राजद का 30वां स्थापना दिवस: दरभंगा में कार्यकर्ताओं ने फूंका संकल्प, पार्टी को और मजबूत करने का लिया प्रण
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के स्थापना के 30 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में दरभंगा जिले में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह समारोह पार्टी के जिला अध्यक्ष उदय शंकर यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं का भारी उत्साह देखने को मिला, जहाँ सैकड़ों की संख्या में पार्टी पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता और समर्पित कार्यकर्ता एक मंच पर एकत्रित हुए।
स्थापना दिवस के इस अवसर पर न केवल पार्टी के संघर्षपूर्ण इतिहास को याद किया गया, बल्कि आगामी भविष्य के लिए संगठन को और अधिक सुदृढ़ बनाने का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।
समारोह का मुख्य आकर्षण: एकजुटता का संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा झंडोत्तोलन और महान विभूतियों के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुई। जिला प्रभारी की उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया। अपने संबोधन में जिला प्रभारी ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल केवल एक राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के सम्मान की एक विचारधारा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर आम जनता की समस्याओं को सुनें और उन्हें पार्टी की मुख्यधारा से जोड़ें।
उदय शंकर यादव का आह्वान: 'संगठन ही शक्ति है'
अध्यक्षता करते हुए उदय शंकर यादव ने कहा, "पिछले 30 वर्षों में राजद ने हर कठिन परिस्थिति का सामना किया है और जनता के विश्वास को कायम रखा है। आज हमारे सामने चुनौतियां नई हैं, लेकिन हमारा संकल्प अडिग है।" उन्होंने पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि पार्टी की असली ताकत उसके कार्यकर्ता ही हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी लाठी और झंडे के साथ डटे रहते हैं।
उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे सोशल मीडिया से लेकर बूथ स्तर तक पार्टी की नीतियों को ले जाएं और विशेष रूप से युवाओं को जोड़ने का कार्य करें।
पूर्व विधायकों की उपस्थिति और राजनीतिक विमर्श
इस कार्यक्रम में राजद के कई पूर्व विधायकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने पार्टी के शुरुआती दिनों के संघर्षों को याद करते हुए वर्तमान पीढ़ी के कार्यकर्ताओं को प्रेरणा दी। पूर्व विधायकों ने कहा कि पार्टी का मूल मंत्र हमेशा से 'गरीब और कमजोर वर्ग का उत्थान' रहा है। उन्होंने दरभंगा जिले में पार्टी की पकड़ को और मजबूत करने के लिए सुझाव दिए और आगामी स्थानीय निकायों के चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने की रणनीति पर चर्चा की।
कार्यकर्ताओं में उत्साह: संकल्प और चुनौतियां
कार्यक्रम में भाग लेने वाले सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि वे आगामी समय में पार्टी को और अधिक आक्रामक और संगठनात्मक रूप से सक्षम बनाएंगे। चर्चा के प्रमुख बिंदुओं में शामिल थे:
बूथ प्रबंधन: हर बूथ पर मजबूत टीम का गठन करना।
जन-संपर्क अभियान: जनता की ज्वलंत समस्याओं पर मुखर होकर आवाज उठाना।
युवा शक्ति: युवाओं को नई जिम्मेदारियां सौंपकर पार्टी में सक्रियता बढ़ाना।
सोशल जस्टिस और राजद की विचारधारा
समारोह के दौरान वक्ताओं ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि राजद का 30 साल का सफर सामाजिक न्याय के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता का रहा है। दरभंगा जैसे सांस्कृतिक और राजनीतिक रूप से जागरूक जिले में पार्टी की जड़ें बहुत गहरी हैं, और यह स्थापना दिवस इस बात का प्रमाण है कि कार्यकर्ताओं में आज भी वही पुराना जोश कायम है।
कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों का पालन करते हुए संगठन को दरभंगा में अपराजेय बनाएंगे। समारोह का समापन एक नई ऊर्जा और दृढ़ संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी ने एकजुट होकर 'जय हिंद, जय राजद' के नारों के साथ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।