बिहपुर के प्रो. गौतम बने उपाध्यक्ष, नई टीम के साथ विकास को मिलेगी नई गति

भागलपुर/बिहपुर: बिहार सरकार ने राज्य में नागरिक सहभागिता और प्रशासनिक कार्यों को गति देने के उद्देश्य से जिला स्तर पर 'जिला नागरिक परिषद' का पुनर्गठन किया है। इस महत्वपूर्ण फेरबदल में भागलपुर जिले के बिहपुर प्रखंड के सोनवर्षा निवासी और शिक्षाविद प्रो. गौतम को भागलपुर जिला नागरिक परिषद का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया है। उनकी नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना पटना स्थित राज्य सचिवालय द्वारा जारी कर दी गई है।

एक शिक्षाविद का प्रशासनिक सफर

प्रो. गौतम की नियुक्ति को उनके सामाजिक सरोकार और स्थानीय स्तर पर उनकी सक्रियता का परिणाम माना जा रहा है। मूल रूप से बिहपुर के सोनवर्षा गांव के रहने वाले प्रो. गौतम का व्यक्तित्व शिक्षण और समाज सेवा का एक अनूठा संगम है। लंबे समय से वे शैक्षणिक कार्यों के साथ-साथ क्षेत्रीय समस्याओं को सुलझाने और सरकारी योजनाओं को आम जन तक पहुँचाने में एक सेतु की भूमिका निभाते रहे हैं।

पटना से जारी हुई अधिसूचना

जिला नागरिक परिषद के पुनर्गठन को लेकर राज्य सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विभिन्न सदस्य सचिवों के नामों की घोषणा की गई है। इस परिषद का मुख्य उद्देश्य जिला प्रशासन और आम नागरिकों के बीच एक सुदृढ़ संवाद कायम करना है। इसके साथ ही, जिले के विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी और नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना परिषद की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।

परिषद का दायित्व: भागलपुर के विकास में नई भूमिका

जिला नागरिक परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में प्रो. गौतम के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी है। परिषद के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर उन्हें निम्नलिखित कार्यों को दिशा देनी होगी:

विकास योजनाओं की समीक्षा: जिले में चल रही विभिन्न सरकारी विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता और गति पर नजर रखना।

जन-समस्याओं का निराकरण: आम नागरिकों की शिकायतों को उचित मंच पर उठाना और प्रशासनिक स्तर पर उनके समाधान का प्रयास करना।

पारदर्शिता और जवाबदेही: सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, यह सुनिश्चित करना परिषद का मुख्य ध्येय होगा।

क्षेत्र में खुशी की लहर

प्रो. गौतम के उपाध्यक्ष बनने की सूचना मिलते ही बिहपुर और आसपास के क्षेत्रों में बधाई देने वालों का तांता लग गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध जनों और उनके शुभचिंतकों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं है, बल्कि उस पूरे क्षेत्र का सम्मान है जहां से प्रो. गौतम आते हैं। लोगों को उम्मीद है कि उनके प्रशासनिक नेतृत्व में भागलपुर जिला नागरिक परिषद और अधिक सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका निभाएगी।

नई टीम की चुनौतियां

भागलपुर जैसे बड़े जिले में, जहाँ शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की अपनी अलग चुनौतियां हैं, वहां नागरिक परिषद की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और कानून-व्यवस्था जैसे विषयों पर परिषद का परामर्श प्रशासन के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रो. गौतम ने नियुक्ति पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे और सरकार द्वारा सौंपी गई उम्मीदों पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे।

जिला नागरिक परिषद शासन की एक ऐसी इकाई है जो निर्वाचित जन-प्रतिनिधियों और आम नागरिकों के बीच एक कड़ी की तरह काम करती है। इसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तियों को शामिल किया जाता है ताकि नीति-निर्धारण और कार्यान्वयन में नागरिक समाज की सहभागिता बनी रहे।

प्रो. गौतम का उपाध्यक्ष पद पर मनोयन भागलपुर के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण घटना है। उनके अनुभवी मार्गदर्शन और परिषद की पूरी टीम के सक्रिय प्रयासों से भागलपुर में नागरिक सहभागिता का एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है। अब जिले के नागरिक यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि यह नई टीम किस प्रकार की सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम होती है।