बिहार के 4 बड़े शहरों में सुधरेगी यातायात व्यवस्था; भागलपुर समेत कई जिलों में बढ़े ट्रैफिक पुलिस के जवान

 बिहार के प्रमुख स्मार्ट शहरों में लगातार बढ़ती गाड़ियों के दबाव और आए दिन लगने वाले भीषण जाम से निपटने के लिए नीतीश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया और बिहारशरीफ (नालंदा) में ट्रैफिक पुलिस बल की संख्या में भारी बढ़ोतरी करने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR&D) के मानकों के अनुसार इन 4 शहरों में कुल 2,091 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की जरूरत बताई गई है।

485 नए पदों का सृजन, सालाना 31 करोड़ से अधिक का खर्च

वित्त विभाग की मंजूरी के बाद इन शहरों के लिए 485 नए यातायात पुलिस पदों का सृजन किया गया है, जबकि 1,606 पदों को पहले से उपलब्ध पुलिसबल के माध्यम से समायोजित किया जाएगा। इस नई व्यवस्था और पदों के सृजन पर बिहार सरकार हर साल करीब 31.85 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

भागलपुर में अब 269 पुलिसकर्मी संभालेंगे कमान

स्मार्ट सिटी भागलपुर में ट्रैफिक की कमान अब पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।

पदों की स्थिति: भागलपुर में पहले से केवल 206 पद स्वीकृत थे, लेकिन धरातल पर डेढ़ सौ (150) से भी कम जवान तैनात रहते थे।

नई तैनाती: नए स्वीकृत पदों (जिसमें भागलपुर के लिए 4 इंस्पेक्टर, 10 एएसआई और 49 हवलदार के नए पद शामिल हैं) को जोड़कर अब भागलपुर में कुल 269 पुलिसकर्मी ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए मुस्तैद रहेंगे।

इन शहरों में पदों की क्यों पड़ी जरूरत?

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, पटना के बाद भागलपुर, मुजफ्फरपुर और बिहारशरीफ को स्मार्ट सिटी घोषित किए जाने के बाद यहां की शहरी आबादी और वाहनों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। वहीं, धार्मिक नगरी 'गयाजी' में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के भारी आवागमन के कारण ट्रैफिक व्यवस्था को संभालना पुरानी टीम के लिए चुनौती बन रहा था।

इन चारों शहरों के लिए संयुक्त रूप से:

ट्रैफिक डीएसपी के अलावा: 26 इंस्पेक्टर, 73 दारोगा, 77 जमादार (ASI), 381 हवलदार और 1533 सिपाहियों की मुस्तैदी तय की गई है।

ऊर्जावान जवानों की होगी तैनाती, उम्र सीमा तय

यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए सड़कों पर केवल चुस्त-दुरुस्त पुलिसकर्मी ही नजर आएंगे। इसके लिए सरकार ने ट्रैफिक पुलिस में तैनाती के लिए अधिकतम उम्र सीमा भी निर्धारित कर दी है:

सिपाही व चालक सिपाही: अधिकतम 35 वर्ष

दारोगा (SI): अधिकतम 40 वर्ष

इंस्पेक्टर: अधिकतम 50 वर्ष

ASI और हवलदार: अधिकतम 55 वर्ष

 गृह विभाग के इस फैसले से भागलपुर सहित चारों बड़े शहरों के निवासियों को दैनिक जाम के झंझट से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और सड़कों पर पुलिस की उपस्थिति अधिक प्रभावी रूप में दिखाई देगी।