बक्सर में शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई नीट (यूजी) पुनर्परीक्षा
1353 में से 1238 परीक्षार्थी हुए शामिल, डीएम-एसपी ने किया केंद्रों का निरीक्षण
बक्सर। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) की पुनर्परीक्षा रविवार को बक्सर जिले के तीन निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई। परीक्षा में शामिल होने के लिए कुल 1353 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 1238 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। वहीं 115 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। प्रशासन के अनुसार किसी भी केंद्र से कदाचार, अनुशासनहीनता या निष्कासन की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई।
परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारियां कर रखी थीं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ अभ्यर्थियों की जांच और प्रवेश प्रक्रिया को भी सख्ती से लागू किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हुई।
तीन केंद्रों पर आयोजित हुई परीक्षा
बक्सर जिले में नीट (यूजी) पुनर्परीक्षा के लिए तीन परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा शुरू होने से काफी पहले ही अभ्यर्थियों का केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गया था। निर्धारित समय के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया पूरी की गई और सभी अभ्यर्थियों की पहचान एवं दस्तावेजों की जांच के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया।
केंद्रों के बाहर अभिभावकों की भीड़ देखी गई, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के कारण पूरे परिसर में अनुशासन बना रहा। प्रशासन द्वारा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ एकत्रित होने से रोकने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई थी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी।
अभ्यर्थियों की प्रवेश से पहले गहन जांच की गई। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को केंद्र में ले जाने की अनुमति नहीं थी। जांच प्रक्रिया के बाद ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा के दौरान राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया गया।
डीएम और एसपी ने किया निरीक्षण
परीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने परीक्षा संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और अभ्यर्थियों की सुविधा संबंधी इंतजामों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंद्र अधीक्षकों और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा की निष्पक्षता और गोपनीयता बनाए रखने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
डीएम ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराना था, जिसमें सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कदाचार की नहीं मिली कोई शिकायत
परीक्षा के दौरान किसी भी केंद्र से नकल, अनुचित साधनों के प्रयोग या अन्य प्रकार के कदाचार की कोई शिकायत सामने नहीं आई। प्रशासन ने इसे सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि अभ्यर्थियों ने नियमों का पालन किया और परीक्षा पूरी ईमानदारी से संपन्न हुई।
अधिकारियों के अनुसार परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। सीसीटीवी कैमरों और पर्यवेक्षकों की मदद से परीक्षा गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई।
अभ्यर्थियों ने जताई संतुष्टि
परीक्षा देकर बाहर निकले कई अभ्यर्थियों ने व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया व्यवस्थित थी और परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध थीं।
कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि सुरक्षा जांच में थोड़ा समय लगा, लेकिन इससे परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित हुई। अधिकांश छात्रों ने परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न होने पर संतोष व्यक्त किया।
अभिभावकों ने सराहा प्रशासनिक व्यवस्था
परीक्षा केंद्रों के बाहर मौजूद अभिभावकों ने भी प्रशासन द्वारा किए गए इंतजामों की सराहना की। उनका कहना था कि सुरक्षा और व्यवस्था के कारण किसी प्रकार की अव्यवस्था देखने को नहीं मिली।
कई अभिभावकों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है और प्रशासन ने इस दिशा में अच्छा कार्य किया है।
पुनर्परीक्षा को लेकर थी विशेष तैयारी
नीट (यूजी) पुनर्परीक्षा को लेकर इस बार प्रशासन विशेष रूप से सतर्क था। परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
जिला प्रशासन ने परीक्षा से पहले अधिकारियों के साथ कई बैठकें कर तैयारियों की समीक्षा की थी। सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट जिम्मेदारियां दी गई थीं ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण परीक्षा
नीट (यूजी) देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इस परीक्षा के माध्यम से देशभर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश मिलता है। ऐसे में अभ्यर्थियों के भविष्य को देखते हुए परीक्षा का निष्पक्ष और पारदर्शी आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रशासनिक सतर्कता और तकनीकी निगरानी दोनों आवश्यक हैं। बक्सर में आयोजित पुनर्परीक्षा इस दृष्टि से सफल मानी जा रही है।
सफल आयोजन से प्रशासन ने ली राहत की सांस
परीक्षा के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न होने के बाद जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों ने कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों के कारण परीक्षा बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक आयोजित की जा सकी।
अब अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की नजर परीक्षा परिणाम और आगे की प्रवेश प्रक्रिया पर टिकी हुई है। वहीं प्रशासन ने दावा किया है कि परीक्षा निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी वातावरण में संपन्न कराई गई, जिससे अभ्यर्थियों का विश्वास और मजबूत हुआ है।