एसएम कॉलेज में महिला सशक्तिकरण की अनूठी पहल; रोटरी क्लब विक्रमशिला के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय 'मुक्का मार' आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का भव्य आगाज, छात्राओं ने सीखे सुरक्षा के गुर
भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के प्रतिष्ठित सुंदरवती महिला महाविद्यालय (SM College) के ऑडिटोरियम में सोमवार को महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा, आत्मविश्वास तथा आत्मसम्मान को समर्पित एक बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। रोटरी क्लब ऑफ विक्रमशिला और रोटरी क्लब ऑफ विक्रमशिला पिंक के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय 'मुक्का मार' महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन कॉलेज की छात्राओं में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन, राष्ट्रगान और मनमोहक स्वागत गीत के साथ किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य कॉलेज की छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में अपनी रक्षा स्वयं करने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम बनाना है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ भव्य शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत एसएम कॉलेज के सभागार में गरिमामयी उपस्थिति के बीच हुई।
स्वागत गीत की प्रस्तुति: कॉलेज की सांस्कृतिक परिषद की संयोजिका अमृता प्रियदर्शी के नेतृत्व में प्रतिभाशाली छात्राओं—छोटी, रुद्राणी, ऋतुराज, भाव्या और ज्योति ने एक से बढ़कर एक सुंदर स्वागत प्रस्तुतियां दीं, जिसने उपस्थित सभी अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति: कार्यक्रम में भागलपुर की महापौर (Mayor) डॉ. बसुंधरा लाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इसके अलावा महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. डॉ. निशा झा, प्रख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वर्षा सिन्हा, अधिवक्ता मीनाक्षी कुमारी सहित रोटरी क्लब विक्रमशिला के कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य विशेष रूप से मौजूद रहे।
रेड ब्रिगेड की टीम ने दिए आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर
उद्घाटन सत्र के तुरंत बाद प्रसिद्ध 'रेड ब्रिगेड' की विशेषज्ञ प्रशिक्षक टीम ने अपना पहला प्रशिक्षण सत्र शुरू किया, जिसमें एसएम कॉलेज की सैकड़ों छात्राओं ने बढ़-चढ़कर और पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया।
व्यावहारिक प्रशिक्षण: सत्र के दौरान प्रशिक्षकों ने छात्राओं को असामाजिक तत्वों या आपातकालीन संकट के समय खुद का बचाव करने के बेहद सरल, व्यावहारिक और प्रभावी तरीकों का अभ्यास कराया।
सिक्स्थ सेंस का उपयोग: शिविर में मौजूद स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वर्षा सिन्हा ने छात्राओं को स्वास्थ्य और आत्मसम्मान के प्रति जागरूक करते हुए संकट के समय अपनी 'सिक्स्थ सेंस' (अंतःप्रज्ञा) का सही उपयोग करने की अमूल्य सलाह दी। वहीं, अधिवक्ता मीनाक्षी कुमारी ने बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों और महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न वैधानिक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।
वक्ताओं के विचार: 'मुक्का मार' अभियान केवल ट्रेनिंग नहीं, आत्मविश्वास का प्रतीक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में बेटियों को शारीरिक रूप से मजबूत और मानसिक रूप से निर्भीक होना बेहद जरूरी है:
रेड ब्रिगेड की संस्थापक ऊषा विश्वकर्मा ने संगठन के गठन और 'मुक्का मार' अभियान के मूल उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि "यह प्रशिक्षण केवल शारीरिक सुरक्षा का माध्यम भर नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं के भीतर छिपे आत्मविश्वास और आत्मसम्मान का सबसे बड़ा प्रतीक है।"
प्रोजेक्ट चेयर एवं डिस्ट्रिक्ट चेयर चन्दना चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान सामाजिक परिवेश में महिलाओं और युवतियों के लिए इस तरह के डिफेंस कैंप किसी कवच से कम नहीं हैं। यह उन्हें समाज में निडर होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
महापौर डॉ. बसुंधरा लाल ने रोटरी क्लब विक्रमशिला और कॉलेज प्रशासन के इस प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए छात्राओं से आह्वान किया कि वे किसी भी परिस्थिति में कमजोर न पड़ें और आत्मनिर्भर बनें।
प्राचार्या प्रो. डॉ. निशा झा ने कहा कि महाविद्यालय परिवार छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए हमेशा ऐसे आयोजनों को प्राथमिकता देता है और वे चाहती हैं कि हर छात्रा इन तीन दिनों में इसका पूरा लाभ उठाए।
आयोजन में इनकी रही सक्रिय भागीदारी
इस सफल और प्रेरणादायी आयोजन को मूर्त रूप देने में रोटरी क्लब ऑफ विक्रमशिला और विक्रमशिला पिंक के पदाधिकारियों का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर क्लब अध्यक्ष सुधा पांडेय, सानी, अमित आनंद, बिजॉय आनंद, नीरज कुमार, किरण गोस्वामी, बबीता साह, अंजना प्रकाश, रेणु सिंह, सिमरन सिंह, कमला साहू, बबीता भगत, मृदुला घोष, तबस्सुम परवेज, रोशनी शर्मा, लक्ष्मी सिंह और दिव्या सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
एसएम कॉलेज में शुरू हुआ यह तीन दिवसीय 'मुक्का मार' महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर केवल एक ट्रेनिंग कैंप नहीं है, बल्कि यह भागलपुर की बेटियों को सबल और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। पहले ही दिन जिस प्रकार छात्राओं ने भारी उत्साह के साथ इसमें भाग लिया, उससे यह स्पष्ट है कि यह शिविर अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में पूरी तरह सफल साबित हो रहा है और आने वाले दिनों में यह शहर की अन्य युवतियों के लिए भी एक मिसाल बनेगा।