गोपालगंज, सीवान और सारण समेत 11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार
पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। सोमवार, 31 अगस्त को राज्य के लगभग सभी हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने राज्य के 11 जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गोपालगंज, सीवान और सारण के अलावा बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण और अरवल शामिल हैं। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, बारिश के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है। वहीं, तेज हवाओं के कारण कमजोर पेड़, होर्डिंग, टीन की छत और अस्थायी संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी रह सकती है।
11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 31 अगस्त को बिहार के 11 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इनमें पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है।
उत्तर-पश्चिम बिहार के जिलों में मौसम का प्रभाव विशेष रूप से देखने को मिल सकता है। गोपालगंज, सीवान और सारण में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि बारिश के बीच तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर सावधानी जरूरी होगी।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने 31 अगस्त के लिए बिहार में बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं से संबंधित चेतावनी जारी की है। इसके बाद 1 और 2 सितंबर को भी राज्य में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का पूर्वानुमान है।
पूरे बिहार में बारिश के आसार
सिर्फ ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों तक ही बारिश सीमित रहने की संभावना नहीं है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी कई जगहों पर बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने बिहार के कई जिलों में बादल छाए रहने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई है।
पटना समेत कई जिलों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। मौसम में अचानक बदलाव के कारण सड़क यातायात पर भी असर पड़ सकता है।
बारिश के कारण निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या भी सामने आ सकती है। शहरी क्षेत्रों में पहले से मौजूद जलनिकासी की समस्या के कारण तेज बारिश होने पर सड़कों पर पानी जमा होने की संभावना रहती है। इससे कार्यालय जाने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है।
बारिश के बावजूद उमस भरी गर्मी से राहत नहीं
बिहार में बारिश के बावजूद उमस का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कई इलाकों में बारिश रुकने के बाद धूप निकलने से वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिसके कारण लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ता है।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में दिन का तापमान कई स्थानों पर 32 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। बारिश के बाद तापमान में थोड़ी गिरावट आने के बावजूद अधिक नमी के कारण वास्तविक गर्मी का एहसास ज्यादा हो सकता है।
पूर्णिया जैसे इलाकों में पिछले दिनों इसका असर देखने को मिला, जहां रात में बारिश के बावजूद अगले दिन धूप निकलने के बाद उमस बढ़ गई थी। मौसम विभाग के अनुसार बारिश और धूप के इस क्रम के कारण वातावरण में नमी बनी रहने की संभावना है।
किसानों के लिए बारिश राहत और चुनौती दोनों
बिहार की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। ऐसे में अगस्त के अंतिम दिनों में होने वाली बारिश किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। धान समेत खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त नमी जरूरी होती है। जिन क्षेत्रों में पिछले दिनों बारिश कम हुई थी, वहां इस बारिश से फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
हालांकि बहुत अधिक बारिश किसानों के लिए परेशानी भी पैदा कर सकती है। खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से फसल को नुकसान पहुंच सकता है। खासकर निचले इलाकों में जलनिकासी की व्यवस्था खराब होने पर धान और अन्य खरीफ फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था पर नजर रखें। तेज हवा और आंधी की स्थिति में तैयार फसलों तथा खेतों में मौजूद अन्य कृषि सामग्री को भी सुरक्षित रखने की कोशिश करनी चाहिए।
तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली का खतरा
बारिश के साथ सबसे बड़ा खतरा आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का होता है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को गरज-चमक के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में रहना खतरनाक हो सकता है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि बादल गरजने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। पेड़ के नीचे खड़े होने से भी बचना चाहिए।
बिजली गिरने की आशंका के दौरान मोबाइल टावर, बिजली के खंभे और अन्य ऊंची संरचनाओं से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है। प्रशासन की ओर से भी मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की अपील की जाती है।
नदियों और जलजमाव वाले इलाकों में बढ़ी चिंता
बिहार में मानसून के दौरान भारी बारिश के साथ नदियों के जलस्तर पर भी नजर रखना जरूरी होता है। नेपाल और बिहार के कई हिस्सों में बारिश होने के कारण गंडक, गंगा, कोसी और अन्य नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव हो सकता है। हाल के दिनों में राज्य के कई हिस्सों में नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन पहले से सतर्क है।
भारी बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण सड़कों पर पानी जमा होने की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को नदी, नहर, तालाब और अन्य जलस्रोतों के पास जाने से बचना चाहिए।
सितंबर की शुरुआत में भी जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 31 अगस्त के बाद भी बिहार में बारिश की गतिविधियां पूरी तरह समाप्त होने वाली नहीं हैं। 1 और 2 सितंबर को भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की संभावना है। इसके बाद भी गरज-चमक और स्थानीय स्तर पर बारिश का दौर जारी रह सकता है।
इससे संकेत मिल रहा है कि सितंबर की शुरुआत में बिहार का मौसम पूरी तरह साफ नहीं होगा। कहीं तेज बारिश तो कहीं हल्की बारिश और उमस भरी गर्मी का मिश्रित असर देखने को मिल सकता है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने की सलाह दी जा रही है। खासकर ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में रहने वाले लोगों को तेज बारिश और हवाओं के दौरान घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
वाहन चालकों को बारिश के दौरान कम गति से वाहन चलाने और सड़क पर पानी जमा होने की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए।
कुल मिलाकर 31 अगस्त को बिहार में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। गोपालगंज, सीवान, सारण समेत 11 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। बारिश से गर्मी और उमस से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन तेज हवाओं, आकाशीय बिजली और जलजमाव को लेकर लोगों को सतर्क रहना होगा। अगले दो दिनों तक मौसम में इसी तरह उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।