पटना से सटे खुसरूपुर के श्रीगौरीशंकर बैकुंठनाथ मंदिर में नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास का आरोप, मंदिर कर्मचारी पर गंभीर आरोप; CCTV फुटेज के आधार पर जांच तेज
पटना। पटना जिले से सटे खुसरूपुर स्थित प्रसिद्ध श्रीगौरीशंकर बैकुंठनाथ मंदिर में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। आरोप है कि मंदिर परिसर के अंदर कार्यरत एक कर्मचारी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। घटना का कथित वीडियो मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है। मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
घटना के बाद स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।
मंदिर परिसर में हुई कथित घटना
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब नाबालिग लड़की मंदिर परिसर में मौजूद थी। आरोप है कि मंदिर के एक कर्मचारी ने उसे अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी कथित रूप से वहां से भाग गया।
घटना की जानकारी परिजनों और स्थानीय लोगों को मिलने के बाद मामला तेजी से फैल गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और अधिकारियों ने तत्काल जांच शुरू कर दी।
CCTV फुटेज बना जांच का अहम आधार
बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में घटना से जुड़े कुछ दृश्य रिकॉर्ड हुए हैं। पुलिस ने संबंधित फुटेज को अपने कब्जे में लेकर उसकी तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि फुटेज में क्या दिखाई दे रहा है और क्या वह आरोपों की पुष्टि करने में सहायक है। यदि फुटेज जांच में प्रमाणिक पाया जाता है, तो वह मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकता है।
आरोपी मंदिर कर्मचारी पर गंभीर आरोप
पीड़ित पक्ष ने मंदिर में कार्यरत एक कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण (POCSO) कानून के तहत कठोर धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंदिर परिसर का मुआयना किया तथा वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की।
पुलिस पीड़िता और उसके परिजनों के बयान दर्ज कर रही है। साथ ही मंदिर कर्मचारियों, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
POCSO कानून के तहत कार्रवाई की संभावना
चूंकि मामला एक नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए जांच एजेंसियां इसे अत्यंत संवेदनशीलता के साथ देख रही हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपी के खिलाफ POCSO Act के प्रावधानों के तहत भी मामला दर्ज किया जा सकता है, जिसमें बच्चों के विरुद्ध लैंगिक अपराधों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पीड़ित की पहचान गोपनीय रखना और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना कानूनन आवश्यक है।
श्रद्धालुओं में आक्रोश
मंदिर जैसे धार्मिक स्थल में इस प्रकार के आरोप सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
कई सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि मंदिर प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करे और परिसर में कार्यरत कर्मचारियों का सत्यापन नियमित रूप से कराया जाए।
मंदिर प्रशासन की भूमिका भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा संबंधी क्या व्यवस्थाएं की थीं और घटना के बाद क्या कदम उठाए गए।
यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
विशेषज्ञों ने जताई चिंता
बाल अधिकार और महिला सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक स्थल, विद्यालय, सार्वजनिक संस्थान या कोई भी स्थान बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित जांच, निष्पक्ष कार्रवाई और पीड़ित को कानूनी एवं मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही लोगों से यह भी आग्रह किया गया है कि यदि किसी के पास घटना से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण जानकारी या वीडियो हो तो उसे जांच एजेंसियों के साथ साझा करें।
खुसरूपुर के श्रीगौरीशंकर बैकुंठनाथ मंदिर में नाबालिग से कथित दुष्कर्म के प्रयास का मामला बेहद संवेदनशील है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज सहित उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर पुलिस जांच पर टिकी है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो आरोपी के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता की ओर ध्यान आकर्षित करती है।