एसडीएम ने नल-जल योजना की जांच में पकड़ी बड़ी लापरवाही, कई वार्डों में जलापूर्ति ठप और अधूरा मिला बुनियादी ढांचा
बेनीपुर (दरभंगा)। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल-जल योजना की जमीनी हकीकत जानने के लिए बेनीपुर के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) मनीष कुमार झा ने नगर परिषद के वार्ड संख्या 12, 13 और 8 का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान योजना के क्रियान्वयन में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कहीं जलापूर्ति पूरी तरह बंद मिली तो कहीं आवश्यक बुनियादी ढांचे का अभाव पाया गया। वहीं एक वार्ड में घरों तक कनेक्शन दिए जाने के बावजूद लोगों को नियमित रूप से पानी नहीं मिल रहा था।
निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों पर एसडीएम ने गहरी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों एवं कार्य एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए जल्द से जल्द सभी खामियों को दूर करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वार्ड-12 में बंद मिली जलापूर्ति
निरीक्षण की शुरुआत वार्ड संख्या-12 से हुई, जहां एसडीएम ने पाया कि नल-जल योजना के तहत जलापूर्ति नियमित रूप से नहीं हो रही है। स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि कई दिनों से नलों में पानी नहीं आ रहा है, जिससे उन्हें पीने और घरेलू उपयोग के लिए दूसरे स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी गई।
वार्ड-13 में बुनियादी ढांचे की कमी
इसके बाद एसडीएम वार्ड संख्या-13 पहुंचे, जहां निरीक्षण के दौरान योजना के संचालन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे में कमी पाई गई। अधिकारियों ने पाया कि कई आवश्यक संरचनाएं अधूरी हैं या अपेक्षित मानकों के अनुरूप विकसित नहीं की गई हैं।
एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य में हुई देरी और कमियों के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।
वार्ड-8 में कनेक्शन, लेकिन पानी नहीं
वार्ड संख्या-8 में स्थिति और भी चिंताजनक पाई गई। यहां अधिकांश घरों में नल-जल योजना के तहत कनेक्शन दिए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद लोगों को नियमित रूप से पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि कई बार पाइपलाइन में पानी नहीं आता, जबकि कभी-कभी बहुत कम दबाव के साथ जलापूर्ति होती है। इससे योजना का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
लोगों ने अधिकारियों के सामने रखी समस्याएं
निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एसडीएम से मिले और अपनी समस्याएं बताईं। उन्होंने कहा कि योजना शुरू होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि शुद्ध पेयजल की समस्या समाप्त हो जाएगी, लेकिन आज भी उन्हें हैंडपंप और अन्य वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है।
लोगों ने जलापूर्ति को नियमित बनाने और तकनीकी खामियों को शीघ्र दूर करने की मांग की।
एसडीएम ने जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर एसडीएम मनीष कुमार झा ने संबंधित विभाग के अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसी के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी तकनीकी और प्रशासनिक कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए ताकि लोगों को बिना किसी बाधा के स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
योजना का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पानी
हर घर नल-जल योजना का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। इस योजना के माध्यम से लोगों को हैंडपंप और असुरक्षित जल स्रोतों पर निर्भरता से मुक्त करना सरकार का लक्ष्य है।
विशेषज्ञों का कहना है कि योजना की सफलता नियमित रखरखाव, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और समय पर मरम्मत पर निर्भर करती है।
तकनीकी खराबी और रखरखाव बड़ी चुनौती
जलापूर्ति योजनाओं में तकनीकी खराबी, मोटर की समस्या, पाइपलाइन लीकेज, बिजली आपूर्ति में बाधा तथा नियमित रखरखाव की कमी जैसी समस्याएं अक्सर सामने आती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय-समय पर निरीक्षण और रखरखाव किया जाए, तो अधिकांश समस्याओं का समाधान आसानी से किया जा सकता है।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
एसडीएम ने संबंधित विभाग को निर्देश दिया कि—
- बंद जलापूर्ति को तत्काल बहाल किया जाए।
- अधूरे बुनियादी ढांचे का निर्माण जल्द पूरा किया जाए।
- सभी घरों में नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- तकनीकी खराबियों की समयबद्ध मरम्मत की जाए।
- कार्यों की नियमित निगरानी की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में निरीक्षण के दौरान यदि लापरवाही दोबारा पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लोगों ने जताई उम्मीद
निरीक्षण के बाद स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन के हस्तक्षेप से उनकी वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान होगा। उनका कहना है कि यदि अधिकारियों के निर्देशों का सही तरीके से पालन किया गया, तो हजारों लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा नियमित रूप से मिल सकेगी।
विकास योजनाओं की निगरानी जरूरी
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी योजनाओं की नियमित निगरानी और सामाजिक ऑडिट से योजनाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है। इससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ती है और लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल पाता है।
बेनीपुर नगर परिषद के वार्ड 12, 13 और 8 में एसडीएम मनीष कुमार झा के निरीक्षण में सामने आई अनियमितताएं यह संकेत देती हैं कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केवल निर्माण कार्य पर्याप्त नहीं है, बल्कि नियमित निगरानी, रखरखाव और जवाबदेही भी उतनी ही आवश्यक है।
यदि प्रशासन समयबद्ध तरीके से सभी कमियों को दूर कर जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाता है, तो हर घर नल-जल योजना का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा और क्षेत्र के हजारों परिवारों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का स्थायी लाभ मिल सकेगा।