मध्य विद्यालय तेतरी में भीषण चोरी; ताला तोड़कर टैबलेट और कीमती सामान उड़ा ले गए चोर
नवगछिया/भागलपुर: भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल स्थित मध्य विद्यालय तेतरी में चोरों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए विद्यालय के मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर लाखों की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना ने न केवल शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि इलाके के लोगों में भारी आक्रोश भी है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार झा ने इस संबंध में नवगछिया नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
चौकीदार की तैनाती के बावजूद नहीं थमे कदम
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विद्यालय परिसर की सुरक्षा के लिए स्थायी चौकीदार की तैनाती के बावजूद चोरों ने इस घटना को अंजाम दिया। ग्रामीणों और शिक्षकों का कहना है कि रात के समय विद्यालय की सुरक्षा के लिए चौकीदार मौजूद रहता है, फिर भी चोरों का भीतर घुसना और आराम से चोरी की वारदात को अंजाम देकर निकल जाना बड़ी चूक को दर्शाता है। क्या यह चौकीदार की लापरवाही है या किसी की मिलीभगत? यह जांच का मुख्य केंद्र बिंदु बना हुआ है।
घटना का विवरण: कैसे हुई वारदात?
प्रधानाध्यापक संजीव कुमार झा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि गुरुवार सुबह जब वे विद्यालय पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि कार्यालय का मुख्य दरवाजा खुला है और ताला टूटा हुआ है। उन्होंने तुरंत कमरे के भीतर जाकर देखा तो नजारा दंग करने वाला था। वहां का सारा सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी खुली थी।
जांच में पता चला कि चोरों ने विद्यालय के निम्नलिखित सामानों पर हाथ साफ किया है:
डिजिटल टैबलेट्स: छात्रों की पढ़ाई के लिए उपयोग होने वाले सरकारी टैबलेट्स।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: विद्यालय का साउंड सिस्टम, एमप्लीफायर और अन्य कीमती बिजली के सामान।
नकद राशि: विद्यालय के कार्यालय में सुरक्षित रखे गए कुछ नकद रुपये।
अन्य दस्तावेज: कुछ महत्वपूर्ण फाइलें और कार्यालयी स्टेशनरी।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि कुल नुकसान हजारों रुपये का है, लेकिन टैबलेट्स के चोरी हो जाने से सबसे अधिक नुकसान बच्चों की पढ़ाई को हुआ है।
पुलिस की कार्रवाई और अनुसंधान
घटना की सूचना मिलते ही नवगछिया नगर थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और फॉरेंसिक साक्ष्यों के लिए फिंगरप्रिंट्स तलाशने की कोशिश की।
थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रधानाध्यापक द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि चोरों के चेहरे या उनके भागने का रास्ता पता चल सके। पुलिस ने यह भी कहा कि इस मामले में चौकीदार और अन्य स्थानीय लोगों से पूछताछ की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के समय सुरक्षा में चूक कहां हुई।
शिक्षा जगत में आक्रोश और डर
मध्य विद्यालय तेतरी में हुई इस चोरी की घटना ने आसपास के विद्यालयों के शिक्षकों में भी डर का माहौल पैदा कर दिया है। शिक्षकों का कहना है कि आए दिन विद्यालय के सामान चोरी हो रहे हैं, लेकिन सुरक्षा का कोई ठोस इंतजाम नहीं है। एक शिक्षक ने कहा, "सरकारी स्कूलों में बच्चों को डिजिटल शिक्षा देने के लिए सरकार टैबलेट उपलब्ध कराती है, लेकिन अगर उनकी सुरक्षा ही नहीं हो पाएगी, तो हम बच्चों को भविष्य के लिए तैयार कैसे करेंगे?"
सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस वारदात ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:
चौकीदार की भूमिका संदिग्ध: यदि चौकीदार ड्यूटी पर था, तो उसे भनक तक क्यों नहीं लगी? क्या वह गहरी नींद में था या जानबूझकर गायब था?
पुलिस पेट्रोलिंग: क्या रात के समय पुलिस की गश्त इस इलाके में नहीं होती?
सुरक्षा उपकरण: क्या विद्यालयों में अब सीसीटीवी कैमरों और अलार्म सिस्टम की अनिवार्य आवश्यकता नहीं है?
आगे की रणनीति
ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले का खुलासा जल्द से जल्द किया जाए और चोरी गए सामानों को बरामद किया जाए। साथ ही, विद्यालय प्रबंधन समिति ने बैठक बुलाकर यह निर्णय लिया है कि अब विद्यालय की सुरक्षा के लिए ग्रामीण स्तर पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी।
पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि वे इस केस को चुनौती के रूप में ले रहे हैं। भागलपुर पुलिस की तकनीकी सेल भी इस चोरी को ट्रेस करने में मदद कर रही है। अब देखना यह है कि क्या नवगछिया पुलिस इस चोरी का पर्दाफाश कर पाती है और क्या चोरी गए टैबलेट वापस मिल पाएंगे?