भिवंडी में 1.5 करोड़ की 'डील' और पेपर लीक की पूरी इनसाइड स्टोरी

नीट (NEET) परीक्षा को लेकर मचे देशव्यापी बवाल के बीच अब देश के एक और बड़े राज्य से परीक्षा तंत्र को हिला देने वाली खबर सामने आई है। महाराष्ट्र में 28 जून 2026 को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (MAHA TET-2026) को पेपर लीक होने के बाद ऐन वक्त पर स्थगित कर दिया गया है।

ठाणे जिले के भिवंडी में पुलिस की सतर्कता और एक सीक्रेट इनपुट ने इस अंतर-राज्यीय पेपर लीक रैकेट (Inter-State Syndicate) का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बिहार और हरियाणा से आए तीन शातिर आरोपियों को रंगे हाथों चार असली प्रश्नपत्रों के सेट के साथ गिरफ्तार किया है। यह गिरोह इन प्रश्नपत्रों को उम्मीदवारों को 1.5 करोड़ रुपये में बेचने की फिराक में था।

 खुफिया सूचना और पुलिस का 'मिशन भिवंडी'

यह पूरा घटनाक्रम किसी थ्रिलर फिल्म की पटकथा जैसा है। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले, यानी 27 जून 2026 की सुबह भिवंडी के पुलिस उपायुक्त (DCP Zone-2) डॉ. पवन बनसोड को एक बेहद पुख्ता और गोपनीय जानकारी (Confidential Tip-off) मिली। सूचना थी कि कुछ बाहरी राज्यों के लोग दिल्ली से फ्लाइट पकड़कर मुंबई आए हैं और भिवंडी के पास भारी रकम के बदले आगामी TET परीक्षा के असली पेपर बेचने की साजिश रच रहे हैं।

सूचना मिलते ही भिवंडी पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई। पुलिस की विशेष टीमों ने भिवंडी शहर से करीब 5 किलोमीटर दूर तेजी से विकसित हो रहे कोनगांव (Kongaon) इलाके में जाल बिछाया। पुलिस ने सबसे पहले कोनगांव के 'डायमंड होटल' में छापेमारी की, लेकिन शातिर आरोपी पुलिस के पहुंचने से कुछ ही समय पहले वहां से निकल चुके थे। इसके बाद पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन की मदद से आरोपियों का पीछा किया और आखिरकार उन्हें सहारा एयरपोर्ट इलाके के पास से घेराबंदी करके दबोच लिया।

तलाशी में मिले चार 'असली' प्रश्नपत्र

जब पुलिस ने हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्धों की तलाशी ली, तो उनके पास से मोबाइल फोन, नकदी के अलावा TET परीक्षा के चार अलग-अलग प्रश्नपत्रों के सेट बरामद हुए।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) के वरिष्ठ अधिकारियों और शिक्षा विभाग के विशेषज्ञों को मौके पर बुलाया। जब्त किए गए प्रश्नपत्रों का मिलान जब 28 जून को होने वाली परीक्षा के मूल प्रश्नपत्रों से किया गया, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। बरामद कागजात में छपे सवाल हूबहू असली परीक्षा पेपर से मेल खा रहे थे। यह पूरी तरह साफ हो चुका था कि परीक्षा की गोपनीयता भंग हो चुकी थी।

 गिरफ्तार आरोपियों की कुंडली: कौन हैं ये तीन मास्टरमाइंड?

पुलिस ने मौके से जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वे महाराष्ट्र के बाहर के रहने वाले हैं और एक संगठित सिंडिकेट का हिस्सा हैं:

राजीव शाह (उम्र 45 वर्ष): निवासी - पटना, बिहार। यह मुख्य रूप से जमीन की खरीद-बिक्री (Land Deals) के धंधे से जुड़ा है, लेकिन इसका नेटवर्क शिक्षा माफियाओं से भी है।

आकाश कुमार (उम्र 30 वर्ष): निवासी - पटना, बिहार। यह भी राजीव शाह के साथ मिलकर इस सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहा था।

धीरज सिंह / धीरज कुमार (उम्र 28 वर्ष): निवासी - पानीपत, हरियाणा। पुलिस जांच में सामने आया है कि धीरज खुद केंद्रीय विद्यालय (KVS) की शिक्षक भर्ती परीक्षा में अनुत्तीर्ण (Fail) हो चुका है, जिसके बाद वह इस शॉर्टकट और अवैध धंधे में शामिल हो गया। वह लोगों को केंद्रीय स्तर की नौकरियों का झांसा देकर पैसे ऐंठने के काम में भी लिप्त था।

1.5 करोड़ की डील: पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे इन प्रश्नपत्रों को दिल्ली से लेकर आए थे और भिवंडी व ठाणे के स्थानीय दलालों के जरिए उम्मीदवारों को 1.5 करोड़ रुपये में बेचने वाले थे। परीक्षा तुरंत स्थगित: 4.28 लाख अभ्यर्थियों को झटका

पेपर लीक की आधिकारिक पुष्टि होते ही महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के निदेशक नंदकुमार बेडसे और शिक्षा विभाग ने देर न करते हुए 28 जून को होने वाली परीक्षा को तुरंत स्थगित करने का आदेश जारी कर दिया।

इस फैसले ने राज्य के 4 लाख 28 हजार से अधिक अभ्यर्थियों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। इस साल परीक्षा के लिए 1,028 केंद्रों (कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार 1,428 केंद्रों) पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

दिलचस्प बात यह है कि इस परीक्षा में बैठने वाले कुल उम्मीदवारों में से 2,26,263 उम्मीदवार ऐसे कामकाजी शिक्षक थे, जो पहले से नौकरी कर रहे हैं लेकिन अनिवार्य योग्यता पूरी करने के लिए परीक्षा दे रहे थे।

बाकी छात्र नए सिरे से शिक्षक बनने की दौड़ में शामिल थे। परीक्षा स्थगित होने से उम्मीदवारों में भारी आक्रोश और मानसिक तनाव का माहौल है।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई: SIT का गठन

मामले के अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय कड़ियों से जुड़े होने की आशंका को देखते हुए ठाणे पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक दुधे ने एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन की घोषणा की है।

SIT की संरचना और कार्रवाई:

प्रमुख: DCP डॉ. पवन बनसोड इस हाई-प्रोफाइल जांच का नेतृत्व करेंगे।

टीम: इस विशेष टीम में 2 सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), 9 पुलिस निरीक्षक (Police Inspectors) और 20 से अधिक अन्य पुलिसकर्मी शामिल किए गए हैं।

सख्त धाराएं: आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत धोखाधड़ी (Cheating), जालसाजी (Forgery) और आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) की धाराओं के साथ-साथ 'महाराष्ट्र प्रतियोगी परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' के तहत बेहद सख्त मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि इन आरोपियों के पास दिल्ली से पेपर कैसे पहुंचा? परीक्षा बोर्ड या प्रिंटिंग प्रेस के अंदर का कौन सा 'विभीषण' इस लीक में शामिल है? और भिवंडी में वे किन स्थानीय दलालों या सफेदपोश लोगों से मिलने वाले थे? पुलिस की कई टीमें जांच के लिए दिल्ली, बिहार और हरियाणा के लिए रवाना कर दी गई हैं।

 राजनीतिक घमासान और प्रशासनिक नाकामी पर सवाल

नीट (NEET-UG 2026) घोटाले के घाव अभी भरे भी नहीं थे कि महाराष्ट्र में इस नए लीक ने राज्य सरकार को बैकफुट पर ला दिया है। विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं।

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि सरकारें पार्टियां और विधायक तोड़ने में व्यस्त हैं, जबकि युवाओं का भविष्य सरेआम नीलाम हो रहा है। भिवंडी के स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसे प्रशासनिक नाकामी का सबसे बड़ा सबूत बताते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।

महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने उम्मीदवारों को आश्वासन दिया है कि परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए ही यह कड़ा कदम उठाया गया है। परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान जल्द ही परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर किया जाएगा। तब तक उम्मीदवारों को धैर्य रखने और किसी भी अफवाह से बचने की सलाह दी गई है।