तेजस्वी यादव पर बीजेपी सांसद का बड़ा हमला, बोले- 'भ्रष्ट ठेकेदार रिशु श्री से हैं अच्छे संबंध', कमीशनखोरी पर भी उठाए सवाल
पटना। बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। आगामी चुनावी माहौल के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बीच जुबानी जंग और अधिक तीखी हो गई है। इसी कड़ी में बीजेपी के एक सांसद ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। सांसद ने दावा किया कि कथित भ्रष्ट ठेकेदार रिशु श्री के साथ तेजस्वी यादव के अच्छे संबंध रहे हैं। साथ ही उन्होंने राजद नेताओं से सवाल किया कि वे पहले यह स्पष्ट करें कि उनके सत्ता में रहने के दौरान विभिन्न योजनाओं में कितना कमीशन लिया गया था।
बीजेपी सांसद के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, जबकि जनता के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
रिशु श्री से संबंधों को लेकर लगाए आरोप
बीजेपी सांसद ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जिस ठेकेदार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते रहे हैं, उसके साथ तेजस्वी यादव के संबंध किसी से छिपे नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी भ्रष्टाचार और सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं की बात सामने आती है, तब राजद के नेता जवाब देने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी करने लगते हैं।
सांसद ने कहा कि अगर राजद खुद को ईमानदार साबित करना चाहता है तो उसे सबसे पहले इन आरोपों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता जानना चाहती है कि आखिर ऐसे लोगों से विपक्षी नेताओं के क्या संबंध रहे हैं और उन्हें राजनीतिक संरक्षण क्यों मिलता रहा।
कमीशनखोरी पर भी साधा निशाना
बीजेपी सांसद ने अपने बयान में कमीशनखोरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राजद नेताओं को भाजपा पर आरोप लगाने से पहले यह बताना चाहिए कि जब उनकी सरकार थी, तब विकास योजनाओं में कितना कमीशन लिया गया।
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता पिछले कई वर्षों से भ्रष्टाचार के मुद्दे को देखती आ रही है। सड़क निर्माण, भवन निर्माण, सिंचाई, शिक्षा और अन्य सरकारी योजनाओं में किस प्रकार कमीशनखोरी होती थी, यह किसी से छिपा नहीं है। सांसद ने आरोप लगाया कि जनता के पैसे का दुरुपयोग किया गया और विकास कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित हुई।
उन्होंने कहा कि आज जब भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई हो रही है तो विपक्ष बेचैन नजर आ रहा है। इसलिए जनता का ध्यान भटकाने के लिए नए-नए आरोप लगाए जा रहे हैं।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घिरी विपक्ष की राजनीति
बीजेपी सांसद ने कहा कि विपक्ष लगातार भ्रष्टाचार के मामलों पर सरकार को घेरने की कोशिश करता है, लेकिन जब उसके अपने नेताओं पर सवाल उठते हैं तो वह जवाब देने से बचता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण है। यदि किसी नेता पर आरोप लगते हैं तो उसे तथ्यों के साथ जवाब देना चाहिए। केवल राजनीतिक बयान देकर जनता को भ्रमित नहीं किया जा सकता।
सांसद ने दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही हैं। यदि किसी भी व्यक्ति ने सरकारी धन का दुरुपयोग किया है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
चुनावी माहौल में तेज हुई बयानबाजी
बिहार में विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर हमले तेज कर दिए हैं। बीजेपी लगातार राजद के शासनकाल को भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी से जोड़कर जनता के बीच मुद्दा बना रही है। वहीं राजद भी मौजूदा सरकार पर विभिन्न मामलों को लेकर सवाल उठाता रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव नजदीक आने के साथ इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप और अधिक बढ़ सकते हैं। दोनों प्रमुख गठबंधन जनता के बीच अपनी-अपनी राजनीतिक धार मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
जनता के सामने पारदर्शिता की मांग
बीजेपी सांसद ने कहा कि जनता अब पहले की तरह केवल राजनीतिक भाषणों से संतुष्ट नहीं होती। लोग यह जानना चाहते हैं कि उनके टैक्स का पैसा किस तरह खर्च हुआ और विकास योजनाओं में कितनी पारदर्शिता रही।
उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के नेता खुद को बेदाग बताते हैं तो उन्हें सभी आरोपों पर खुलकर जवाब देना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास उनके खिलाफ भी कोई तथ्यात्मक प्रमाण हैं तो उन्हें भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
राजद की प्रतिक्रिया का इंतजार
बीजेपी सांसद के इन आरोपों के बाद अब राजनीतिक हलकों की नजर राजद की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। संभावना है कि पार्टी की ओर से इन आरोपों का जवाब दिया जाएगा और बीजेपी पर पलटवार भी किया जा सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे बयान चुनावी रणनीति का हिस्सा भी होते हैं, जिनके जरिए राजनीतिक दल अपने समर्थकों को संदेश देने की कोशिश करते हैं। हालांकि किसी भी आरोप की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों या न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही हो सकती है।
राजनीतिक माहौल हुआ गरम
बीजेपी सांसद के इस बयान ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर भ्रष्टाचार और कथित कमीशनखोरी के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है। एक ओर सांसद ने तेजस्वी यादव और राजद पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष की ओर से इन आरोपों का जवाब आना अभी बाकी है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बन सकता है। फिलहाल बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और दोनों पक्ष एक-दूसरे को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
(नोट: यह समाचार उपलब्ध दावों और राजनीतिक बयान के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें लगाए गए आरोप संबंधित नेता का पक्ष हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का जवाब सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।)