स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और आधुनिक तकनीक का रहा अनूठा संगम, छात्रों ने सीखे सफलता के गुर
भागलपुर:शिक्षा, अनुशासन और तकनीकी नवाचार के बेहतरीन तालमेल के बीच भागलपुर इंजीनियरिंग महाविद्यालय (Bhagalpur Engineering College) में आयोजित सात दिवसीय स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम (SIP) का तीसरा दिन बेहद उत्साहवर्धक और ज्ञानवर्धक माहौल में संपन्न हुआ। नव-नामांकित छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल तकनीकी शिक्षा की जानकारी देना नहीं, बल्कि उनके समग्र विकास (Holistic Development), मानसिक स्वास्थ्य और आधुनिक तकनीक की समझ को मजबूत करना है। तीसरे दिन के विभिन्न सत्रों में स्वास्थ्य, तकनीक और उद्योग जगत की नई संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसने परिसरों की ऊर्जा को दोगुना कर दिया।
भव्य शुभारंभ और अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम के तीसरे दिन का विधिवत शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने नव-प्रवेशी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग की यह शुरुआती यात्रा आपके पूरे करियर की दिशा तय करती है। प्राचार्य ने मुख्य अतिथि एवं शहर के प्रख्यात चिकित्सक डॉ. हेम शंकर शर्मा का परिचय कराते हुए पुष्पगुच्छ और स्मृति-चिह्न भेंटकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
प्राचार्य ने विद्यार्थियों से इंडक्शन प्रोग्राम के प्रत्येक सत्र में पूरी सक्रियता के साथ भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठित विशेषज्ञों और वक्ताओं के अनुभव से मिलने वाला मार्गदर्शन भविष्य की हर चुनौती से निपटने में मददगार साबित होगा। इसके पश्चात, मानविकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. शशांक शेखर ने तीसरे दिन की रूपरेखा रखते हुए विभिन्न सत्रों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक इंजीनियर के लिए तकनीकी दक्षता के साथ-साथ मानवीय संवेदना और संतुलित जीवनशैली होना भी उतना ही आवश्यक है।
स्वस्थ शरीर और संतुलित मन पर विशेष व्याख्यान
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. हेम शंकर शर्मा ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ शरीर और शांत मन ही बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन तथा सफल व्यावसायिक जीवन की असल आधारशिला है।
नियमितचर्या और खान-पान: डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि हॉस्टल या कॉलेज लाइफ में अपनी दिनचर्या को अनुशासित रखें। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय पर पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी है।
तनाव प्रबंधन (Stress Management): आधुनिक युग की पैनिक जीवनशैली और एकेडमिक प्रेशर से निपटने के लिए उन्होंने सकारात्मक सोच और योग-ध्यान को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मानसिक तनाव को अपने ऊपर हावी न होने दें, बल्कि अपनी रुचियों के लिए भी समय निकालें।
मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श सेवाओं पर खुली चर्चा
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के 'मेंटल हेल्थ अवेयरनेस सेल' (Mental Health Awareness Cell) की ओर से भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। प्रो. प्रकाश चन्द्र ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर खुलकर बात की और संस्थान में उपलब्ध परामर्श सेवाओं (Counseling Services) की जानकारी साझा की।
उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि पढ़ाई के दौरान या किसी अन्य वजह से कभी भी उन्हें मानसिक या भावनात्मक थकान महसूस हो, तो वे बिना किसी झिझक के कॉलेज की परामर्श सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। खुली चर्चा के इस सत्र में छात्रों ने भी बढ़-चढ़कर अपनी शंकाओं का समाधान पाया।
आधुनिक तकनीक: 3D प्रिंटिंग और इंडस्ट्री 4.0 का दीदार
तकनीकी सत्र के दौरान छात्रों को कॉलेज की उन्नत प्रयोगशालाओं (Laboratories) का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने आधुनिक तकनीकों की बारीकियों को समझा।
3D प्रिंटिंग और प्रोटोटाइपिंग: प्रयोगशालाओं में छात्रों को 3D प्रिंटिंग तकनीक, विभिन्न प्रकार के प्रोटोटाइप और नवाचार आधारित उत्पादों को नजदीक से देखने का अवसर मिला।
इंडस्ट्री 4.0 की समझ: विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताया कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और इंडस्ट्री 4.0 जैसी आधुनिक तकनीकें आज के औद्योगिक और स्टार्टअप जगत में नई संभावनाएं पैदा कर रही हैं। इन अत्याधुनिक मॉडलों को देखकर विद्यार्थियों की उत्सुकता चरम पर थी।
छात्रों में दिखा अभूतपूर्व उत्साह
सात दिवसीय एसआईपी के तीसरे दिन के विभिन्न सत्रों ने साबित कर दिया कि भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज अपने छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के अंत तक विद्यार्थियों में एक अलग ही ऊर्जा और नया आत्मविश्वास देखने को मिला। सभी ने आने वाले सत्रों में और अधिक सीखने की इच्छा जताई। इस सफल आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि यहाँ से निकलने वाले युवा न केवल कुशल इंजीनियर बनेंगे, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी प्रभावी भूमिका निभाएंगे।