बेगूसराय में महिला से सामूहिक दुष्कर्म, दरिंदगी के बाद प्राइवेट पार्ट में डाला बुलेट और पत्थर; राजनीतिक उबाल तेज

बिहार के बेगूसराय जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक विवाहित महिला को उसके घर के बाहर से बंधक बनाकर न केवल सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) किया गया, बल्कि उसके साथ अमानवीय बर्बरता भी की गई। डॉक्टरों द्वारा ऑपरेशन कर पीड़िता के निजी अंग (Private Part) से पिस्तौल की जिंदा गोली (कारतूस), पत्थर और लकड़ी का टुकड़ा निकाले जाने के बाद इस खौफनाक मामले का खुलासा हुआ है।

   घटना का विवरण और दरिंदगी की पराकाष्ठा

पीड़िता और उसके परिवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार:

घर के बाहर से अपहरण: 11 जून की आधी रात को महिला घर के बाहर बने शौचालय की ओर गई थी। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे हथियारबंद बदमाशों ने उसका मुंह बंद कर दिया और हाथ-पैर बांधकर घर से कुछ दूरी पर एक सुनसान जगह ले गए।

सामूहिक दुष्कर्म और बर्बरता: आरोपियों ने महिला के साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर धारदार हथियार (ब्लेड) से उसके शरीर पर कई जगह गहरे जख्म दिए। दरिंदगी यहीं नहीं रुकी; आरोपियों ने महिला के प्राइवेट पार्ट में एक जिंदा कारतूस (बुलेट), पत्थर और लकड़ी का टुकड़ा जबरन डाल दिया।

पति को कमरे में किया बंद: वारदात को अंजाम देते वक्त आरोपियों ने पीड़िता के घर के दरवाजे को बाहर से कुंडी लगाकर बंद कर दिया था, ताकि अंदर सो रहे उसके पति को भनक न लग सके। होश आने पर पीड़िता किसी तरह घर लौटी।

  अस्पताल की लापरवाही और दोबारा ऑपरेशन में हुआ खुलासा

घटना के अगले दिन (12 जून) पीड़िता को बेगूसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे उसी शाम डिस्चार्ज कर दिया। लेकिन घर लौटने के बाद भी महिला का दर्द कम नहीं हुआ और असहनीय पीड़ा बनी रही। 17 जून को हालत बिगड़ने पर उसे दोबारा सदर अस्पताल लाया गया। जब डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे किया, तो मेडिकल टीम के होश उड़ गए। इसके बाद 18 जून (गुरुवार) को डॉक्टरों ने तुरंत इमरजेंसी ऑपरेशन किया और महिला के शरीर के अंदर से गोली, पत्थर और लकड़ी बाहर निकाली।

  पुलिस की भूमिका पर सवाल और नामजद FIR

पीड़िता ने पुलिस प्रशासन पर शुरुआत में मामले को हल्के में लेने और लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। मामला तूल पकड़ने के बाद बेगूसराय के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

आरोपी: पीड़िता ने सूरज कुमार, रामू महतो, नीतीश महतो और दो अन्य अज्ञात के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है।

पुरानी रंजिश: परिजनों का आरोप है कि इन्हीं बदमाशों ने करीब 4 महीने पहले भी महिला के घर में घुसकर छेड़खानी और लूटपाट की थी, लेकिन तब पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण बदमाशों के हौसले बुलंद हो गए।

पुलिस का बयान: सदर एसडीपीओ-1 आनंद कुमार पांडे ने अस्पताल पहुंचकर पीड़िता का दोबारा बयान लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें छापेमारी कर रही हैं।

  CPI नेता अवधेश राय और विपक्ष का हमला

इस वीभत्स घटना ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है:

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के वरिष्ठ नेता अवधेश कुमार राय (जो बेगूसराय से महागठबंधन के प्रमुख नेता हैं) ने वामपंथी प्रतिनिधिमंडल के साथ सदर अस्पताल पहुंचकर पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने पीड़िता का हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए।

 अवधेश राय और अन्य नेताओं ने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा— "यह सुशासन के दावों की पोल खोलने वाली घटना है। बेगूसराय में अपराधी बेलगाम हो चुके हैं। 4 महीने पहले शिकायत के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? अगर पुलिस ने समय रहते एक्शन लिया होता, तो आज इस बेटी के साथ इतनी भयावह दरिंदगी नहीं होती।" वामपंथी दलों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे बेगूसराय की सड़कों पर उग्र आंदोलन करेंगे।