दानापुर मंडल में विकासात्मक कार्यों के चलते भागलपुर-अजमेर एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रहेंगी निरस्त, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
भागलपुर (संवाद सूत्र): भारतीय रेलवे द्वारा लगातार यात्री सुविधाओं के विस्तार, पटरियों के दोहरीकरण और आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसी कड़ी में पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल के अंतर्गत विभिन्न स्टेशनों पर नॉन-इंटरलॉकिंग (Non-Interlocking Work) और प्री-नॉन-इंटरलॉकिंग का कार्य किया जाना तय हुआ है। इस तकनीकी और विकास कार्य के कारण रेल प्रशासन ने सुरक्षा और संरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए भागलपुर से गुजरने वाली और यहाँ से खुलने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनों के परिचालन को अस्थायी रूप से रद्द (निरस्त) करने का निर्णय लिया है। रेलवे के इस फैसले से जहां एक ओर रेल नेटवर्क के आधुनिकीकरण का मार्ग प्रशस्त होगा, वहीं दूसरी ओर आगामी यात्रा योजनाओं को लेकर यात्रियों की मुश्किलें थोड़ी जरूर बढ़ गई हैं।
भागलपुर-अजमेर और अजमेर-भागलपुर एक्सप्रेस रहेंगी पूरी तरह रद्द
दानापुर मंडल में चल रहे इस तकनीकी कार्य के कारण सबसे प्रमुख असर लोकप्रिय लंबी दूरी की ट्रेन पर पड़ा है:
भागलपुर-अजमेर एक्सप्रेस (09623/09624 या संबंधित फेरे): रेलवे अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भागलपुर और अजमेर के बीच चलने वाली महत्वपूर्ण साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेनें आगामी 24 सितंबर और 01 अक्टूबर को अपने निर्धारित तिथियों पर पूरी तरह निरस्त रहेंगी।
दोनों दिशाओं में सेवा प्रभावित: यह ट्रेन न केवल भागलपुर से अजमेर जाने वाले यात्रियों के लिए बल्कि वापसी दिशा (अजमेर से भागलपुर) में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी इन चुनिंदा तारीखों पर उपलब्ध नहीं होगी। इस रूट के यात्रियों को अब वैकल्पिक ट्रेनों या अन्य माध्यमों से अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करना होगा।
क्यों जरूरी है नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य?
अक्सर यात्रियों के मन में यह सवाल उठता है कि इस प्रकार के विकास कार्यों के दौरान ट्रेनों को क्यों रद्द किया जाता है, तो इसके पीछे रेलवे की तकनीकी और सुरक्षा संबंधी मजबूरियां होती हैं:
सिग्नलिंग प्रणाली का आधुनिकीकरण: नॉन-इंटरलॉकिंग वह प्रक्रिया है जिसके तहत पुराने मैकेनिकल सिग्नलिंग सिस्टम को अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम से बदला जाता है। इससे भविष्य में ट्रेनों के आवागमन की गति बढ़ती है और हादसों की गुंजाइश लगभग नगण्य हो जाती है।
यात्री सुरक्षा और ट्रेन पंक्चुअलिटी: रेलवे का मानना है कि इन अल्पावधि के तकनीकी रुकावटों और कैंसिलेशन से दीर्घकाल में ट्रेनों की लेटलतीफी से मुक्ति मिलेगी और रेल परिचालन अधिक सुरक्षित तथा सुचारू हो पाएगा।
यात्रियों की सुविधा और रिफंड की व्यवस्था: रेलवे का विशेष फोकस
ट्रेनों के अचानक निरस्त होने से यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए रेलवे प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है:
समय पर सूचना और प्रचार: रेलवे की ओर से विभिन्न माध्यमों (जैसे एसएमएस अलर्ट, मीडिया विज्ञप्ति और स्टेशन घोषणाओं के जरिए) यात्रियों को यात्रा तिथियों की जानकारी समय से पहले दी जा रही है, ताकि किसी भी यात्री को स्टेशन पर पहुँचने के बाद परेशानी का सामना न करना पड़े।
पूर्ण किराया वापसी (Full Refund): जिन यात्रियों ने 24 सितंबर और 01 अक्टूबर को रद्द रहने वाली ट्रेनों में अपनी अग्रिम टिकट बुक करा रखी थी, वे रेलवे के नियमों के अनुसार पीआरएस काउंटर या IRCTC पोर्टल के जरिए अपने टिकट का पूरा पैसा (Full Refund) वापस प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं काटा जाएगा।
यात्रियों के लिए सलाह और वैकल्पिक व्यवस्था
इस अवधि के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह आवश्यक है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की पूरी जानकारी प्राप्त कर लें:
हेल्पलाइन नंबर का उपयोग: यात्री किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए रेलवे के अधिकृत पूछताछ नंबर '139' पर कॉल करके या 'NTES' ऐप के माध्यम से ट्रेनों के लाइव स्टेटस की जांच कर लें।
वैकल्पिक मार्ग का चयन: चूंकि भागलपुर से राजस्थान या अजमेर की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए यह सीधी ट्रेन कुछ दिनों के लिए बाधित रहेगी, इसलिए वे पटना या अन्य जंक्शनों से गुजरने वाली वैकल्पिक एक्सप्रेस ट्रेनों में अपनी सीटों की उपलब्धता देख सकते हैं।
दानापुर मंडल में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के चलते भागलपुर-अजमेर एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों का निरस्त होना यात्रियों के लिए कुछ समय के लिए परेशानी का सबब जरूर बन सकता है, लेकिन यह रेलवे के तकनीकी विकास और सुरक्षित यात्रा के दृष्टिकोण से एक अत्यंत आवश्यक कदम है। रेलवे प्रशासन द्वारा दी जा रही समय पर सूचना और रिफंड की पारदर्शी व्यवस्था से यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। यात्रियों से अपील की जाती है कि वे रेलवे के दिशा-निर्देशों का पालन करें और अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेनों की अद्यतन स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें।