सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए अब उपलब्ध है अत्याधुनिक 'कोल्पोस्कोपी मशीन'
मुजफ्फरपुर: जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। मुजफ्फरपुर स्थित मॉडल अस्पताल में अब कैंसर की जांच के लिए अत्याधुनिक 'कोल्पोस्कोपी' (Colposcopy) मशीन उपलब्ध करा दी गई है। इस नई सुविधा के आने से अब महिलाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) की प्रारंभिक जांच और स्क्रीनिंग आसान हो गई है। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि यह मशीन इस जानलेवा बीमारी के समय पर पता लगाने में मील का पत्थर साबित होगी।
समय पर जांच, बचाव का सबसे बड़ा साधन
एनसीडीओ (NCDO) डॉ. नवीन कुमार ने इस नई सुविधा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसर के प्रकारों में से एक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि इस बीमारी का पता शुरुआती अवस्था में चल जाए, तो इसका सफल इलाज पूरी तरह संभव है। कोल्पोस्कोपी मशीन की मदद से डॉक्टर गर्भाशय के निचले हिस्से (सर्वाइकल) की सूक्ष्म जांच कर सकते हैं, जिससे असामान्य कोशिकाओं या शुरुआती लक्षणों को आसानी से पहचाना जा सकता है।
30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए अनिवार्य स्क्रीनिंग
डॉ. नवीन कुमार ने महिलाओं को सचेत करते हुए सलाह दी है कि उन्हें अपनी सेहत को लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 30 वर्ष की आयु पार करने वाली प्रत्येक महिला को नियमित रूप से सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग करानी चाहिए। कई बार शुरुआती दौर में सर्वाइकल कैंसर के लक्षण नजर नहीं आते, ऐसे में यह स्क्रीनिंग ही सुरक्षा का सबसे बड़ा कवच है। नियमित अंतराल पर जांच कराने से कैंसर पूर्व अवस्था (Pre-cancerous stage) का पता चल जाता है, जिससे आगे चलकर कैंसर विकसित होने का खतरा पूरी तरह समाप्त हो जाता है।
कैसे काम करती है यह मशीन?
कोल्पोस्कोपी मशीन एक विशेष प्रकार के मैग्नीफाइंग ग्लास (दूरबीन) की तरह कार्य करती है, जो गर्भाशय ग्रीवा के ऊतकों को कई गुना बड़ा करके दिखाती है। यह मशीन डॉक्टरों को यह देखने में मदद करती है कि गर्भाशय के उस हिस्से में कोई असामान्य वृद्धि या घाव तो नहीं है। यदि जांच के दौरान कोई संदिग्ध हिस्सा दिखता है, तो तुरंत बायोप्सी के जरिए उसका नमूना लिया जा सकता है। यह प्रक्रिया दर्द रहित है और इसमें बहुत कम समय लगता है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा
मॉडल अस्पताल में इस सुविधा के शुरू होने से मुजफ्फरपुर और इसके आसपास के जिलों की महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी। पहले इस तरह की जांच के लिए मरीजों को निजी बड़े अस्पतालों या अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था, जिसमें काफी खर्च और समय लगता था। अब सरकारी स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध होने से गरीब और जरूरतमंद महिलाएं भी मुफ्त या रियायती दरों पर अपनी जांच करा सकेंगी।
अस्पताल प्रबंधन ने महिलाओं से अपील की है कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कैंसर जैसी बीमारी से लड़ने का सबसे प्रभावी तरीका 'जागरूकता और समय पर जांच' है। मुजफ्फरपुर का यह मॉडल अस्पताल अब इस दिशा में और भी मजबूती से कार्य करने के लिए तैयार है।