शिवपुरी मोहल्ले में मची अफरा-तफरी, स्थानीय जांबाजों ने खुद मोर्चा संभाल टाला शहर का सबसे बड़ा 'ब्लास्ट'; वार्ड पार्षद और बिजली विभाग के बीच ठनी!
बिहार के मुजफ्फरपुर शहर के सबसे व्यस्त और घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में से एक दामुचक के शिवपुरी मोहल्ले से शुक्रवार की देर रात एक बेहद ही भयावह और दहला देने वाली खबर सामने आई है। मोहल्ले की मुख्य सड़क पर लगे एक जर्जर बिजली के ट्रांसफॉर्मर से अचानक निकली विस्फोटक चिंगारियों (Sparks) ने पास की ही एक दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि पूरी दुकान धू-धू कर जलने लगी और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया।
इस घटना के बाद पूरे शिवपुरी मोहल्ले में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। गनीमत यह रही कि सरकारी दमकल (Fire Brigade) की गाड़ी पहुंचने से पहले ही स्थानीय मोहल्लेवासियों और जांबाज युवाओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर पानी और बालू की मदद से आग पर समय रहते काबू पा लिया। इस बहादुरी के कारण एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया, क्योंकि आग की लपटें ठीक ऊपर से गुजर रही हाई-टेंशन बिजली की लाइनों और रिहायशी मकानों तक पहुंचने ही वाली थीं। इस घटना के बाद से स्थानीय वार्ड पार्षद और बिजली विभाग (Electricity Department) के बीच तीखी तकरार शुरू हो गई है।
आधी रात का वो मंजर: जब अचानक 'बम' की तरह फटा ट्रांसफॉर्मर
प्रत्यक्षदर्शियों और मोहल्ले के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना शुक्रवार की रात करीब 11:30 से 12:00 बजे के बीच की है। पूरा शिवपुरी मोहल्ला सोने की तैयारी में था, तभी अचानक एक जोरदार धमाका हुआ।
ओवरलोडिंग से निकली चिंगारी: भीषण गर्मी और उमस के कारण मोहल्ले के ट्रांसफॉर्मर पर लोड काफी बढ़ गया था। अचानक शॉर्ट-सर्किट हुआ और ट्रांसफॉर्मर से आग की बड़ी-बड़ी चिंगारियां पटाखे की तरह फूटकर नीचे गिरने लगीं।
दुकान को किया राख: ट्रांसफॉर्मर के ठीक नीचे स्थित एक फुटपाथी गुमटी (किराना और जनरल स्टोर की दुकान) पर जैसे ही ये चिंगारियां गिरीं, दुकान के प्लास्टिक और तिरपाल ने तुरंत आग पकड़ ली। जब तक कोई कुछ समझ पाता, पूरी दुकान आग की लपटों में घिर चुकी थी। दुकान में रखा हजारों रुपये का सामान जलकर पूरी तरह कोयला हो गया।
जांबाजों का रेस्क्यू ऑपरेशन: जब मोहल्ले ने खुद बुझाई आग
जैसे ही दुकान में आग लगी, पूरे दामुचक इलाके में सायरन और शोर मच गया। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि ट्रांसफॉर्मर के पास जाना भी मौत को दावत देने जैसा था। लेकिन, शिवपुरी मोहल्ले के युवाओं ने गजब के साहस का परिचय दिया:
तुरंत काटी गई मोहल्ले की बिजली: स्थानीय स्तर पर कुछ सजग नागरिकों ने तुरंत पावर सब-स्टेशन को फोन कर पूरे इलाके की बिजली (पावर कट) बंद कराई, ताकि करंट फैलने का खतरा न रहे।
मानव श्रृंखला (Human Chain) बनाकर डाला पानी: दमकल विभाग को फोन किया गया, लेकिन घनी गलियां और दूरी होने के कारण गाड़ी पहुंचने में वक्त था। ऐसे में मोहल्ले के दर्जनों युवकों ने घरों से बाल्टियां निकालीं। पास के चापाकल और बोरिंग से पानी लाकर मानव श्रृंखला बनाई और लगातार आग पर पानी और सड़कों पर बिखरी बालू फेंकना शुरू किया।
सिलेंडर फटने से बचाया: जलती हुई दुकान के ठीक बगल में एक अन्य केबिन था, जिसमें छोटा गैस सिलेंडर रखा हुआ था। स्थानीय युवकों ने जान पर खेलकर सबसे पहले उस केबिन को वहां से हटाया, अन्यथा अगर सिलेंडर में ब्लास्ट होता, तो आसपास के कई घर ढह जाते और कई जानें जा सकती थीं। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। एक नज़र में: दामुचक शिवपुरी अग्निकांड
| घटना के मुख्य बिंदु | विस्तृत विवरण और तथ्य |
|---|---|
| घटनास्थल | शिवपुरी मोहल्ला, दामुचक (मुजफ्फरपुर शहर) |
| वजह | जर्जर बिजली ट्रांसफॉर्मर में शॉर्ट-सर्किट और चिंगारी |
| नुकसान | एक दुकान पूरी तरह जलकर राख (हजारों की संपत्ति का नुकसान) |
| बचाव दल | स्थानीय मोहल्लेवासी और जांबाज युवा (दमकल से पहले पाया काबू) |
| वर्तमान स्थिति | इलाके की बिजली आपूर्ति ठप, नए ट्रांसफॉर्मर की मांग पर अड़े लोग |
वार्ड पार्षद बनाम बिजली विभाग: लापरवाही पर फूटा गुस्सा
इस भीषण अग्निकांड के बाद शनिवार की सुबह दामुचक शिवपुरी मोहल्ले में भारी आक्रोश देखा गया। स्थानीय वार्ड पार्षद भी सुबह-सुबह मौके पर पहुंचे और पीड़ित दुकानदार से मुलाकात की। इस दौरान बिजली विभाग की घोर लापरवाही को लेकर जमकर नारेबाजी हुई।
वार्ड पार्षद का कड़ा रुख:
वार्ड पार्षद ने बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) को आड़े हाथों लेते हुए कहा:
"मैंने पिछले तीन महीनों में कम से कम पांच बार लिखित आवेदन दिया था कि इस घनी आबादी वाले शिवपुरी मोहल्ले का ट्रांसफॉर्मर पूरी तरह जर्जर हो चुका है और इस पर ओवरलोडिंग की समस्या है। इसे यहां से हटाकर किसी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए या नया बदला जाए। लेकिन एसी कमरों में बैठे बिजली विभाग के अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। आज की यह घटना विभाग की आपराधिक लापरवाही का नतीजा है। अगर रात में मोहल्ले के लोग न जागते, तो आज कई लाशें उठतीं।"
बिजली विभाग का सफाईनामा:
इधर, हंगामे की सूचना मिलने के बाद जूनियर इंजीनियर (JE) के नेतृत्व में बिजली विभाग की एक टेक्निकल टीम क्रेन लेकर मौके पर पहुंची। विभाग के अधिकारियों ने अपनी सफाई में कहा कि गर्मी के कारण अचानक लोड बढ़ने से यह हादसा हुआ है। फिलहाल जले हुए ट्रांसफॉर्मर को बदलने का काम शुरू कर दिया गया है और पीड़ित दुकानदार के नुकसान का आकलन कर मुआवजे के लिए वरीय अधिकारियों को लिखा जाएगा।
पीड़ित दुकानदार की सुबकती आंखें: "सब कुछ बर्बाद हो गया"
आग की इस विभीषिका में जिस गरीब दुकानदार की दुकान जली है, उसका रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित ने बताया कि उसने हाल ही में कर्ज लेकर दुकान में नया सामान भरा था ताकि त्योहारों और सीजन में कुछ कमाई हो सके। लेकिन इस हादसे ने उसकी रोजी-रोटी का इकलौता साधन भी छीन लिया। मोहल्ले के लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित दुकानदार को अविलंब सरकारी मुआवजा (Compensation) दिया जाए ताकि वह दोबारा अपने पैरों पर खड़ा हो सके।
मुजफ्फरपुर के दामुचक में हुई यह घटना बिजली विभाग के लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी है। स्मार्ट सिटी बनने की राह पर अग्रसर मुजफ्फरपुर के रिहायशी इलाकों में आज भी लटके हुए जर्जर तार और दुकानों के ठीक सिर पर मंडराते ट्रांसफॉर्मर मौत को आमंत्रण दे रहे हैं। दामुचक के युवाओं की बहादुरी को सलाम है जिन्होंने समय रहते मोर्चा संभाला, लेकिन सवाल वही है—क्या बिजली विभाग ऐसे किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा?