वैशाली में पुलिस अभिरक्षा से सनसनीखेज फरार: धरहरा गांव से गिरफ्तार लूट और आर्म्स एक्ट का आरोपी रामभरोस कुमार शौच के बहाने चकमा देकर हुआ रफूचक्कर; महकमे में मचा हड़कंप, ताबड़तोड़ छापेमारी जारी
वैशाली: बिहार के वैशाली जिले से कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। लूटपाट और आर्म्स एक्ट (Arms Act) जैसे गंभीर मामलों में पुलिस के हत्थे चढ़ा एक कुख्यात अपराधी रामभरोस कुमार, पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया है। रामभरोस कुमार को हाल ही में जिले के धरहरा गांव से एक गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। वह बुधवार की शाम को पुलिस अभिरक्षा (Police Custody) के दौरान शौच जाने का बहाना बनाकर पुलिसकर्मियों की नजरों से बचकर भाग निकला। इस दुस्साहसिक घटना के बाद जिला पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और उसकी दोबारा गिरफ्तारी के लिए विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।
कैसे दिया गया फरार होने की इस घटना को अंजाम?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी रामभरोस कुमार को वैशाली पुलिस ने लूट और अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में धरदबोचा था। गिरफ्तारी के बाद उससे लगातार पूछताछ की जा रही थी और कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे जेल भेजने या अन्य जगहों पर ले जाने की तैयारी चल रही थी।
शौच का बहाना बना ढाल: बुधवार की शाम को पुलिस हिरासत में रहने के दौरान रामभरोस ने पुलिसकर्मियों से शौच जाने की इच्छा जताई। आपराधिक मामलों में पकड़े गए आरोपियों द्वारा इस प्रकार के बहाने अक्सर बनाए जाते हैं, और इस बार भी आरोपी ने इसी पारंपरिक हथकंडे का इस्तेमाल किया।
पुलिस की चूक और अंधेरे का फायदा: पुलिसकर्मियों ने जब उसे थोड़ी ढील दी और वह शौच के लिए बाहर गया, तो उसने पलक झपकते ही वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों को चकमा दे दिया। शाम के वक्त का फायदा उठाकर और आसपास के भौगोलिक इलाके (लोकेशन) की पूरी जानकारी होने के कारण वह अंधेरे में गायब हो गया। जब तक पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते और उसे तलाशते, तब तक वह काफी दूर निकल चुका था।
गंभीर मामलों में वांटेड था रामभरोस कुमार
पुलिस हिरासत से फरार हुआ रामभरोस कुमार कोई आम अपराधी नहीं है, बल्कि उसके खिलाफ जिले के कई थानों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
लूट और आर्म्स एक्ट जैसे संगीन जुर्म: पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रामभरोस पर मुख्य रूप से लूटपाट (Robbery) और अवैध असलाह रखने (Arms Act) के संगीन आरोप थे। वैशाली और आसपास के इलाकों में उसकी संलिप्तता कई आपराधिक वारदातों में पाई गई थी।
धरहरा गांव से हुई थी गिरफ्तारी: कुछ समय की लुकाछिपी के बाद पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उसे धरहरा गांव से दबोचा था। पुलिस को उम्मीद थी कि उसकी गिरफ्तारी से इलाके में हो रहे आपराधिक मामलों पर लगाम लगेगी, लेकिन उसकी इस तरह फरार होने की घटना ने पुलिस की मेहनत पर पानी फेर दिया है।
पुलिस महकमे में खलबली, लापरवाह कर्मियों पर गिरेगी गाज
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना से लेकर जिला मुख्यालय तक के पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए। आनन-फानन में वरिष्ठ अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया।
विशेष टीमों का गठन: फरार हुए अपराधी की धरपकड़ के लिए पुलिस ने कई स्पेशल पुलिस टीमों (Special Police Teams) का गठन किया है। उसके संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों के घरों और आसपास के गांवों में लगातार छापेमारी की जा रही है।
लापरवाही की जांच शुरू: इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब एक कुख्यात अपराधी को हिरासत में रखा गया था, तो सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे? क्या पुलिसकर्मियों की तरफ से कोई बड़ी लापरवाही बरती गई थी? इन तमाम बिंदुओं पर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संतरी और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई (Departmental Action) तय मानी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर से पुलिस हिरासत से कैदियों या आरोपियों के भागने की पुरानी और गंभीर समस्या पर बहस छिड़ गई है। वैशाली के आम नागरिकों और प्रबुद्धजनों में इसे लेकर भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस इस तरह की लापरवाही बरतेगी, तो अपराधियों के हौसले और अधिक बुलंद हो जाएंगे।
बहरहाल, वैशाली पुलिस के लिए यह प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि रामभरोस कुमार को बहुत जल्द दोबारा गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस बार उसे कानून के शिकंजे से बचने का कोई मौका नहीं मिलेगा। हालांकि, तब तक यह घटना पुलिस प्रशासन के माथे पर एक बड़ा कलंक बनी हुई है।