सर्पदंश से 32 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

सबौर (भागलपुर): भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत भिट्ठी गांव में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहाँ सर्पदंश (सांप के काटने) से एक 32 वर्षीय विवाहिता की असामयिक मौत हो गई। मृतका की पहचान मुन्नी देवी के रूप में की गई है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और मृतका के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

घटना का विवरण: दैनिक कार्य के दौरान हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार को मुन्नी देवी अपने घर में दैनिक कार्यों में व्यस्त थीं। इसी दौरान किसी अज्ञात जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया। शुरुआत में शायद उन्हें सांप के काटने का आभास नहीं हुआ, लेकिन देखते ही देखते उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। जब परिजनों ने उनके शरीर पर सांप के काटने के निशान देखे, तो उन्हें तुरंत खतरे का अहसास हुआ।

आनन-फानन में परिवार के लोग उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुंचने के प्रयासों के बीच ही महिला ने दम तोड़ दिया।

परिजन और ग्रामीणों में गहरा शोक

मुन्नी देवी की मौत की खबर सुनते ही उनके मायके और ससुराल पक्ष में कोहराम मच गया। घर के आंगन में चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए। मृतका के पति और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि मुन्नी देवी एक मिलनसार महिला थीं और उनके जाने से परिवार को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई करना असंभव है।

सर्पदंश और अंधविश्वास की चुनौती

बिहार के ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश की घटनाएं अक्सर सुनने को मिलती हैं, लेकिन कई बार जागरूकता के अभाव में लोग अस्पताल जाने के बजाय झाड़-फूंक के चक्कर में कीमती समय बर्बाद कर देते हैं । हालांकि, सबौर की इस घटना में परिजनों ने तत्काल अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन समय की कमी के चलते उन्हें बचाया नहीं जा सका।

चिकित्सकों का हमेशा से यह कहना है कि सर्पदंश की स्थिति में:

समय सबसे कीमती है: सांप के काटने के तुरंत बाद बिना समय गंवाए निकटतम सरकारी अस्पताल जाना चाहिए जहाँ 'एंटी वेनम' (Anti-Venom) इंजेक्शन उपलब्ध हो 

झाड़-फूंक से बचें: किसी भी प्रकार के टोने-टोटके या ओझा-गुनी के चक्कर में पड़ने से मरीज की जान जोखिम में पड़ जाती है ।

घबराएं नहीं: मरीज को शांत रखने का प्रयास करें और कटे हुए स्थान को अधिक न हिलाएं।

प्रशासन से मुआवजे की मांग

घटना की सूचना पाकर स्थानीय जनप्रतिनिधि और पुलिस भी मामले की जानकारी लेने पहुंची। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मृतका के परिवार को सरकारी प्रावधान के तहत आपदा राहत कोष से उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि परिवार के आश्रितों का पालन-पोषण हो सके [1.1.3]।

सबौर के इस भिट्ठी गांव में हुई इस दुखद घटना ने एक बार फिर से ग्रामीण सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के महत्व को रेखांकित किया है। पूरे क्षेत्र में अभी भी शोक का माहौल बना हुआ है और लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं।