गोरेलाल मेहता कॉलेज में छात्र समस्याओं के समाधान हेतु 'छात्र कल्याण परिषद' गठित, आदर्श कुमार अध्यक्ष और आयुष गौतम सचिव चुने गए

बनमनखी (पूर्णिया): शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की समस्याओं को सुलझाने और उनके सर्वांगीण विकास को गति देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए गोरेलाल मेहता कॉलेज, बनमनखी में 'छात्र कल्याण परिषद' (Student Welfare Council) का विधिवत गठन किया गया है। 13 सदस्यीय इस परिषद् का मुख्य कार्य कॉलेज प्रशासन और छात्र समुदाय के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करना होगा। इस कदम से न केवल कॉलेज परिसर में अनुशासन और शैक्षणिक वातावरण में सुधार की उम्मीद है, बल्कि छात्रों को अपनी बात रखने के लिए एक मजबूत मंच भी प्राप्त हुआ है।

परिषद का गठन और चयन प्रक्रिया

गोरेलाल मेहता कॉलेज के सभागार में आयोजित एक विशेष बैठक में लोकतांत्रिक तरीके से परिषद के सदस्यों का चयन किया गया। इस प्रक्रिया में कॉलेज के विभिन्न विभागों से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है ताकि सभी छात्रों की समस्याओं को उचित स्थान मिल सके।

परिषद की घोषणा के साथ ही छात्र समुदाय में खुशी की लहर है:

अध्यक्ष (President): आदर्श कुमार को सर्वसम्मति से परिषद का अध्यक्ष चुना गया है।

सचिव (Secretary): आयुष गौतम को परिषद की बागडोर सौंपते हुए सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है।

13 सदस्यीय टीम: इनके अलावा अन्य 11 सदस्यों को विभिन्न उत्तरदायित्व सौंपे गए हैं, जो खेलकूद, पुस्तकालय प्रबंधन, सांस्कृतिक गतिविधियों और छात्र शिकायतों के निवारण पर काम करेंगे।

परिषद के प्रमुख उद्देश्य और कार्यक्षेत्र

इस नवगठित छात्र कल्याण परिषद के कार्यक्षेत्र काफी व्यापक हैं। परिषद के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनका लक्ष्य किसी राजनीति का हिस्सा बनना नहीं, बल्कि कॉलेज की व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।

नियमित बैठकें: परिषद ने निर्णय लिया है कि वे हर माह एक अनिवार्य बैठक करेंगे। इन बैठकों में कॉलेज परिसर की समस्याओं, जैसे कि कक्षाओं का संचालन, पेयजल, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं पर चर्चा की जाएगी।

समस्याओं का समाधान: छात्र अपनी शैक्षणिक और व्यक्तिगत समस्याओं को इन सदस्यों के समक्ष रखेंगे, जिसे फिर कॉलेज प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा। इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आएगी।

छात्रों का सर्वांगीण विकास: पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों के व्यक्तित्व विकास पर जोर दिया जाएगा।

कॉलेज प्रशासन की प्रतिक्रिया

गोरेलाल मेहता कॉलेज के प्राचार्य और अन्य वरिष्ठ शिक्षकों ने इस पहल का स्वागत किया है। प्रशासन का मानना है कि छात्रों का अपना प्रतिनिधित्व होने से संवाद में आसानी होगी। उन्होंने परिषद के सदस्यों को कॉलेज के नियमों और अनुशासन के भीतर रहकर कार्य करने की सलाह दी है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि छात्रों की वाजिब मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा और परिषद के सुझावों को कॉलेज की विकास योजना में प्राथमिकता दी जाएगी।

छात्रों में उत्साह

कॉलेज के छात्रों का कहना है कि लंबे समय से एक ऐसे मंच की आवश्यकता थी जो सीधे छात्रों की समस्याओं को प्रबंधन तक पहुंचा सके। आदर्श कुमार और आयुष गौतम जैसे युवा नेतृत्व के चयन से छात्रों को उम्मीद है कि वे परिसर में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। आयुष गौतम ने कहा, "हमारा उद्देश्य कॉलेज के छात्रों को एक ऐसी सुविधा प्रदान करना है जहाँ वे बिना किसी संकोच के अपनी बात कह सकें।"

आगे की राह: क्या उम्मीदें हैं?

परिषद के गठन के साथ ही गोरेलाल मेहता कॉलेज में एक नई परंपरा की शुरुआत हुई है। 13 सदस्यीय यह टीम आने वाले समय में कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास करेगी।

मुख्य चुनौतियां जो इस परिषद के सामने रहेंगी:

अनुशासन और पढ़ाई का संतुलन: यह सुनिश्चित करना कि प्रदर्शनों या मांगों के बीच पढ़ाई बाधित न हो।

शिकायत निवारण तंत्र: छात्रों की छोटी-छोटी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाना।

पारदर्शिता: हर माह होने वाली बैठकों की जानकारी छात्रों को देना ताकि उनमें विश्वास बना रहे।

गोरेलाल मेहता कॉलेज, बनमनखी द्वारा उठाया गया यह कदम अन्य कॉलेजों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है। एक अनुशासित और सशक्त छात्र परिषद निश्चित रूप से संस्थान के गौरव को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी।