने सुझाव साझा करें ताकि नीति निर्माण में उन अनुभवों को शामिल किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि मिथिला के लोगों की बुद्धिमत्ता और मेहनत पूरे भारत में विख्यात है। यदि यह ऊर्जा एक साथ मिलकर काम करे, तो मिथिलांचल को दुनिया का सबसे विकसित क्षेत्र बनाने से कोई नहीं रोक सकता।
यह मुलाकात न केवल एक औपचारिक स्वागत थी, बल्कि यह हैदराबाद में बसे मिथिला समुदाय के लिए एक नई उम्मीद और प्रेरणा का स्रोत भी साबित हुई। राम विनोद झा और रंजन कुमार झा के नेतृत्व में मिथिला सामाजिक मंच जिस प्रकार से कार्य कर रहा है, वह सराहनीय है।