डीएम और पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश

पटना: बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) पर अवैध रूप से वाहनों की पार्किंग और सड़क किनारे खड़े किए जाने की समस्या पर अब सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में राज्य सरकार ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों (डीएम), पुलिस अधीक्षकों (एसपी) और संबंधित विभागों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों को अवैध पार्किंग से मुक्त कर सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाना और दुर्घटनाओं में कमी लाना है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान एनएच पर नियमों का उल्लंघन कर खड़े किए गए ट्रक, बस, ट्रैक्टर, ट्रेलर, डंपर और अन्य व्यावसायिक वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे वाहनों को जब्त किया जाएगा, जुर्माना लगाया जाएगा और संबंधित वाहन मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का होगा पालन

राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनियंत्रित पार्किंग और उससे होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में बिहार सरकार ने सभी जिलों को विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया है।

अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात को सुचारु और सुरक्षित बनाए रखना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

सभी जिलों में चलेगा विशेष अभियान

राज्य सरकार के निर्देश के बाद प्रत्येक जिले में प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जुड़े अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई जाएगी।

ये टीमें नियमित रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों का निरीक्षण करेंगी और जहां कहीं भी सड़क पर अवैध रूप से वाहन खड़े पाए जाएंगे, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रही अवैध पार्किंग

विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर बिना किसी चेतावनी संकेत के सड़क किनारे खड़े भारी वाहन अक्सर गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।

रात के समय दृश्यता कम होने के कारण तेज गति से चलने वाले वाहन अचानक खड़े ट्रकों या अन्य वाहनों से टकरा जाते हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होता है।

इसी कारण सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ लंबे समय से अवैध पार्किंग पर प्रभावी नियंत्रण की मांग कर रहे थे।

ट्रक और व्यावसायिक वाहन रहेंगे विशेष निगरानी में

अभियान के दौरान विशेष रूप से उन ट्रकों और व्यावसायिक वाहनों पर नजर रखी जाएगी जो ढाबों, पेट्रोल पंपों, बाजारों या अन्य स्थानों के सामने सड़क पर ही लंबे समय तक खड़े रहते हैं।

यदि वाहन निर्धारित पार्किंग स्थल के बजाय राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़ा पाया जाता है, तो संबंधित चालक और मालिक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पार्किंग व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर

सरकार केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि सुरक्षित और व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था विकसित करने पर भी ध्यान दे रही है।

जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे उपयुक्त स्थानों पर ट्रकों और अन्य बड़े वाहनों के लिए वैकल्पिक पार्किंग स्थलों की पहचान की जाए।

इससे चालकों को सुरक्षित स्थान पर वाहन खड़ा करने की सुविधा मिलेगी और सड़क पर अव्यवस्था कम होगी।

परिवहन विभाग करेगा निगरानी

परिवहन विभाग के अधिकारी भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। वे वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस, परमिट और अन्य आवश्यक नियमों की भी जांच करेंगे।

यदि किसी वाहन में अन्य प्रकार की अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो मोटर वाहन अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर क्रेन की मदद से सड़क पर खड़े वाहनों को हटाया जाएगा।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभियान केवल एक-दो दिन का नहीं होगा, बल्कि इसे नियमित रूप से चलाया जाएगा ताकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनुशासन बना रहे।

सड़क सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राष्ट्रीय राजमार्गों से अवैध पार्किंग पूरी तरह समाप्त हो जाती है, तो सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।

इससे एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन और अन्य आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी अधिक सुगम होगी।

वाहन चालकों से नियमों का पालन करने की अपील

प्रशासन ने ट्रक चालकों, बस संचालकों और अन्य वाहन मालिकों से अपील की है कि वे केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें और सड़क पर वाहन खड़ा करने से बचें।

वाहन चालकों को यह भी सलाह दी गई है कि यदि किसी कारणवश वाहन रोकना आवश्यक हो, तो उसे सड़क से सुरक्षित दूरी पर खड़ा करें और आवश्यक चेतावनी संकेतों का उपयोग करें।

जनजागरूकता अभियान भी चलेगा

कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।

परिवहन विभाग और पुलिस वाहन चालकों को बताएंगे कि सड़क पर अवैध पार्किंग से न केवल उनकी बल्कि अन्य लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।

आधुनिक तकनीक का होगा उपयोग

अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जा सकता है।

जहां आवश्यक होगा, वहां नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तत्काल कार्रवाई हो सके।

सरकार का संदेश स्पष्ट

राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़क सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध पार्किंग के खिलाफ अभियान पूरी गंभीरता से चलाया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

यदि यह अभियान प्रभावी ढंग से लागू होता है, तो बिहार के राष्ट्रीय राजमार्ग अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु यातायात वाले मार्ग बन सकते हैं। साथ ही, यह सड़क सुरक्षा के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता का भी महत्वपूर्ण उदाहरण होगा।