बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर का 17वां स्थापना दिवस संपन्न; कई नवीन सामग्रियों का हुआ विमोचन
भागलपुर, विशेष संवाददाता: बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर का 17वां स्थापना दिवस बुधवार को अत्यंत भव्य, उत्साहपूर्ण और गरिमामयी माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर कृषि अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सामग्रियों और उत्पादों का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने बिहार लोकभवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर कार्यक्रम का ऑनलाइन उद्घाटन किया और अपने प्रेरक संबोधन से सभी का मार्गदर्शन किया।
खाद्य सुरक्षा और कृषि शोध पर विशेष जोर
समारोह को संबोधित करते हुए कुलाधिपति ने इस बात पर जोर दिया कि देश में खाद्य सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा का मुख्य आधार है। आज के समय में जलवायु परिवर्तन और मौसम चक्र में हो रहे बदलाव देश के किसानों के सामने बड़ी चुनौतियां बनकर खड़े हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर होने वाले शोध और अनुसंधान बेहद सहायक साबित हो रहे हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि कृषि के क्षेत्र में तेजी से तकनीक-आधारित बदलाव हो रहे हैं, इसलिए यह अति आवश्यक है कि लैब (प्रयोगशालाओं) में तैयार होने वाले शोध और तकनीक किसानों के खेतों तक सीधे पहुंचें। युवाओं को कृषि क्षेत्र में नवाचार (Innovation) पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, जिससे उद्यमिता के माध्यम से 'विकसित बिहार' और 'विकसित भारत' के निर्माण में ठोस योगदान दिया जा सके।
कई नवीन सामग्रियों और तकनीकों का हुआ विमोचन
स्थापना दिवस के इस खास अवसर पर कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होने वाली कई नई सामग्रियों, उत्पादों और डिजिटल टूल्स का लोकार्पण किया गया:
'एग्री ग्रंथ' (एआई आधारित आरएजी चैटबोट): किसानों और छात्रों की सहायता के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित आधुनिक चैटबोट का विमोचन किया गया, जिससे कृषि संबंधी जानकारियों को तुरंत प्राप्त किया जा सकेगा।
इंस्टेंट लो-कॉस्ट ब्लू टी: स्वास्थ्य के गुणों से भरपूर इस अनूठे पेय पदार्थ की शुरुआत की गई है।
रॉ जैकफ्रूट फ्लोर (कच्चे कटहल का आटा): स्वास्थ्य और मधुमेह के रोगियों के लिए उपयोगी कच्चे कटहल से बने आटे का लोकार्पण किया गया।
हनी स्पून: शहद के उपयोग को आसान और सुविधाजनक बनाने वाला नया उत्पाद।
कटहल के बीजों से निर्मित आटा: कटहल के बीजों के सदुपयोग और पोषण मूल्य को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया विशेष आटा।
शॉर्ट फिल्म: विश्वविद्यालय की अब तक की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों और प्रगति को दर्शाने वाली एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन व लोकार्पण किया गया।
कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह की उपस्थिति और उत्कृष्ट सम्मान
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह ने विश्वविद्यालय की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और संस्थान को नित नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान, उत्कृष्ट शोध, और नवाचार के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया:
श्रेष्ठ शोध प्रकाशन: विवि की डीएसडब्ल्यू डॉ. श्वेता शांभवी सहित डॉ. मणिभूषण, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. संजय सहाय, डॉ. शशांक शेखर सोलंकी, डॉ. शाजीदा बानो, आदित्य सिन्हा, डॉ. अशोक कुमार और डॉ. प्रेम प्रकाश को श्रेष्ठ शोध प्रकाशन के लिए सम्मानित किया गया।
विशिष्ट किसान सम्मान: विभिन्न जिलों के प्रगतिशील किसानों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया, जिनमें उद्यानिकी के लिए अररिया के अब्दुल रहमान, समेकित कृषि प्रणाली के लिए जहानाबाद के सूरज कुमार, वैल्यू एडिशन के लिए कहलगांव की शीला कुमारी, पशु विज्ञान एवं मत्स्य के लिए बांका की नीलम कुमारी, श्रीअन्न (मिलेट्स) के लिए भोजपुर के रवीन्द्र कृष्ण सिंह और मखाना उत्पादन के लिए सुपौल के अमित कुमार शामिल रहे।
स्टार्टअप और प्रतियोगिताएं: बेहतर स्टार्टअप के लिए बुद्धिसेन बिट्टू और रश्मि कुमारी को पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा 'चार मिनट में शोध निष्कर्ष' प्रतियोगिता के विजेताओं को भी मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर का यह 17वां स्थापना दिवस समारोह इस बात का प्रतीक रहा कि यह संस्थान पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक शोध और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। विमोचित की गई नई सामग्रियां और उत्पाद आने वाले दिनों में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में एक नया अध्याय जोड़ेंगे।