विज्ञान प्रदर्शनी में नन्हे वैज्ञानिकों ने दिखाए हुनर, भविष्य की नवीन तकनीकों के मॉडलों ने मोहा सबका मन
हिन्दुस्तान प्रतिनिधि (प्रखंड क्षेत्र): वैज्ञानिक सोच, नवाचार (Innovation) और सृजनात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को प्रखंड क्षेत्र के प्रतिष्ठित उच्च विद्यालय कझिया में 'इंस्पायर अवार्ड मानक योजना' (Inspire Award MANAK Scheme) के तहत एक भव्य विज्ञान प्रदर्शनी सह चयन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार तथा राष्ट्रीय नवाचार फाउंडेशन (NIF) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के कई विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। बच्चों द्वारा बनाए गए एक से बढ़कर एक विज्ञान मॉडलों ने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण अंचल के बच्चों में भी वैज्ञानिक प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ
शुक्रवार की सुबह उच्च विद्यालय कझिया के प्रांगण में आयोजित इस विज्ञान उत्सव की शुरुआत मुख्य अतिथियों, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, विज्ञान शिक्षकों और निर्णायक मंडली (Judges) द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत कर आए हुए अतिथियों और निर्णायक सदस्यों का अभिनंदन किया।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि इंस्पायर अवार्ड योजना देश के प्रधानमंत्री और विज्ञान मंत्रालय की एक ऐसी महत्वाकांक्षी पहल है, जो स्कूली बच्चों के भीतर छिपी वैज्ञानिक प्रतिभा को तराशने का काम करती है। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही कल के वैज्ञानिक हैं और इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों में तार्किक सोच और समस्याओं के समाधान खोजने की क्षमता को विकसित करती हैं।
नन्हे वैज्ञानिकों के मॉडलों ने खींचा सबका ध्यान
प्रदर्शनी के दौरान कझिया उच्च विद्यालय सहित आसपास के अन्य विद्यालयों के बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और विज्ञान के सिद्धांतों का इस्तेमाल कर बेहद आकर्षक और उपयोगी मॉडल प्रस्तुत किए। प्रदर्शनी हॉल में सजे इन मॉडलों का मुआयना करने पहुंचे शिक्षक, अभिभावक और निर्णायक मंडल के सदस्य छात्रों की प्रतिभा देखकर दंग रह गए। मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों पर आधारित मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे:
पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा (Green Energy): बच्चों ने सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई यंत्र, पवन चक्की और कचरे से बिजली बनाने जैसे मॉडल पेश किए, जो पर्यावरण को बचाने का कड़ा संदेश दे रहे थे।
जल संचयन और प्रबंधन (Water Harvesting): बारिश के पानी को सहेजने और उसका शुद्धिकरण कर दैनिक जीवन में इस्तेमाल करने की तकनीक को छोटे-छोटे मॉडलों के जरिए बहुत ही सरल तरीके से समझाया गया।
स्मार्ट कृषि तकनीक (Smart Agriculture): किसानों की सहूलियत के लिए ऑटोमैटिक वाटर पंप, खेत की रखवाली करने वाले सेंसर आधारित उपकरण और आधुनिक फसल कटाई यंत्रों के प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए गए।
सुरक्षा और आपदा प्रबंधन: सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम और भूकंप आने पर पहले से चेतावनी देने वाले यंत्रों के मॉडल भी छात्रों ने बनाए।
निर्णायक मंडल की पैनी नजर और छात्रों का प्रस्तुतिकरण
प्रदर्शनी में शामिल प्रत्येक छात्र को अपने मॉडल के बारे में विस्तार से समझाने का अवसर दिया गया। निर्णायक मंडली में शामिल विज्ञान विषय के विशेषज्ञ शिक्षकों ने हर एक छात्र के पास जाकर उनके प्रोजेक्ट के सिद्धांतों, उसके निर्माण में आने वाली लागत और उसके व्यावहारिक उपयोग (Practical Application) के बारे में सवाल पूछे।
छात्रों ने भी बड़े आत्मविश्वास और तकनीकी शब्दों के साथ अपने मॉडलों की खूबियां समझाईं। जजों ने बताया कि बच्चों के चुनाव की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है, ताकि सर्वश्रेष्ठ और मौलिक विचारों (Original Ideas) वाले मॉडलों को जिला या राज्य स्तर पर आगे भेजा जा सके।
बच्चों में दिखा गजब का उत्साह
प्रदर्शनी में हिस्सा ले रहे छात्र-छात्राओं के चेहरे पर एक अलग ही चमक और आत्मविश्वास देखने को मिला। प्रतिभागियों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से उन्हें न केवल अपनी कला दिखाने का मंच मिलता है, बल्कि दूसरे स्कूलों के बच्चों से बहुत कुछ सीखने को भी मिलता है। शिक्षकों ने भी बच्चों का मार्गदर्शन करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और उन्हें विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
समापन समारोह और भविष्य की प्रेरणा
कार्यक्रम के अंत में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के नामों की घोषणा की गई और उन्हें प्रशस्ति पत्र व मेडल देकर सम्मानित किया गया। साथ ही, चयनित उत्कृष्ट मॉडलों को आगामी उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए नामित किया गया।
उच्च विद्यालय कझिया में आयोजित यह इंस्पायर अवार्ड कार्यक्रम न केवल विज्ञान के प्रति बच्चों की रुचि बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि इसने यह भी दिखा दिया कि यदि सही मार्गदर्शन और मंच मिले, तो हमारे गांवों के बच्चे भी देश का नाम रोशन करने का पूरा दम रखते हैं। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।