नाथनगर सर्किल थाना भवन जर्जर, बारिश में टपकता है पानी पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता, महिला पुलिसकर्मियों के लिए नया बैरक तैयार
भागलपुर: भागलपुर के नाथनगर सर्किल थाना का भवन बेहद जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। पुरानी और कमजोर हो चुकी इमारत में तैनात पुलिसकर्मियों को रोजमर्रा के कामकाज के साथ-साथ अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता रहती है। लगातार बारिश के दौरान छत से पानी टपकने की समस्या और गंभीर हो जाती है, जिससे थाना परिसर में काम करना मुश्किल हो जाता है। जर्जर भवन की स्थिति को देखते हुए लंबे समय से इसके रखरखाव और मरम्मत की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
पुलिसकर्मियों का कहना है कि बारिश के मौसम में भवन की कमजोरियां साफ दिखाई देने लगती हैं। कई हिस्सों में छत से पानी टपकने के कारण कमरे और कार्यालय प्रभावित होते हैं। बरसात के दौरान आवश्यक दस्तावेजों, फाइलों और उपकरणों को भी सुरक्षित रखने में परेशानी होती है। भवन की स्थिति को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंता लगातार बनी हुई है।
जर्जर भवन में काम करना मुश्किल
नाथनगर सर्किल थाना पुलिस क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाता है। ऐसे में पुलिसकर्मियों को 24 घंटे सक्रिय रहना पड़ता है। लेकिन भवन की जर्जर स्थिति के कारण कार्यस्थल पर बुनियादी सुविधाओं की कमी और सुरक्षा संबंधी परेशानी सामने आ रही है।
थाना परिसर में बारिश के दौरान पानी टपकने से कार्यालयी कामकाज प्रभावित हो सकता है। पुलिसकर्मियों को कई बार उपकरण और जरूरी रिकॉर्ड को बचाने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ते हैं। लगातार नमी और जलभराव जैसी समस्याओं से भवन के और कमजोर होने की आशंका भी जताई जा रही है।
सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
पुराने भवन में रहने और काम करने वाले पुलिसकर्मियों को दुर्घटना की आशंका रहती है। जर्जर दीवारों और छत की स्थिति के कारण किसी भी समय खतरा उत्पन्न हो सकता है। ऐसे में पुलिसकर्मियों ने भवन की स्थिति की तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत या नए भवन के निर्माण की जरूरत बताई है।
स्थानीय स्तर पर भी यह माना जा रहा है कि पुलिस जैसी महत्वपूर्ण सेवा के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक कार्यस्थल होना जरूरी है। जर्जर भवन का असर पुलिसकर्मियों के मनोबल और कार्य क्षमता पर भी पड़ सकता है।
महिला पुलिसकर्मियों के लिए नया बैरक
इस बीच महिला पुलिसकर्मियों के लिए राहत की खबर है। महिला पुलिसकर्मियों के लिए नया बैरक तैयार कराया गया है, जिससे उन्हें बेहतर और सुरक्षित आवासीय सुविधा मिलने की उम्मीद है। महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग और व्यवस्थित बैरक की व्यवस्था को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
महिला बैरक तैयार होने से ड्यूटी पर तैनात महिला कर्मियों को रहने और आराम करने के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। नए बैरक का निर्माण पुलिसकर्मियों की बुनियादी सुविधाओं में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एसएसपी ने किया निरीक्षण
नए महिला बैरक को लेकर एसएसपी स्तर से भी निरीक्षण और समीक्षा की गई है। संबंधित अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
इस दौरान थाना भवन की जर्जर स्थिति और आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा की गई। उम्मीद जताई जा रही है कि भवन की सुरक्षा और मरम्मत के लिए आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नए भवन या व्यापक मरम्मत की जरूरत
जर्जर थाना भवन की स्थिति को देखते हुए अब व्यापक मरम्मत या नए भवन के निर्माण की जरूरत महसूस की जा रही है। पुलिसकर्मियों का कहना है कि अस्थायी मरम्मत के बजाय स्थायी समाधान जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी भी दुर्घटना का खतरा न रहे।
विशेषज्ञों की तकनीकी जांच के बाद यह तय किया जा सकता है कि भवन की मरम्मत पर्याप्त होगी या पूरी तरह नया भवन बनाया जाना आवश्यक है। पुलिस विभाग और प्रशासन की ओर से इस संबंध में आगे निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।