शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार और अग्निवीर दानिश आलम की शहादत से बिहार गमगीन, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

पटना/जहानाबाद/भोजपुर: असम के जोरहाट एयरबेस पर हुए भारतीय वायुसेना के AN-32 विमान हादसे में शहीद हुए बिहार के दो वीर सपूतों—जहानाबाद के फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार और भोजपुर के अग्निवीर दानिश आलम—का पार्थिव शरीर रविवार को विशेष विमान से बिहटा एयरफोर्स स्टेशन पहुंचा। जैसे ही दोनों जांबाजों के पार्थिव शरीर सैन्य सम्मान के साथ धरती पर उतरे, वहां मौजूद हर आंख नम हो गई।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद दोनों शहीदों के पार्थिव शरीरों को उनके पैतृक गांवों के लिए रवाना किया गया। रास्ते में जगह-जगह हजारों की संख्या में खड़े लोगों ने 'भारत माता की जय' और 'शहीद शुभम-दानिश अमर रहें' के गगनभेदी नारों के साथ पुष्पवर्षा की और तिरंगा लहराकर वीर सपूतों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

"मम्मी, हम मिशन पर जा रहे हैं..." — आखिरी बातचीत में कहा था शुभम ने

जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड स्थित बनवरिया गांव निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार के घर में इस समय कोहराम मचा हुआ है। शुभम की मां पूनम देवी ने सुबकते हुए बताया कि शनिवार की सुबह ही बेटे का फोन आया था।

"उसने वीडियो कॉल पर कहा था— 'मम्मी, हम एक मिशन पर जा रहे हैं, आप अपना ख्याल रखिएगा।' मुझे ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि मेरे बच्चे से यह मेरी आखिरी बातचीत होगी।"

शुभम बीते 29 मई को ही अपनी छुट्टियां बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे। मां ने रोते हुए कहा कि अगर उन्हें जरा भी आभास होता, तो वह अपने कलेजे के टुकड़े को वापस नहीं जाने देतीं।

टूट गए शादी के अरमान पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, शुभम की शादी पहले पिछले साल दिसंबर में तय हुई थी, लेकिन घर में दादी के आकस्मिक निधन के कारण उसे टाल दिया गया था। इसके बाद होली के बाद शादी करने की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन शहनाई बजने से पहले ही घर में मातम पसर गया।

दोस्त ने कहा- "दानिश का सपना ही देश सेवा था"

भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड अंतर्गत कमरियांव गांव के रहने वाले शहीद अग्निवीर दानिश आलम के घर और पूरे इलाके में शोक की लहर है। दानिश के बचपन के मित्र विश्वजीत तिवारी ने उन्हें याद करते हुए कहा:

"दानिश बचपन से ही बेहद मिलनसार, अनुशासित और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत थे।"

"भारतीय सेना में जाकर देश की सेवा करना उनका एकमात्र सपना था।"

"आज दानिश ने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। हमें उनके जाने का गहरा दुख है, लेकिन पूरे क्षेत्र को उनकी शहादत पर गर्व है। उनकी वीरता युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणा रहेगी।"

जोरहाट एयरबेस हादसे में गंवाई जान

उल्लेखनीय है कि असम के जोरहाट एयरबेस पर वायुसेना का AN-32 परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें भारतीय वायुसेना के 5 कर्मियों ने अपनी जान गंवा दी। इनमें बिहार के ये दोनों जांबाज भी शामिल थे।

शहीदों की अंतिम यात्रा के दौरान पूरे प्रशासनिक अमले और स्थानीय नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। बिहार सरकार और सैन्य अधिकारियों ने शहीदों के परिवारों को ढाढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया है। पूरा बिहार आज अपने इन वीर सपूतों के सर्वोच्च बलिदान को नमन कर रहा है।