142 करोड़ की 'स्टॉर्म ड्रेनेज योजना' को मिली रफ्तार
भागलपुर: शहरवासियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। जलजमाव की समस्या से वर्षों से जूझ रहे भागलपुर के लोगों को अब जल्द ही इससे स्थायी मुक्ति मिलने वाली है। इसके लिए 142 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी 'स्टॉर्म ड्रेनेज योजना' (Storm Water Drainage Scheme) को धरातल पर उतारने की तैयारी तेज कर दी गई है। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) ने अपनी कार्ययोजना को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
क्या है स्टॉर्म ड्रेनेज योजना?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर में बारिश के दौरान सड़कों और गलियों में जमा होने वाले पानी की त्वरित और वैज्ञानिक तरीके से निकासी करना है। बुडको द्वारा तैयार किए गए विस्तृत तकनीकी प्राक्कलन (DPR) के अनुसार, शहर के विभिन्न हिस्सों में कुल 23 ड्रेनेज रूट चिह्नित किए गए हैं। इन रूटों पर 25 किलोमीटर से अधिक लंबे पक्के नालों का जाल बिछाया जाएगा। यह नाले पूरी तरह से कवर होंगे और इनका ढलान इस प्रकार व्यवस्थित होगा कि बारिश का पानी कहीं भी जमा न हो सके।
दो चरणों में होगा निर्माण
बुडको और नगर निगम की टीम ने पूरे शहर को दो अलग-अलग फेजों (चरणों) में बांटकर इस कार्ययोजना को तैयार किया है। इससे न केवल निर्माण कार्य में आसानी होगी, बल्कि शहर के हर कोने तक पानी निकासी की सुविधा पहुंचाई जा सकेगी।
प्रथम चरण: इस चरण में सबसे अधिक जलजमाव वाले संवेदनशील इलाकों (Hotspots) को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि अगले मानसून तक वहां के निवासियों को राहत मिल सके।
द्वितीय चरण: इस चरण में शहर के बाकी हिस्सों को कवर करते हुए मुख्य ड्रेनेज नेटवर्क को बड़े नालों या जल निकायों से जोड़ा जाएगा।
पटना में होगा प्रेजेंटेशन
इस 142 करोड़ की योजना को तकनीकी मंजूरी दिलाने के लिए भागलपुर बुडको के अभियंता पूरी तरह तैयार हैं। परियोजना उपनिदेशक, मो. सद्दाम के अनुसार, विभाग की ओर से जैसे ही अंतिम निर्देश प्राप्त होंगे, भागलपुर बुडको की टीम पटना जाकर उच्चाधिकारियों के समक्ष इस योजना का 'प्रेजेंटेशन' देगी। इस प्रेजेंटेशन में कार्य की बारीकियों, तकनीकी मानकों और समय-सीमा पर चर्चा की जाएगी। एक बार प्रेजेंटेशन के बाद तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति मिलते ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
जलजमाव से हमेशा के लिए आजादी
शहर के मध्य हिस्से और निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या दशकों पुरानी है। स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज के इस बड़े नेटवर्क के बनने के बाद, पानी के बहाव के लिए सीधा रास्ता तैयार होगा। इससे न केवल सड़कों के खराब होने की समस्या खत्म होगी, बल्कि मच्छरों के पनपने और बीमारियों के फैलने के खतरे में भी भारी कमी आएगी।
स्थानीय प्रशासन का मानना है कि यह योजना भागलपुर के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। शहर के लोगों को अब बस उस दिन का इंतजार है जब खोदाई का काम शुरू होगा और वे जलभराव की समस्या से मुक्त हो सकेंगे।