एसबीआई मुख्य शाखा में 'पेंशनर संवाद' का आयोजन, समस्याओं के त्वरित समाधान और साइबर सुरक्षा पर दिया गया जोर
सहरसा: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की सहरसा मुख्य शाखा में शुक्रवार को एक विशेष 'पेंशनर संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पेंशनभोगियों की समस्याओं को सुनना, उनके समाधान के लिए कदम उठाना और उन्हें डिजिटल युग में बैंकिंग सुरक्षा, विशेषकर साइबर धोखाधड़ी से सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों ने भाग लिया और बैंक की सेवाओं से जुड़े अपने अनुभवों व परेशानियों को साझा किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य
पेंशनर संवाद का आयोजन बैंक और पेंशनभोगियों के बीच की दूरी को कम करने के लिए किया गया था। सेवानिवृत्त व्यक्तियों के लिए बैंकिंग लेन-देन और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना कई बार तकनीकी कारणों से कठिन हो जाता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बैंक ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि पेंशनरों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जा सके।
समस्याओं का हुआ समाधान
कार्यक्रम के दौरान, पेंशनभोगियों ने मुख्य रूप से जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा करने, पेंशन भुगतान में देरी, खाते से जुड़ी तकनीकी जटिलताओं और बैंक की नई डिजिटल सेवाओं से जुड़ी अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।
बैंक प्रबंधन ने मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान किया।
जो मामले तुरंत हल नहीं हो सके, उनके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
पेंशनभोगियों को विभिन्न बैंकिंग सेवाओं के सरल उपयोग के बारे में जानकारी दी गई।
साइबर फ्रॉड और सुरक्षा पर विशेष सत्र
वर्तमान समय में बुजुर्गों को साइबर ठगों द्वारा निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, इस कार्यक्रम का एक बड़ा हिस्सा 'साइबर सुरक्षा' को समर्पित था। एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक और शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों ने पेंशनरों को धोखाधड़ी से बचने के महत्वपूर्ण उपाय साझा किए:
अज्ञात लिंक से बचें: किसी भी अनजान नंबर से आए मैसेज या लिंक पर क्लिक न करने की सलाह दी गई।
गोपनीयता बनाए रखें: बैंक ने बार-बार जोर दिया कि कोई भी बैंक अधिकारी कभी भी फोन पर ओटीपी (OTP), पिन (PIN) या पासवर्ड नहीं पूछता है।
सतर्कता ही बचाव है: किसी भी संदिग्ध फोन कॉल पर अपनी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा न करें।
एटीएम उपयोग: एटीएम से पैसे निकालते समय सावधानी बरतने और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करने के निर्देश दिए गए।
एसबीआई क्षेत्रीय प्रबंधक का संबोधन
कार्यक्रम में उपस्थित एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक ने पेंशनभोगियों को बैंक का 'अमूल्य धरोहर' बताया। उन्होंने कहा कि बैंक अपने पेंशनभोगियों की सुविधा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पेंशनरों को डिजिटल बैंकिंग अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि उन्हें बार-बार शाखा के चक्कर न लगाने पड़ें, लेकिन इसके साथ-साथ सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने बैंक के मोबाइल बैंकिंग और योनो (YONO) ऐप के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
पेंशनरों की सकारात्मक प्रतिक्रिया
कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित पेंशनभोगियों ने बैंक के इस प्रयास की सराहना की। कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने कहा कि इस तरह के संवाद से उन्हें अपनी समस्याओं को सीधे उच्च अधिकारियों के सामने रखने का मौका मिलता है, जिससे उनका मनोबल बढ़ता है। वे बैंक द्वारा दी गई सुरक्षा संबंधी जानकारियों से भी काफी संतुष्ट दिखे।
सहरसा की एसबीआई शाखा ने यह आश्वासन दिया है कि इस तरह के 'पेंशनर संवाद' कार्यक्रम भविष्य में भी नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही, शाखा में पेंशनभोगियों के लिए एक 'हेल्प डेस्क' को और अधिक सक्रिय करने की योजना है, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की तकनीकी सहायता तुरंत मिल सके।