मुजफ्फरपुर: 'चक धूम-धूम' समर कैंप का शानदार समापन, 21 दिनों तक बच्चों ने सीखी हुनर की बारीकियां
मुजफ्फरपुर: बच्चों की रचनात्मकता और उनके भीतर छिपी प्रतिभा को तराशने के उद्देश्य से मुजफ्फरपुर में आयोजित 21 दिवसीय 'चक धूम-धूम' समर कैंप का भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ। किलकारी के तत्वावधान में आयोजित यह समर कैंप न केवल बच्चों के लिए सीखने का एक माध्यम बना, बल्कि उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयां भी दीं।
उद्घाटन और समापन की गरिमामयी उपस्थिति
इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) और शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। समापन समारोह के दौरान अधिकारियों ने बच्चों के द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की और कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि किताबी शिक्षा के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेना बच्चों के व्यक्तित्व में निखार लाता है।
35 प्रकार की कलाओं का संगम
इस समर कैंप की सबसे बड़ी विशेषता इसका विविधतापूर्ण पाठ्यक्रम था। 21 दिनों की इस अवधि में बच्चों को 35 अलग-अलग प्रकार की कलाओं का प्रशिक्षण दिया गया। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित विधाएं शामिल थीं:
कला एवं शिल्प (Arts & Crafts): पेंटिंग, क्ले मॉडलिंग और पेपर क्राफ्ट।
प्रदर्शन कलाएं: शास्त्रीय और लोक नृत्य, संगीत, और नाटक।
कौशल विकास: योग, मार्शल आर्ट्स, और हस्तकला।
साहित्यिक गतिविधियां: कहानी लेखन, वाद-विवाद और कविता पाठ।
प्रशिक्षकों ने प्रत्येक बच्चे पर व्यक्तिगत ध्यान दिया, जिससे उनके हुनर में स्पष्ट निखार देखने को मिला। 21 दिनों तक बच्चों ने न केवल नई तकनीकें सीखीं, बल्कि अनुशासन और टीम भावना का भी पाठ पढ़ा।
हुनर का प्रदर्शन और बच्चों का उत्साह
समापन समारोह के दौरान, कैंप के दौरान तैयार की गई वस्तुओं की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई। बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स, क्राफ्ट और अन्य कलाकृतियों को देखकर अभिभावक और अतिथि दंग रह गए। इसके बाद आयोजित सांस्कृतिक संध्या में बच्चों ने नृत्य और संगीत के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मंच पर उनका आत्मविश्वास देखते ही बनता था, जो उनकी 21 दिनों की मेहनत का परिणाम था।
अभिभावकों की प्रतिक्रिया
अपने बच्चों के प्रदर्शन को देख अभिभावक अत्यंत उत्साहित नजर आए। उन्होंने किलकारी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों के कारण गर्मियों की छुट्टियों का सदुपयोग हुआ है और बच्चों को घर से बाहर निकलकर कुछ सार्थक सीखने का मौका मिला।
मुजफ्फरपुर में आयोजित यह कैंप इस बात का प्रमाण है कि यदि बच्चों को सही दिशा और अवसर मिले, तो वे अद्भुत परिणाम दे सकते हैं। 'चक धूम-धूम' समर कैंप ने न केवल बच्चों को व्यस्त रखा, बल्कि उन्हें आने वाले कल के लिए अधिक रचनात्मक और आत्मविश्वास से भरा बनाया है। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।