तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के कला केंद्र में लंबित परीक्षाओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट
भागलपुर: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के कला केंद्र में परीक्षाओं के आयोजन में हो रही अत्यधिक देरी ने न केवल छात्रों के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है, बल्कि इसने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लंबे समय से लंबित इन परीक्षाओं को लेकर अब छात्र और कला प्रेमी लामबंद होने लगे हैं [1.1.2]।
विवाद का कारण: परीक्षाओं में अनिश्चितकालीन विलंब
कला केंद्र, जो विश्वविद्यालय का एक प्रमुख सांस्कृतिक और शैक्षणिक अंग है, लंबे समय से परीक्षाओं के संचालन में बाधाओं का सामना कर रहा है। समय पर परीक्षाएं आयोजित न होने से छात्रों का शैक्षणिक सत्र पिछड़ रहा है, जिससे वे अपने आगे के करियर और उच्च शिक्षा के अवसरों को लेकर चिंतित हैं। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन कला केंद्र की शैक्षणिक गतिविधियों के प्रति उदासीन रवैया अपना रहा है, जिससे कला संकाय के विद्यार्थियों में गहरा असंतोष व्याप्त है [1.1.2]।
हितैषियों का कड़ा रुख और आंदोलन की चेतावनी
इस गंभीर समस्या को हल करने के लिए हाल ही में कला केंद्र के हितैषियों, वरिष्ठ शिक्षाविदों और छात्रों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। गांधी हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के पूर्व प्रॉक्टर एवं डीन डॉ. मनोज कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि अब और अधिक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी [1.1.2]।
बैठक में सर्वसम्मति से 'चरणबद्ध नागरिक आंदोलन' चलाने का निर्णय लिया गया है, जिसकी रूपरेखा कुछ इस प्रकार तय की गई है:
प्रथम चरण: सर्वप्रथम भागलपुर के नागरिकों और छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल विश्वविद्यालय के उच्च अधिकारियों और कुलपति से मिलकर परीक्षा तिथि की घोषणा की मांग करेगा [1.1.2]।
द्वितीय चरण: यदि विश्वविद्यालय प्रशासन सकारात्मक पहल नहीं करता है, तो छात्र पर्चा वितरण, अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और आक्रोश रैली जैसे सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे [1.1.2]।
विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष: आश्वासन और पहल
दबाव बढ़ते देख विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब मामले में सक्रियता दिखाई है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. रामाशीष पूर्वे ने आश्वासन दिया है कि कला केंद्र की लंबित परीक्षाओं को शीघ्र आयोजित कराया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाओं के संचालन के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी एक बड़ी चुनौती है, जिसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है [1.1.1, 1.2.3]।
रजिस्ट्रार के अनुसार, इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रदेश सरकार के संस्कृति मंत्री से समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि कला केंद्र को पर्याप्त संसाधन मिल सकें और भविष्य में परीक्षाओं के आयोजन में बाधा न आए [1.1.1, 1.2.3]। इसके अतिरिक्त, हाल ही में कला केंद्र परिसर में आयोजित 'परिधि सृजन मेला' के दौरान भी अधिकारियों ने इस मुद्दे को प्राथमिकता देने का भरोसा दिलाया था [1.1.1]।
वर्तमान में, छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले आधिकारिक कदम और परीक्षा कार्यक्रम (Exam Schedule) की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने आश्वासन दिया है, लेकिन छात्र किसी भी औपचारिक घोषणा के लिए सतर्क हैं।
विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट tmbuniv.ac.in को नियमित रूप से चेक करते रहें, क्योंकि सभी आधिकारिक अधिसूचनाएं वहीं जारी की जाएंगी [1.2.2]। इसके अलावा, कला केंद्र के विभाग कार्यालय से संपर्क बनाए रखना भी उचित होगा ताकि नवीनतम जानकारी प्राप्त हो सके [1.2.1]।