तेज प्रताप यादव के पटना आवास में लाखों की चोरी का आरोप, निजी सहायक पर एफआईआर दर्ज
पटना, डिजिटल डेस्क। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार मामला राजनीति से नहीं, बल्कि उनके पटना स्थित सरकारी आवास में हुई कथित चोरी से जुड़ा है। तेज प्रताप यादव ने अपने निजी सहायक मोतीलाल राय पर लाखों रुपये नकद, सोने के आभूषण और महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले को लेकर सचिवालय थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेज प्रताप यादव ने अपने आवेदन में कहा है कि उनके पटना स्थित 42 हार्डिंग रोड आवास से करीब 20 लाख रुपये नकद, दो तोले की सोने की चेन, सोने की एक अंगूठी, आईपैड, मैकबुक, लैपटॉप और आईफोन समेत कई कीमती सामान गायब हैं। उन्होंने इस चोरी के लिए अपने निजी सहायक मोतीलाल राय को जिम्मेदार ठहराया है।
तेज प्रताप यादव ने पुलिस को दिए गए आवेदन में उल्लेख किया है कि मोतीलाल राय वैशाली जिले के बिशनपुर सैद अली मनियारपुर गांव निवासी पंजाबी राय का पुत्र है और लंबे समय से उनके साथ निजी सहायक के रूप में कार्य कर रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वास का फायदा उठाकर मोतीलाल राय ने उनके घर से कीमती सामान और नकदी की चोरी की है।
शिकायत के अनुसार, 22 जून को आवास की अलमारी में रखे पार्टी फंड के 20 लाख रुपये समेत अन्य कीमती वस्तुएं गायब मिलीं। जब घर के सदस्यों और कर्मचारियों ने सामान की तलाश की तो कहीं कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद संदेह मोतीलाल राय पर गया, जिसके बाद पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
तेज प्रताप यादव ने अपने आवेदन में यह भी दावा किया है कि घटना की रात करीब 11:30 बजे उनके ड्राइवर अनिल यादव और एक अन्य कर्मचारी विशाल ने मोतीलाल राय को एक बैग लेकर आवास की बाउंड्री दीवार फांदकर बाहर जाते देखा था। दोनों कर्मचारियों को इस मामले का प्रत्यक्षदर्शी बताया गया है। तेज प्रताप का कहना है कि इन दोनों के बयान से पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।
घटना की सूचना मिलने के बाद सचिवालय थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों ने आवास का निरीक्षण किया और उन स्थानों की जांच की, जहां से कथित रूप से सामान चोरी हुआ है। तेज प्रताप यादव ने पुलिस अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और घर के विभिन्न हिस्सों को दिखाया।
पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आवास में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटना की वास्तविकता सामने आ सके। इसके अलावा कथित प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना की चर्चा तेज हो गई है। बिहार की राजनीति में तेज प्रताप यादव हमेशा अपने अलग अंदाज और बयानों के कारण सुर्खियों में रहते हैं। ऐसे में उनके आवास से लाखों रुपये और कीमती सामान चोरी होने का मामला राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है।
जानकारों का कहना है कि किसी भी राजनीतिक दल या नेता के आवास से बड़ी मात्रा में नकदी और अन्य सामान चोरी होने का मामला सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। विशेष रूप से तब, जब आरोप किसी करीबी और भरोसेमंद व्यक्ति पर लगाया गया हो। इस मामले ने एक बार फिर नेताओं के निजी स्टाफ और सुरक्षा व्यवस्था की भूमिका पर बहस छेड़ दी है।
उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में तेज प्रताप यादव लगातार विवादों और कानूनी मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं। कुछ दिन पहले ही उन्होंने आकाश यादव के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई थी। उस दौरान उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि कठिन समय में परिवार और विशेष रूप से छोटे भाई तेजस्वी यादव को साथ खड़ा होना चाहिए। उनके इस बयान की भी राजनीतिक और सामाजिक हलकों में काफी चर्चा हुई थी।
अब आवास में चोरी की घटना सामने आने के बाद तेज प्रताप यादव को एक बार फिर थाने और पुलिस अधिकारियों के संपर्क में रहना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपित की गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य जरूरी सामान भी गलत हाथों में जा सकते हैं।
वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मोतीलाल राय की गतिविधियों और उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है।
इस घटना ने राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर हलचल पैदा कर दी है। राजद और अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं की नजर भी इस मामले पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच से जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर मामले की दिशा तय होगी।
फिलहाल तेज प्रताप यादव द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद यह मामला बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो यह मामला केवल चोरी का नहीं, बल्कि विश्वासघात और राजनीतिक रूप से संवेदनशील घटना के रूप में भी देखा जाएगा। वहीं यदि जांच में कोई अन्य तथ्य सामने आते हैं, तो पूरे मामले का नया पहलू भी सामने आ सकता है।