बिहार के बेनीपुर में पुलिस बर्बरता के खिलाफ उबाल: सांसद विजय कुमार राय के नेतृत्व में विशाल धरना-प्रदर्शन, जिलाध्यक्ष मिथिलेश कुमार चौधरी ने छात्रों के भविष्य पर मंडराते संकट को लेकर सरकार को घेरा

दरभंगा/बेनीपुर: बिहार की राजनीतिक और सामाजिक धरती पर एक बार फिर जनहित के मुद्दों को लेकर प्रशासनिक तानाशाही के खिलाफ सुगबुगाहट तेज हो गई है। ताजा मामला दरभंगा जिले के बेनीपुर अनुमंडल क्षेत्र से सामने आया है, जहां पुलिसिया बर्बरता और दमनकारी नीतियों के विरोध में एक ऐतिहासिक और विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शन प्रशासनिक ज्यादती, तानाशाही रवैये और छात्रों-युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के खिलाफ एक बड़ा जन-आंदोलन बन गया है।

सांसद विजय कुमार राय के ओजस्वी नेतृत्व और दरभंगा ग्रामीण के जिलाध्यक्ष मिथिलेश कुमार चौधरी के विशिष्ट मार्गदर्शन में आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में हजारों की संख्या में स्थानीय लोग, छात्र, युवा और विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान पूरा बेनीपुर प्रशासनिक दमन के विरोध में गूंज उठा।

धरना-प्रदर्शन की पृष्ठभूमि: बेनीपुर में आखिर क्या हुआ था?

बिहार के बेनीपुर क्षेत्र में हाल ही में घटी एक घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय छात्रों और युवाओं द्वारा अपने जायज अधिकारों, छात्रहित की मांगों और स्थानीय समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। लोकतांत्रिक देश में अपनी बात रखने के मौलिक अधिकार का उपयोग कर रहे इन मासूम छात्रों और युवाओं पर जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने बेरहमी से लाठियां भांजीं।

पुलिस की इस अमानवीय बर्बरता में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। पुलिस की इस दमनकारी कार्रवाई से पूरे इलाके के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। इसी जनता के गुस्से और छात्रों पर हुए अत्याचार के खिलाफ इंसाफ की मांग को लेकर बेनीपुर की धरती पर यह आक्रोश पूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।

सांसद विजय कुमार राय का कड़ा रुख: "प्रशासन की तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी"

धरना स्थल पर मौजूद विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए सांसद विजय कुमार राय ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को लाठी और गोली के दम पर दबाने की जो कुत्सित कोशिश बेनीपुर में की गई है, उसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।

सांसद विजय कुमार राय ने अपने संबोधन में कहा, "यह बेहद शर्मनाक है कि अपनी बुनियादी और जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हमारे बच्चों और छात्रों पर पुलिस ने इस तरह लाठियां बरसाईं मानो वे अपराधी हों। बिहार में आज कानून का राज खतरे में पड़ता दिख रहा है। प्रशासन भूल गया है कि वह जनता का सेवक है, शासक नहीं। हम पुलिस बर्बरता में संलिप्त दोषी अधिकारियों और कर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हैं। जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिल जाता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।"

उन्होंने आगे कहा कि जनता के वोटों से चुनी गई सरकार यदि युवाओं और छात्रों का दमन करेगी, तो सड़कों पर उतरकर इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। सांसद के इस तेवर ने प्रदर्शनकारियों में नया जोश भर दिया और पूरा पंडाल सरकार विरोधी नारों से गूंज उठा।

जिलाध्यक्ष मिथिलेश कुमार चौधरी की दो टूक: "छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं"

धरना-प्रदर्शन के दौरान दरभंगा ग्रामीण के जिलाध्यक्ष मिथिलेश कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में मुख्य रूप से छात्र-युवाओं के भविष्य पर मंडरा रहे गंभीर संकट पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज बिहार का युवा और छात्र पहले ही रोजगार, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के कारण गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहा है। ऐसे में जब वे अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आवाज उठाते हैं, तो उन पर गोलियां और लाठियां चलाई जाती हैं।

मिथिलेश कुमार चौधरी ने कहा, "आज बेनीपुर में जो पुलिसिया तांडव देखा गया है, उसने छात्रों के भविष्य को और अधिक अंधकारमय बना दिया है। छात्र हमारे देश और समाज के कर्णधार हैं। यदि उनके भविष्य को संकट में डाला जाएगा और उन पर फर्जी मुकदमे लादकर उनका करियर बर्बाद करने की साजिश रची जाएगी, तो हमारा संगठन चुप नहीं बैठेगा। हम प्रशासन को यह चेतावनी देते हैं कि छात्रों पर दर्ज किए गए सभी झूठे मुकदमों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए, अन्यथा यह आंदोलन पूरे दरभंगा जिले से लेकर पटना की सड़कों तक उग्र रूप ले लेगा।"

उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा और रोजगार पर बात करने के बजाय युवाओं को डराने-धमकाने की जो रणनीति सरकार अपना रही है, उसका खामियाजा आने वाले दिनों में सत्ता में बैठे लोगों को भुगतना पड़ेगा।

स्थानीय नागरिकों और युवाओं का भारी समर्थन

बेनीपुर में आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में समाज के हर वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि बेनीपुर की आम जनता अब अन्याय के खिलाफ एकजुट हो चुकी है। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में मांग की कि:

दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई: छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाए।

घायल छात्रों को मुआवजा: पुलिस की मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए छात्रों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करे और उन्हें उचित मुआवजा दे।

फर्जी मुकदमे वापसी: प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज किए गए सभी झूठे और मनगढ़ंत मुकदमों को तुरंत रद्द किया जाए।

लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा: भविष्य में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की गारंटी दी जाए।

प्रशासन को अल्टीमेटम और आगे की रणनीति

धरना-प्रदर्शन के अंत में सांसद विजय कुमार राय और जिलाध्यक्ष मिथिलेश कुमार चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि यदि तय सीमा के भीतर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की गई और छात्रों के मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन की शुरुआत की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और राज्य सरकार की होगी।

यह धरना-प्रदर्शन इस बात का गवाह बन गया है कि जब-जब जनता के अधिकारों का हनन होगा और पुलिसिया बर्बरता का तांडव होगा, तब-तब जनता सड़कों पर उतरकर अन्याय के खिलाफ हुंकार भरेगी। बेनीपुर की यह सभा वर्तमान राजनीतिक पटल पर एक बड़ा संदेश छोड़ गई है।