बिहार में वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री: 6.12 लाख दोपहिया और 50 हजार चारपहिया वाहन बिके

बिहार के परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष राज्य में वाहनों की बिक्री ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यहाँ मुख्य विवरण दिए गए हैं:

वाहन का प्रकार1 जनवरी से 19 जून 2026 तक की बिक्री
दोपहिया वाहन (Two-wheelers)6.12 लाख
चारपहिया वाहन (Four-wheelers)करीब 50 हजार

लग्जरी कारों का क्रेज: बिहार में अब मर्सिडीज जैसी प्रीमियम लग्जरी कारों के लिए भी बाजार तैयार हो चुका है। पटना में अब कई लग्जरी ब्रांड्स के शोरूम खुल चुके हैं, जिससे राज्य के समृद्ध वर्ग में मर्सिडीज और अन्य महंगी गाड़ियों की मांग बढ़ी है।

एसयूवी (SUV) की बढ़ती लोकप्रियता: पिछले कुछ समय में बिहार के खरीदारों में एसयूवी गाड़ियों को लेकर विशेष रुचि देखी गई है। राज्य की सड़कों पर अब टाटा सफारी, एक्सयूवी 700 और इनोवा जैसी प्रीमियम एसयूवी गाड़ियों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है।

बढ़ता बाजार: पटना सहित मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, गया और मोतिहारी जैसे शहरों में वाहनों की बिक्री में सबसे अधिक उछाल देखा गया है।

सरकारी प्रभाव: राज्य सरकार द्वारा अधिकारियों और मंत्रियों के लिए वाहनों के बजट में की गई बढ़ोतरी (जैसे मंत्रियों के लिए 37 लाख तक की गाड़ी) ने भी बाजार में प्रीमियम और आधुनिक गाड़ियों की मांग को बढ़ावा दिया है।

बिहार में वाहनों की यह रिकॉर्ड बिक्री राज्य की बदलती आर्थिक स्थिति और लोगों की बढ़ती क्रय शक्ति (purchasing power) का संकेत है। लोग अब केवल आवागमन के लिए ही नहीं, बल्कि स्टेटस और सुरक्षा के लिए भी प्रीमियम और एसयूवी श्रेणी की गाड़ियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।