बायसी और केनगर में तकनीकी खराबी से राशन वितरण बाधित, दो-तीन दिनों से पीडीएस दुकानों के चक्कर लगा रहे लाभुक
पूर्णिया। जिले के बायसी और केनगर प्रखंड क्षेत्र में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों पर तकनीकी समस्याओं के कारण राशन वितरण व्यवस्था प्रभावित हो गई है। पिछले दो से तीन दिनों से कई लाभुक राशन लेने के लिए उचित मूल्य की दुकानों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन तकनीकी परेशानी के कारण उन्हें बिना राशन लिए ही वापस लौटना पड़ रहा है। लगातार हो रही इस परेशानी से लाभुकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि सरकार की ओर से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन तकनीकी व्यवस्था में खराबी के कारण उन्हें समय पर इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, बायसी और केनगर प्रखंड के कई जन वितरण प्रणाली केंद्रों पर राशन वितरण की प्रक्रिया तकनीकी कारणों से प्रभावित हुई है। लाभुक निर्धारित समय पर दुकानों पर पहुंच रहे हैं। कई लोग सुबह से ही राशन लेने के लिए कतार में खड़े हो रहे हैं, लेकिन ई-पॉस मशीन अथवा संबंधित ऑनलाइन प्रणाली में तकनीकी दिक्कत आने के कारण वितरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। कुछ दुकानदारों द्वारा लाभुकों को तकनीकी समस्या ठीक होने के बाद राशन उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है।
राशन लेने पहुंचे लोगों को लौटना पड़ा
राशन वितरण बाधित होने का सबसे अधिक असर उन परिवारों पर पड़ रहा है जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली से मिलने वाले अनाज पर काफी हद तक निर्भर हैं। ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में परिवारों के लिए पीडीएस का राशन घरेलू खाद्य जरूरतों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में लगातार दो-तीन दिनों तक दुकान से बिना राशन लौटना लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
लाभुकों का कहना है कि उन्हें राशन वितरण की तारीख और प्रक्रिया की जानकारी के आधार पर दुकान तक पहुंचना पड़ता है। दुकान पर पहुंचने के बाद यदि तकनीकी समस्या के कारण राशन नहीं मिलता है तो आने-जाने में समय और पैसे दोनों खर्च होते हैं। कई लोगों को दोबारा दुकान पर आने के लिए भी मजबूर होना पड़ रहा है।
कुछ लाभुकों ने मांग की है कि तकनीकी समस्या का जल्द समाधान किया जाए और जिन लोगों को निर्धारित अवधि में राशन नहीं मिल पाया है, उन्हें बाद में पर्याप्त समय देकर राशन उपलब्ध कराया जाए। लोगों का कहना है कि तकनीकी समस्या की वजह से उनका राशन का अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए।
ई-पॉस मशीन और ऑनलाइन व्यवस्था पर निर्भर है वितरण
वर्तमान समय में जन वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण में ई-पॉस मशीन और डिजिटल सत्यापन व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। लाभुकों की पहचान और राशन वितरण की प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पूरी की जाती है। नेटवर्क, सर्वर या मशीन से जुड़ी तकनीकी समस्या होने पर कई बार पूरी वितरण प्रक्रिया रुक जाती है।
पीडीएस दुकानदारों के सामने भी इस दौरान मुश्किल स्थिति पैदा हो जाती है। दुकानदारों का कहना है कि तकनीकी व्यवस्था में समस्या होने पर वे अपनी ओर से राशन वितरण नहीं कर सकते। सिस्टम में लाभुक का सत्यापन और वितरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही राशन देना संभव होता है। ऐसे में मशीन या सर्वर काम नहीं करने की स्थिति में दुकानदारों को भी लाभुकों को इंतजार करने या बाद में आने के लिए कहना पड़ता है।
दुकानदारों की भी बढ़ रही परेशानी
राशन वितरण बाधित होने का असर केवल लाभुकों पर ही नहीं बल्कि पीडीएस दुकानदारों पर भी पड़ रहा है। दुकान पर आने वाले लोग स्वाभाविक रूप से राशन की मांग करते हैं। जब तकनीकी समस्या के कारण वितरण संभव नहीं होता तो दुकानदारों और लाभुकों के बीच बहस की स्थिति भी बन सकती है।
दुकानदारों का कहना है कि वे भी चाहते हैं कि लाभुकों को समय पर राशन मिले। लेकिन यदि मशीन या ऑनलाइन सिस्टम में तकनीकी समस्या है तो उनके लिए तत्काल वितरण करना संभव नहीं होता। कई दुकानदारों ने संबंधित अधिकारियों तक समस्या की जानकारी पहुंचाने की बात कही है, ताकि जल्द से जल्द व्यवस्था सामान्य हो सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तकनीकी खराबी की समस्या नई नहीं है। कई बार नेटवर्क या सर्वर से संबंधित परेशानी के कारण लाभुकों को राशन लेने के लिए बार-बार दुकानों का चक्कर लगाना पड़ता है। ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या होने पर यह परेशानी और बढ़ जाती है।
अधिकारियों से जल्द समाधान की मांग
बायसी और केनगर क्षेत्र के लाभुकों ने प्रशासन से मांग की है कि राशन वितरण में आई तकनीकी समस्या का तत्काल समाधान कराया जाए। लोगों का कहना है कि गरीब परिवारों को राशन के लिए अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होना चाहिए। यदि किसी तकनीकी कारण से वितरण रुकता है तो विभाग को वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार करना चाहिए।
लाभुकों ने यह भी मांग की है कि जिन परिवारों को तकनीकी समस्या के कारण निर्धारित समय पर राशन नहीं मिल पाया है, उनके लिए अतिरिक्त वितरण दिवस तय किया जाए। इससे लोगों को अपना निर्धारित खाद्यान्न प्राप्त करने में आसानी होगी।
ग्रामीणों का कहना है कि पीडीएस व्यवस्था का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। इसलिए तकनीकी समस्याओं के कारण व्यवस्था बाधित होने पर विभागीय स्तर पर त्वरित हस्तक्षेप जरूरी है।
नेटवर्क समस्या बनी बड़ी चुनौती
डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद राशन वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश की गई है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क और तकनीकी ढांचे से जुड़ी समस्याएं अब भी कई जगह चुनौती बनी हुई हैं। किसी दुकान पर नेटवर्क कमजोर होने या सर्वर से कनेक्शन नहीं बनने की स्थिति में ई-पॉस मशीन पर लाभुक का सत्यापन और राशन वितरण प्रभावित हो जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सिस्टम को प्रभावी बनाने के लिए केवल मशीन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए स्थिर इंटरनेट कनेक्टिविटी, सर्वर की बेहतर क्षमता और तकनीकी सहायता की त्वरित व्यवस्था भी जरूरी है। किसी दुकान पर समस्या आने पर तकनीकी टीम तक शिकायत पहुंचाने और उसे जल्द ठीक कराने की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए।
लाभुकों को राहत मिलने की उम्मीद
बायसी और केनगर में पिछले दो-तीन दिनों से राशन वितरण प्रभावित होने के बाद अब लाभुकों को उम्मीद है कि विभागीय स्तर पर जल्द कार्रवाई होगी। लोगों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि तकनीकी समस्या के कारण उन्हें इस महीने मिलने वाले खाद्यान्न से वंचित न होना पड़े।
लाभुकों का कहना है कि वे राशन लेने के लिए लगातार दुकानों का चक्कर लगा रहे हैं। यदि समस्या जल्द ठीक होती है तो वे दोबारा दुकान पर जाकर अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे। वहीं, प्रशासन के सामने भी यह सुनिश्चित करने की चुनौती होगी कि तकनीकी समस्या दूर होने के बाद लंबित लाभुकों को व्यवस्थित तरीके से राशन उपलब्ध कराया जाए।
फिलहाल बायसी और केनगर में पीडीएस दुकानों पर तकनीकी समस्या के कारण पैदा हुई स्थिति ने डिजिटल राशन वितरण व्यवस्था की तकनीकी मजबूती पर सवाल खड़े किए हैं। जरूरत है कि समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में नेटवर्क, सर्वर या ई-पॉस मशीन की खराबी के कारण गरीब परिवारों को राशन के लिए बार-बार दुकानों का चक्कर न लगाना पड़े।