रॉनित राज जैसे युवा खिलाड़ी बन रहे खेल की पहचान
भागलपुर: कभी फुटबॉल और क्रिकेट के दीवाने रहे भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड के मैदान में अब एक और खेल ने अपनी धाक जमा ली है—रग्बी। बिहार में तेजी से लोकप्रिय हो रहे इस विदेशी खेल में भागलपुर के खिलाड़ी अपनी चमक बिखेर रहे हैं। इसी कड़ी में एक नाम जो इन दिनों खेल प्रेमियों की जुबान पर है, वह है रॉनित राज। भागलपुर जिला रग्बी टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शुमार रॉनित राज न केवल एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं, बल्कि वे जिले में इस खेल को आगे बढ़ाने के लिए एक प्रेरणास्रोत के रूप में भी उभरे हैं।
रग्बी: भागलपुर की नई खेल संस्कृति
भागलपुर में रग्बी का सफर 2022 के आसपास शुरू हुआ था। शुरुआती दौर में यह खेल आम लोगों के लिए बिल्कुल नया और कठिन था, लेकिन जिला रग्बी संघ के निरंतर प्रयासों और कोच कुणाल कर्ण के मार्गदर्शन ने इसे एक मुकाम पर पहुंचा दिया है। आज भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड और नाथनगर में करीब 150 से अधिक युवा खिलाड़ी रोजाना इस खेल का अभ्यास करते हैं। इन्हीं युवा खिलाड़ियों की कतार में रॉनित राज का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।
रॉनित राज: एक होनहार खिलाड़ी का संघर्ष
रॉनित राज का रग्बी सफर बेहद प्रेरणादायक है। वे न केवल खुद एक खिलाड़ी हैं, बल्कि टीम के कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भागीदारी करते हैं। हाल ही में जब भागलपुर की रग्बी टीम राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए नवादा रवाना हुई, तो रॉनित राज ने टीम के कोच के साथ मिलकर नेतृत्व की भूमिका निभाई। उनके खेल कौशल और खेल के प्रति समझ के कारण वे टीम के एक महत्वपूर्ण स्तंभ माने जाते हैं।
रग्बी के बारे में बात करते हुए रॉनित जैसे खिलाड़ी बताते हैं कि शुरुआती दिनों में शारीरिक संपर्क वाले इस खेल में काफी डर लगता था, लेकिन कोच कुणाल कर्ण के तकनीकी मार्गदर्शन ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया। आज रॉनित राज जैसे खिलाड़ी नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में बिहार टीम का प्रतिनिधित्व करने के सपने को अपनी मेहनत से सच कर रहे हैं।
चुनौतियों के बीच कामयाबी की इबारत
भागलपुर में रग्बी खिलाड़ियों की एक बड़ी चुनौती संसाधनों की कमी है। जिला कोच कुणाल कर्ण के अनुसार, रग्बी से जुड़े ज्यादातर खिलाड़ी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। खेल किट की उपलब्धता से लेकर अभ्यास के लिए मैदान तक के लिए उन्हें संघर्ष करना पड़ता है। इसके बावजूद, रॉनित राज जैसे प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी मेहनत के दम पर सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।
राज्य सरकार द्वारा हाल ही में रग्बी को प्राथमिकता वाले खेलों में शामिल करने और नेशनल स्तर पर मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने के फैसले से रॉनित राज जैसे खिलाड़ियों का हौसला काफी बढ़ा है।
खेल भावना का प्रतीक
रग्बी केवल एक खेल नहीं, बल्कि अनुशासन और टीम वर्क का एक बेहतरीन उदाहरण है। रॉनित राज का उदाहरण युवाओं को यह सिखाता है कि सीमित साधनों के बावजूद कैसे अपनी मेहनत से एक अलग पहचान बनाई जा सकती है। हाल के दिनों में भागलपुर की टीम की उपलब्धियों ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन मिले, तो भागलपुर के युवा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी तिरंगा लहराने का दम रखते हैं।
रॉनित राज जैसे खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि आज रग्बी संघ नवादा और राजगीर जैसी जगहों पर जिला टीम को भेज पा रहा है। आने वाले समय में राजगीर जैसे केंद्रों पर होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को देखते हुए रॉनित जैसे खिलाड़ियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उनकी खेल के प्रति निष्ठा और निरंतरता आने वाली पीढ़ी के लिए एक मशाल का काम कर रही है।
भागलपुर की रग्बी टीम के खिलाड़ी रॉनित राज का सफर यह दर्शाता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो किसी भी खेल में बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं। वे न केवल भागलपुर के रग्बी जगत का उभरता हुआ सितारा हैं, बल्कि वे उन सभी युवाओं के लिए एक मिसाल हैं जो अपनी मेहनत और जुनून से समाज और जिले का नाम रोशन करना चाहते हैं।