श्रावणी मेले में सुरक्षा और निगरानी होगी चाक-चौबंद; डीएम के सख्त निर्देश पर शहर के सभी बंद पड़े सीसीटीवी कैमरे तत्काल दुरुस्त करने के आदेश, पुलिस महकमे में हलचल

भागलपुर, कार्यालय संवाददाता: विश्व प्रसिद्ध और पावन श्रावणी मेले के दौरान सिल्क सिटी भागलपुर में कानून-व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों शिवभक्तों और कांवरियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भागलपुर के जिलाधिकारी (DM) ने एक बेहद महत्वपूर्ण और सख्त निर्देश जारी किया है। डीएम ने विभिन्न थाना प्रभारियों और संबंधित विभागों के पत्रों का हवाला देते हुए शहर के विभिन्न हिस्सों में बंद पड़े सभी सीसीटीवी कैमरों को तत्काल प्रभाव से चालू (रिपेयर) करने के आदेश दिए हैं। इस प्रशासनिक कदम से न केवल अपराधियों पर नकेल कसेगी, बल्कि पुलिस कंट्रोल रूम से शहर की हर गतिविधि की लाइव मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित हो सकेगी।

श्रावणी मेले की सुरक्षा: कैमरों की उपयोगिता क्यों है अहम?

सावन के पवित्र महीने में भागलपुर और सुल्तानगंज क्षेत्र में श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ता है:

भीड़ नियंत्रण और संदिग्धों पर नजर: लाखों की संख्या में उमड़ने वाली भीड़ के बीच असामाजिक तत्वों, उचक्कों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होता है। ऐसे में शहर के प्रमुख चौराहों, ट्रैफिक सिग्नलों और संवेदनशील स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे सुरक्षा के तीसरे नेत्र के रूप में काम करते हैं।

थानाध्यक्षों के पत्रों का मिला हवाला: हाल ही में शहर के कई थाना प्रभारियों ने अपने रिपोर्ट और पत्रों के माध्यम से जिला प्रशासन को अवगत कराया था कि उनके क्षेत्रों में लगे कई सीसीटीवी कैमरे तकनीकी खराबी या रख-रखाव के अभाव में लंबे समय से बंद पड़े हैं। इन पत्रों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तत्कालिन कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

डीएम की समीक्षा बैठक और त्वरित मरम्मत के आदेश

जिलाधिकारी द्वारा आयोजित उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक में तकनीकी तंत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया:

युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य: डीएम ने नगर निगम और संबंधित तकनीकी एजेंसियों को यह सख्त हिदायत दी है कि वे श्रावणी मेले के शुरू होने से पहले ही सभी खराब कैमरों की जियो-मैपिंग और मैंटेनेंस का कार्य पूरा कर लें। जिन कैमरों के लेंस खराब हैं या जिनके सर्वर में दिक्कत है, उन्हें तुरंत बदलकर नया उपकरण लगाया जाए।

कंट्रोल रूम से सीधी निगरानी: शहर के मुख्य नियंत्रण कक्ष (Command and Control Center) को इन कैमरों से लाइव फीड से जोड़ा जा रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या आपातकाल में पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंच सके।

व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों में खुशी की लहर

प्रशासन के इस सख्त और समयोचित कदम की शहरवासियों, दुकानदारों और प्रबुद्ध नागरिकों ने भूरी-भूरी प्रशंसा की है:

अपराधों पर लगेगी लगाम: स्थानीय लोगों का मानना है कि कैमरों के चालू होने से चेन स्नेचिंग, पॉकेटमारी, छेड़खानी और वाहन चोरी जैसी वारदातों पर काफी हद तक लगाम लगेगी।

यातायात सुगम होगा: श्रावणी मेले के दौरान लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए भी इन कैमरों की फुटेज का उपयोग ट्रैफिक पुलिस द्वारा किया जाएगा, जिससे गाड़ियों के रूट डायवर्जन और आवागमन को दुरुस्त रखने में मदद मिलेगी।

भागलपुर के डीएम द्वारा श्रावणी मेले के मद्देनजर बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों को तत्काल चालू करने का यह निर्देश प्रशासनिक संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का एक बेहतरीन उदाहरण है। तकनीक और पुलिस बल के इस समन्वय से न केवल मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था अडिग बनेगी, बल्कि देश भर से आने वाले शिवभक्तों का सफर भी पूरी तरह सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।