उधारी के पैसे मांगना गैरेज संचालक को पड़ा भारी, धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या का प्रयास; गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती, इलाके में फैली सनसनी

बिहार के पूर्णिया जिले के एक संवेदनशील इलाके से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद खौफनाक और दहला देने वाली वारदात सामने आ रही है। जिले के व्यस्त और संवेदनशील केहाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक गैरेज संचालक पर केवल इसलिए कातिलाना हमला कर दिया गया, क्योंकि उसने अपने उधार दिए गए पैसे वापस लौटाने की मांग की थी। मामूली सी बात को लेकर हुए इस विवाद ने इतना खौफनाक रूप ले लिया कि दबंगों ने गैरेज संचालक का धारदार हथियार से गला रेत दिया और उसे लहूलुहान अवस्था में छोड़कर मौके से फरार हो गए। इस सनसनीखेज घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

क्या थी पूरी घटना और कैसे हुआ खूनी हमला?

प्राप्त विस्तृत विवरण और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित व्यक्ति केहाट थाना क्षेत्र के भीतर अपना एक मोटर गैरेज संचालित करता है। उसने कुछ लोगों को अपने व्यवसाय या आपसी लेन-देन के सिलसिले में कुछ पैसे उधार दिए थे। पिछले कुछ दिनों से वह लगातार उन उधारकर्ताओं से अपने पैसे वापस लौटाने का आग्रह कर रहा था।

रविवार या सोमवार को इसी बात को लेकर उधारी चुकाने के बजाय आरोपी पक्ष आगबबूला हो गया। पीड़ित और आरोपियों के बीच पैसे के लेन-देन को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। बहस इतनी बढ़ी कि आरोपियों ने गुस्से में आकर अपना आपा खो दिया और सुनियोजित तरीके से एक धारदार हथियार (चाकू या गड़ासा) निकाल लिया। इससे पहले कि गैरेज संचालक कुछ समझ पाता, हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया और बेरहमी से उसका गला रेत दिया।

लहूलुहान हालत में सड़क पर गिरा संचालक, मची अफरा-तफरी

धारदार हथियार के इस अचानक और घातक हमले से गैरेज संचालक गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही खून का फव्वारा छूट गया। खून से लथपथ तड़पते हुए संचालक को देखकर आसपास के दुकानदारों और राहगीरों के होश उड़ गए। घटना स्थल पर अफरा-तफरी मच गई।

घटना की भनक लगते ही हमलावर मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। तुरंत स्थानीय लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए पुलिस को सूचना दी और बिना एक पल गंवाए गंभीर रूप से घायल गैरेज संचालक को इलाज के लिए पूर्णिया सदर अस्पताल या नजदीकी मेडिकल कॉलेज में पहुँचाया। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक खून बह जाने और गले पर गहरे घाव होने के कारण उसकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और उसका आईसीयू में इलाज चल रहा है।

केहाट थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच-पड़ताल

घटना की सूचना मिलते ही केहाट थाना की पुलिस पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और खून के निशानों व अन्य साक्ष्यों को एकत्र किया।

दर्ज हुआ मामला: पुलिस ने परिजनों के बयान और शुरुआती सबूतों के आधार पर हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी: केहाट थाना अध्यक्ष का कहना है कि पुलिस आरोपियों की पहचान कर चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए शहर के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी हमलावर कानून की गिरफ्त में होंगे।

पैसे के लेन-देन में बढ़ती हिंसा पर उठ रहे गंभीर सवाल

पूर्णिया के केहाट थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ती असहिष्णुता और आपराधिक प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आज के समय में लोग मामूली सी उधारी के पैसे चुकाने के बजाय खून-खराबे पर उतर आ रहे हैं। इस प्रकार की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि असामाजिक तत्वों के दिलों में कानून का खौफ किस हद तक समाप्त हो चुका है।

पीड़ित परिवार और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस घटना में शामिल मुख्य आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में इस तरह की दुस्साहसिक वारदातों की पुनरावृत्ति न हो सके। केहाट थाना क्षेत्र की यह खौफनाक वारदात लंबे समय तक लोगों के जेहन में एक खौफनाक सबक बनकर याद रखी जाएगी।