मानसून की बेरुखी और उमस भरी गर्मी से बेहाल भागलपुर बारिश की प्रतीक्षा में थमी शहर की रफ्तार

भागलपुर: पूरे देश में मानसून की सक्रियता के बावजूद भागलपुर और इसके आसपास के इलाकों में इंद्रदेव की बेरुखी साफ देखी जा रही है। जुलाई का दूसरा सप्ताह शुरू हो चुका है, लेकिन भागलपुर में झमाझम बारिश का अभी भी इंतजार है। पिछले कुछ दिनों से आसमान में बादल तो छा रहे हैं, लेकिन वे बिन बरसे ही गुजर जाते हैं, जिससे शहर में उमस और गर्मी का आलम चरम पर है।

गर्मी और उमस से आमजन का हाल बेहाल

जुलाई के महीने में अमूमन गलियां और सड़कें पानी से सराबोर रहती थीं, लेकिन इस साल मौसम का मिजाज बिल्कुल जुदा है। 7 जुलाई तक के मौसम आंकड़ों पर गौर करें तो भागलपुर में औसत से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। उमस इतनी अधिक है कि दोपहर होते-होते बाहर निकलना दूभर हो जाता है।

स्थानीय मौसम केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों में तापमान में मामूली गिरावट के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिली है। हवा में नमी की उच्च मात्रा और बादलों की आवाजाही के बीच धूप का तीखापन शरीर को झुलसाने वाला महसूस हो रहा है। दिन का अधिकतम तापमान 33-35 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि रातें भी उतनी ही घुटन भरी गुजर रही हैं।

किसानों की बढ़ती चिंता

भागलपुर का एक बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है। धान की बुआई का यह सबसे महत्वपूर्ण समय है, लेकिन पर्याप्त बारिश न होने से खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं। किसानों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो खरीफ फसल के लक्ष्य को पूरा करना मुश्किल हो जाएगा। बिजली आधारित पंपसेटों पर निर्भरता बढ़ गई है, जिससे खेती की लागत भी बढ़ रही है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

भारतीय मौसम विभाग (IMD) की मानें तो बिहार के अन्य हिस्सों की तुलना में भागलपुर में फिलहाल मानसून की सक्रियता थोड़ी धीमी है। 8 से 13 जुलाई के बीच विभाग ने आसमान में बादलों के डेरा डालने और एक-दो बार हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। हालांकि, किसी बड़े चक्रवाती प्रभाव या भारी बारिश की चेतावनी फिलहाल भागलपुर के लिए जारी नहीं की गई है, जो यह दर्शाता है कि मानसून की असली मेहरबानी अभी कुछ और समय ले सकती है।

क्यों हो रही ऐसी स्थिति?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure Area) की दिशा में बदलाव का असर बिहार के इस हिस्से पर पड़ा है। मानसून की उत्तरी सीमा में राजस्थान और पंजाब की ओर अधिक झुकाव होने के कारण, बिहार के मैदानी इलाकों में नमी वाली हवाओं का प्रवाह थोड़ा धीमा हो गया है। इसी कारण बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं हो पा रही है।

शहरवासियों की उम्मीदें

हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2-3 दिनों में स्थिति में सुधार हो सकता है और शहर में कहीं-कहीं मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। बिजली की गड़गड़ाहट के साथ होने वाली बौछारें ही इस उमस भरी गर्मी से एकमात्र राहत दिला सकती हैं। शहर के लोग अब केवल बादलों के गरजने का नहीं, बल्कि बरसने का इंतजार कर रहे हैं ताकि गंगा के तटीय इलाकों में भी राहत की फुहारें पहुँच सकें।

भागलपुर में मानसून की इस देरी ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि कृषि अर्थव्यवस्था के लिए भी एक चुनौती खड़ी कर दी है। आने वाला एक सप्ताह भागलपुर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। यदि मानसून की सक्रियता बढ़ती है, तो निश्चित रूप से शहरवासियों को इस भीषण उमस से राहत मिलेगी। तब तक, लोगों को गर्मी और उमस के इस थका देने वाले दौर से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।