एनएच-31 पर भीषण सड़क हादसा, तेज रफ्तार ट्रक ने टेंपो को रौंदा; चालक और एक कांवरिया की मौत, छह श्रद्धालु घायल

बेगूसराय। बिहार के बेगूसराय जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सावन के पावन माह में श्रद्धालुओं की यात्रा को मातम में बदल दिया। साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (एनएच-31) पर तेज रफ्तार ट्रक ने एक टेंपो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि टेंपो के परखच्चे उड़ गए और मौके पर अफरातफरी मच गई।

इस हादसे में टेंपो चालक और एक कांवरिया की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अन्य कांवरिया गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंच गए और घायलों को बाहर निकालकर इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा। सूचना मिलने पर साहेबपुर कमाल थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया।

तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टेंपो श्रद्धालुओं को लेकर एनएच-31 से गुजर रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने नियंत्रण खो दिया और सीधे टेंपो में टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टेंपो सड़क किनारे जा पलटा और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।

चालक और कांवरिया की मौके पर मौत

हादसे में टेंपो चालक और एक कांवरिया की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दोनों को गंभीर चोटें आई थीं और उन्हें बचाया नहीं जा सका।

घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।

छह घायल अस्पताल में भर्ती

हादसे में घायल छह कांवरियों को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

डॉक्टरों ने बताया कि कुछ घायलों की हालत गंभीर है और उनका इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में किया जा रहा है।

जरूरत पड़ने पर गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किए जाने की भी तैयारी की गई है।

राहत और बचाव कार्य में जुटे स्थानीय लोग

दुर्घटना के बाद सबसे पहले स्थानीय ग्रामीण और राहगीर मदद के लिए आगे आए। उन्होंने क्षतिग्रस्त टेंपो में फंसे लोगों को बाहर निकाला और एंबुलेंस पहुंचने तक प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई।

स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका।

पुलिस ने संभाला मोर्चा

साहेबपुर कमाल थाना पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने की कार्रवाई शुरू की।

पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना का संभावित कारण माना जा रहा है।

यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ट्रक चालक की तलाश जारी

हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया या वाहन सहित भाग निकला—इस संबंध में पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।

ट्रक और चालक की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

सावन में बढ़ी कांवरियों की आवाजाही

सावन महीने में बिहार के विभिन्न जिलों से हजारों श्रद्धालु भगवान शिव को जल अर्पित करने के लिए यात्रा करते हैं। इस दौरान राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर कांवरियों की संख्या काफी बढ़ जाती है।

प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था करता है, लेकिन तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण कई बार गंभीर दुर्घटनाएं हो जाती हैं।

सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की तेज गति पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से एनएच-31 पर वाहनों की गति नियंत्रित करने, नियमित जांच अभियान चलाने और दुर्घटना संभावित स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि गति सीमा का सख्ती से पालन, नियमित निगरानी और जागरूकता अभियान सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

प्रशासन ने लोगों से की अपील

प्रशासन ने वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करने की अपील की है।

श्रद्धालुओं से भी सुरक्षित यात्रा करने और अधिक क्षमता से अधिक लोगों को किसी वाहन में नहीं बैठाने की सलाह दी गई है।

बेगूसराय के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में एनएच-31 पर हुआ यह भीषण सड़क हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के खतरों की याद दिलाता है। इस दुर्घटना में टेंपो चालक और एक कांवरिया की मौत, जबकि छह अन्य श्रद्धालु घायल हो गए।

पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। वहीं, यह घटना सड़क सुरक्षा नियमों के कड़ाई से पालन और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।