मुख्यमंत्री आवास, सचिवालय और चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

पटना: बिहार की राजधानी पटना में उस समय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हड़कंप मच गया जब मुख्यमंत्री आवास, मुख्यमंत्री सचिवालय और चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी वाला एक ईमेल सामने आया। धमकी मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय, जिला प्रशासन और सभी सुरक्षा एजेंसियां तत्काल अलर्ट मोड में आ गईं। संवेदनशील सरकारी परिसरों और शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जबकि पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, धमकी भरा ईमेल ग्रामीण विकास विभाग के आधिकारिक ईमेल पते पर प्राप्त हुआ। ईमेल में दावा किया गया कि निर्धारित समय पर सचिवालय, मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास को निशाना बनाया जाएगा। ईमेल मिलने के बाद विभाग के अधिकारियों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को दी।

ईमेल में दी गई धमकी

ईमेल भेजने वाले अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर लिखा कि 21 जुलाई को दोपहर 3:11 बजे सबसे पहले सचिवालय में विस्फोट होगा, जबकि रात 9:11 बजे मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास को बम से उड़ाया जाएगा

इसके अलावा राजधानी के चार स्कूलों को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई, जिससे अभिभावकों, छात्रों और प्रशासन के बीच चिंता का माहौल बन गया।

हालांकि, पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।

मंगलवार सुबह मिला ईमेल

जानकारी के अनुसार, यह ईमेल मंगलवार सुबह लगभग 7:57 बजे ग्रामीण विकास विभाग के ईमेल पर प्राप्त हुआ।

ईमेल देखने के बाद विभागीय अधिकारियों ने बिना देरी किए उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया।

संयुक्त सचिव ने दर्ज कराई शिकायत

ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव रवि कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर और तकनीकी जांच शुरू कर दी है। ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियां हुईं हाई अलर्ट

धमकी मिलने के तुरंत बाद बिहार पुलिस, विशेष शाखा, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया।

मुख्यमंत्री आवास, सचिवालय और अन्य संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रवेश द्वारों पर सघन जांच की जा रही है और आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।

विधानमंडल के मानसून सत्र के बीच बढ़ी सतर्कता

यह धमकी ऐसे समय सामने आई है जब बिहार विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है और बड़ी संख्या में मंत्री, विधायक तथा वरिष्ठ अधिकारी राजधानी में मौजूद हैं।

इसी कारण सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए विधानमंडल परिसर और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी भी बढ़ा दी है।

डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता कर रहा जांच

धमकी के बाद डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता को विभिन्न संवेदनशील परिसरों की जांच के लिए तैनात किया गया।

टीमें भवनों, पार्किंग क्षेत्रों, प्रवेश द्वारों और सार्वजनिक स्थानों की गहन तलाशी ले रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते समाप्त किया जा सके।

अब तक की जांच में किसी संदिग्ध वस्तु की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

साइबर जांच पर विशेष जोर

चूंकि धमकी ईमेल के माध्यम से भेजी गई है, इसलिए साइबर विशेषज्ञ भी जांच में जुट गए हैं।

ईमेल का स्रोत, आईपी एड्रेस, सर्वर लोकेशन और अन्य डिजिटल तकनीकी विवरणों की जांच की जा रही है ताकि संदेश भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान की जा सके।

यदि आवश्यकता हुई तो राष्ट्रीय स्तर की जांच एजेंसियों की तकनीकी सहायता भी ली जा सकती है।

अफवाहों से बचने की अपील

पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें।

यदि किसी को कोई संदिग्ध वस्तु, गतिविधि या व्यक्ति दिखाई देता है तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम या स्थानीय थाना को सूचना दें।

संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई गई

धमकी के मद्देनजर मुख्यमंत्री आवास, सचिवालय, सरकारी कार्यालयों, प्रमुख विद्यालयों और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है।

अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा जांच को और अधिक मजबूत किया गया है।

विशेषज्ञों की राय

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की धमकियों को कभी भी हल्के में नहीं लिया जाता।

भले ही कई मामलों में ऐसी धमकियां फर्जी साबित होती हैं, लेकिन प्रत्येक सूचना की गंभीरता से जांच करना सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी होती है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

जांच जारी, प्रशासन सतर्क

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से चल रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ईमेल भेजने वाले की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

साथ ही सभी संबंधित विभागों को आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री आवास, सचिवालय और चार स्कूलों को बम से उड़ाने की ईमेल के माध्यम से मिली धमकी ने बिहार की सुरक्षा व्यवस्था को अलर्ट मोड में ला दिया है। पुलिस, साइबर विशेषज्ञ, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। संवेदनशील सरकारी भवनों और शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जबकि ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए तकनीकी जांच जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हर पहलू की गंभीरता से जांच की जाएगी और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।