सुल्तानगंज के वार्ड-1 में तीन दिनों से ठप नल-जल योजना, 300 से अधिक घरों में पेयजल संकट; जनप्रतिनिधियों ने की शीघ्र समाधान की मांग
भागलपुर | संवाददाता
भागलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-1 में पिछले तीन दिनों से नल-जल योजना के तहत पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम के बीच करीब 300 से अधिक परिवार पानी की एक-एक बूंद के लिए जूझ रहे हैं। नियमित जलापूर्ति बंद होने से लोगों की दैनिक दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो गई है। घरेलू कार्यों से लेकर पीने के पानी तक के लिए लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग और नगर परिषद के अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। लगातार तीन दिनों से पानी नहीं मिलने के कारण लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। वार्ड के युवा नेता सन्नी चौधरी और स्थानीय पार्षद विनोद कुमार ने भी प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
तीन दिनों से बंद है जलापूर्ति
स्थानीय निवासियों के अनुसार, नल-जल योजना के तहत पिछले तीन दिनों से एक भी बार पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। पहले लोगों को उम्मीद थी कि तकनीकी खराबी जल्द दूर हो जाएगी, लेकिन लगातार तीसरे दिन भी नलों में पानी नहीं आने से स्थिति गंभीर हो गई।
लोगों का कहना है कि सुबह और शाम पानी आने का निर्धारित समय बीत जाता है, लेकिन पाइपलाइन में पानी नहीं पहुंचता। इससे सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को हो रही है।
300 से अधिक परिवार प्रभावित
वार्ड संख्या-1 में रहने वाले 300 से अधिक परिवार सीधे इस समस्या से प्रभावित हैं। कई घरों में पीने तक का पानी उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में लोग हैंडपंप, निजी बोरिंग या दूसरे मोहल्लों से पानी लाकर अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं।
कई परिवारों ने बताया कि दूर-दराज से पानी ढोना बेहद कठिन हो गया है। जिनके घरों में छोटे बच्चे या बुजुर्ग हैं, उनके लिए यह संकट और भी गंभीर बन गया है।
गर्मी में बढ़ी परेशानी
इन दिनों क्षेत्र में भीषण गर्मी और उमस का माहौल है। ऐसे समय में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सबसे बड़ी आवश्यकता होती है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से लोगों को पीने, खाना बनाने, स्नान, कपड़े धोने और अन्य घरेलू कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी नहीं मिलने से डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
कई बार की गई शिकायत
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या की जानकारी कई बार नगर परिषद और संबंधित विभाग के अधिकारियों को दी है। इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
ग्रामीणों और वार्डवासियों का आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है, लेकिन जलापूर्ति सामान्य नहीं हो पाती। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
जनप्रतिनिधियों ने उठाई आवाज
युवा नेता सन्नी चौधरी ने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा लंबे समय तक बाधित रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल तकनीकी खराबी दूर कर नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग की।
स्थानीय पार्षद विनोद कुमार ने भी कहा कि वार्ड के सैकड़ों परिवार पिछले तीन दिनों से पानी के लिए परेशान हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जल्द समस्या का समाधान करने और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होने देने के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की।
महिलाओं पर सबसे अधिक असर
जल संकट का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं पर पड़ा है। उन्हें सुबह से शाम तक पानी की व्यवस्था करने में काफी समय और श्रम लगाना पड़ रहा है।
कई महिलाओं ने बताया कि घरेलू कार्यों के साथ-साथ दूर से पानी लाना उनकी मजबूरी बन गई है। इससे बच्चों की देखभाल और अन्य दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी मुश्किलें
पानी की कमी के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भी काफी दिक्कत हो रही है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से स्वच्छता बनाए रखना मुश्किल हो गया है।
डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को अधिक मात्रा में स्वच्छ पानी की आवश्यकता होती है। लंबे समय तक जल संकट रहने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
तकनीकी खराबी की आशंका
स्थानीय लोगों का अनुमान है कि पाइपलाइन, मोटर या पंपिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण जलापूर्ति बाधित हुई है। हालांकि संबंधित विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
लोगों ने मांग की है कि तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर समस्या का स्थायी समाधान करे ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
वार्डवासियों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक जलापूर्ति की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक नल-जल योजना पूरी तरह चालू नहीं होती, तब तक टैंकरों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की कि जलापूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए और खराबी आने पर तत्काल मरम्मत की जाए।
सुल्तानगंज नगर परिषद के वार्ड संख्या-1 में पिछले तीन दिनों से नल-जल योजना बंद रहने के कारण 300 से अधिक परिवार गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। युवा नेता सन्नी चौधरी और पार्षद विनोद कुमार ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है। अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वार्डवासियों का आक्रोश और बढ़ सकता है। सभी प्रभावित परिवारों की अपेक्षा है कि संबंधित विभाग शीघ्र तकनीकी खराबी दूर कर नियमित और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।