पटना सिविल कोर्ट के बाद मनेर पासपोर्ट सेवा कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल मिलते ही मचा हड़कंप; जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

पटना: राजधानी पटना में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद अब जिले के मनेर स्थित उप डाकघर परिसर में संचालित पासपोर्ट सेवा कार्यालय को भी बम से उड़ाने की धमकी मिलने से पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। धमकी भरा ईमेल सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। एहतियात के तौर पर पूरे डाकघर परिसर को खाली करा दिया गया और पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी।

प्रशासन के अनुसार, फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ईमेल किसने भेजा, उसका उद्देश्य क्या था और क्या धमकी वास्तविक है या केवल अफवाह फैलाने की कोशिश। जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है।

आधिकारिक ईमेल पर मिला धमकी भरा संदेश

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, डाक अधीक्षक (पासपोर्ट) के आधिकारिक ईमेल पते पर दोपहर के समय एक धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ।

ईमेल में दावा किया गया कि "हमारे पैगंबर का अपमान किया गया है, इसलिए डाकघर परिसर में साइनाइड गैस छोड़ी जाएगी और कार्यालय को आरडीएक्स से उड़ा दिया जाएगा।"

ईमेल की भाषा और उसमें किए गए दावों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने तत्काल उच्च अधिकारियों और पुलिस को इसकी सूचना दी।

तत्काल खाली कराया गया परिसर

धमकी की सूचना मिलते ही प्रशासन ने बिना कोई जोखिम उठाए पूरे उप डाकघर और पासपोर्ट सेवा कार्यालय परिसर को तुरंत खाली करा दिया।

कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों, पासपोर्ट सेवाओं के लिए आए आवेदकों और अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। कुछ समय के लिए कार्यालय का काम भी रोक दिया गया ताकि सुरक्षा जांच पूरी की जा सके।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हुईं सक्रिय

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वाड तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं।

पूरे परिसर की बारीकी से तलाशी ली गई। भवन के प्रत्येक हिस्से, कमरों, पार्किंग क्षेत्र और आसपास के स्थानों की जांच की गई ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु की पहचान की जा सके।

सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया।

ईमेल की तकनीकी जांच शुरू

पुलिस की साइबर टीम धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुट गई है।

तकनीकी विशेषज्ञ ईमेल के आईपी एड्रेस, सर्वर, डोमेन और अन्य डिजिटल जानकारियों का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदेश कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन व्यक्ति या समूह हो सकता है।

यदि ईमेल किसी फर्जी पहचान या विदेशी सर्वर से भेजा गया है, तो जांच एजेंसियां संबंधित संस्थाओं की मदद भी ले सकती हैं।

सरफिरे की करतूत होने की भी आशंका

प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस इस संभावना से भी इनकार नहीं कर रही कि यह किसी शरारती या मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति की हरकत हो सकती है।

हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि किसी भी धमकी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। इसलिए जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, हर पहलू की गंभीरता से जांच की जाएगी।

हाल के दिनों में बढ़ी ऐसी घटनाएं

हाल के समय में देश के विभिन्न हिस्सों में स्कूलों, अस्पतालों, अदालतों, हवाई अड्डों और सरकारी कार्यालयों को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकियां मिलने की घटनाएं सामने आई हैं।

जांच में कई मामलों में ये धमकियां फर्जी साबित हुईं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हर सूचना को गंभीरता से लेकर पूरी जांच करती हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

पासपोर्ट सेवा पर पड़ा असर

धमकी के बाद सुरक्षा जांच पूरी होने तक पासपोर्ट सेवा कार्यालय का सामान्य कामकाज प्रभावित रहा।

पासपोर्ट बनवाने और दस्तावेज सत्यापन के लिए पहुंचे लोगों को कुछ समय तक इंतजार करना पड़ा। अधिकारियों ने आवेदकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

प्रशासन ने लोगों से की अपील

जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध गतिविधि, वस्तु या सूचना मिलती है तो वह तुरंत पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करे।

सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत

घटना के बाद मनेर क्षेत्र के महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

साइबर अपराध के खिलाफ सख्ती

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की धमकी भरे ईमेल न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि सरकारी संसाधनों और सुरक्षा एजेंसियों का समय भी व्यर्थ करते हैं।

ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ भारतीय कानून के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोषी की पहचान होने पर उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पटना सिविल कोर्ट के बाद अब मनेर स्थित पासपोर्ट सेवा कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। आधिकारिक ईमेल पर मिले धमकी भरे संदेश के बाद डाकघर परिसर को खाली कराकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस, बम निरोधक दस्ता और साइबर विशेषज्ञ मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से शांत रहने, अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह वास्तविक खतरा था या किसी शरारती तत्व द्वारा फैलाया गया डर।