बरसात में सुरक्षा को लेकर सतर्क हुआ रेलवे, सीनियर डीईएन आसीत कुमार ने खगड़िया-नवगछिया रेलखंड का किया औचक निरीक्षण
नवगछिया: मानसून की सक्रियता के बीच रेल परिचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सोनपुर मंडल पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को सोनपुर डिवीजन के सीनियर डीईएन (Senior DEN) आसीत कुमार ने खगड़िया-नवगछिया रेलवे स्टेशन के बीच के रेलखंड का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ट्रैक की सुरक्षा, जल निकासी और बारिश के मौसम में संभावित खतरों को देखते हुए मातहत अधिकारियों को कई कड़े निर्देश दिए।
सुरक्षा को प्राथमिकता: बारीकी से परखा गया ट्रैक
सीनियर डीईएन आसीत कुमार ने एक विशेष टावर वैगन से पूरे रेलखंड का जायजा लिया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य बरसात के दिनों में पटरियों पर होने वाली समस्याओं का आकलन करना था। उन्होंने रेल पटरी (Rail Track), स्लीपर, और फिश प्लेटों की स्थिति की बारीकी से जांच की।
निरीक्षण के दौरान सीनियर डीईएन ने ट्रैक के आसपास जलजमाव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया कि पानी की निकासी के लिए नालों की तत्काल सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ट्रैक के पास पानी का जमाव रेल सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है, इसलिए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
अधिकारियों को दिए गए कड़े निर्देश
मौके पर मौजूद स्थानीय रेलवे इंजीनियरों और तकनीकी अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए आसीत कुमार ने कई आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए:
ट्रैक पेट्रोलिंग में सख्ती: बारिश के दौरान ट्रैक पेट्रोलिंग को दोगुना करने का निर्देश दिया गया है। रात के समय पेट्रोलिंग करने वाले 'ट्रैक मैन' को पूरी सतर्कता बरतने को कहा गया है।
संवेदनशील स्थानों की पहचान: रेलखंड के उन हिस्सों को चिन्हित किया गया है, जहां बाढ़ या भारी बारिश के दौरान मिट्टी के कटाव (Soil Erosion) का खतरा रहता है। वहां आवश्यक मरम्मत कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
सामग्री की उपलब्धता: किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए रेलवे के पास आवश्यक पत्थर (Ballast), गिट्टी और अन्य सामग्री का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में रखने को कहा गया है।
सिग्नलिंग प्रणाली: बारिश के दौरान सिग्नलिंग में आने वाली तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए इंजीनियरों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया गया है।
सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
मीडिया से संक्षिप्त बातचीत करते हुए सीनियर डीईएन ने कहा कि मानसून के दौरान रेल परिचालन की सुरक्षा रेलवे की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, "खगड़िया-नवगछिया खंड एक व्यस्त मार्ग है, इसलिए यहां सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमने ट्रैक की हर छोटी-बड़ी खामी को दूर करने के लिए विशेष टीम तैनात की है।"
इस निरीक्षण से रेलवे महकमे में हलचल तेज हो गई है। कर्मचारियों को हिदायत दी गई है कि वे नियमित रूप से अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपते रहें। रेलवे का मानना है कि मानसून के दौरान की गई ये तैयारियां ही किसी बड़ी दुर्घटना को रोकने में सहायक सिद्ध होती हैं। इस औचक निरीक्षण के बाद रेल प्रशासन के दावों और कार्यशैली पर अब नजरें टिकी हुई हैं।