बिहारशरीफ में 1.25 करोड़ की डकैती का 72 घंटे में खुलासा, जामताड़ा से चार आरोपी गिरफ्तार; नकदी, सोना-चांदी, हीरे के आभूषण और हथियार बरामद
बिहारशरीफ। नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र में हुई करीब 1.25 करोड़ रुपये की सनसनीखेज डकैती का पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में पुलिस ने झारखंड के जामताड़ा से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 16.43 लाख रुपये नकद, लगभग 450 ग्राम सोना, 7 किलोग्राम चांदी, डायमंड एवं प्लेटिनम के आभूषण, हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं।
इस कार्रवाई को नालंदा पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्य और लगातार छापेमारी के कारण इतने कम समय में पूरे मामले का खुलासा संभव हो सका।
72 घंटे में सुलझी बड़ी वारदात
दीपनगर थाना क्षेत्र में हुई करोड़ों रुपये की डकैती ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर मामले की जांच शुरू की।
टीम ने घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), तकनीकी निगरानी और अन्य सूचनाओं के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
जामताड़ा से चार आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस टीम ने झारखंड के जामताड़ा जिले में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने कथित रूप से डकैती की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद उनकी निशानदेही पर चोरी गया सामान और अन्य सामग्री बरामद की गई।
पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनके अन्य राज्यों में सक्रिय नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
भारी मात्रा में नकदी और जेवर बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 16.43 लाख रुपये नकद, करीब 450 ग्राम सोना, 7 किलोग्राम चांदी, डायमंड और प्लेटिनम के आभूषण, अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए हैं।
बरामद आभूषणों का मूल्य लाखों रुपये बताया जा रहा है। पुलिस सभी बरामद सामान का मिलान पीड़ित परिवार द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची से कर रही है।
हथियार भी किए गए बरामद
छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से हथियार और जिंदा कारतूस भी मिले हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों का उपयोग केवल डकैती में किया गया था या अन्य आपराधिक घटनाओं में भी इनका इस्तेमाल हुआ है।
हथियारों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि उनके उपयोग से जुड़े अन्य मामलों का भी पता लगाया जा सके।
तकनीकी जांच बनी सफलता की कुंजी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले को सुलझाने में आधुनिक तकनीक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, डिजिटल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
तकनीकी निगरानी और विभिन्न जिलों के बीच समन्वय के कारण पुलिस कम समय में पूरे गिरोह तक पहुंचने में सफल रही।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश
पुलिस का मानना है कि डकैती की इस वारदात में चार से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है।
संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
जिले में सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
घटना के बाद पुलिस ने जिले में सुरक्षा व्यवस्था और गश्ती अभियान को और मजबूत कर दिया है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है तथा संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों ने लोगों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
पुलिस की कार्रवाई की सराहना
स्थानीय लोगों और व्यापारिक संगठनों ने पुलिस द्वारा 72 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करने की सराहना की है।
लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी वारदात का कम समय में खुलासा होने से अपराधियों में कानून का डर बढ़ेगा और आम नागरिकों का पुलिस पर विश्वास मजबूत होगा।
आगे की जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि डकैती की योजना कब और कैसे बनाई गई, गिरोह ने घटना को अंजाम देने के लिए किन संसाधनों का उपयोग किया और चोरी की संपत्ति को कहां-कहां ठिकाने लगाने की योजना थी।
साथ ही आरोपियों के बैंक लेन-देन, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
दीपनगर थाना क्षेत्र में हुई करीब 1.25 करोड़ रुपये की डकैती का 72 घंटे के भीतर खुलासा नालंदा पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। जामताड़ा से चार आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके पास से 16.43 लाख रुपये नकद, 450 ग्राम सोना, 7 किलोग्राम चांदी, डायमंड-प्लेटिनम के आभूषण, हथियार और कारतूस की बरामदगी से पुलिस को जांच में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।