जीटी रोड पार करते समय अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मजदूर की मौत, सात बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
जिले के आमस थाना क्षेत्र अंतर्गत जीटी रोड पर आज दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। राजापुल के समीप सड़क पार कर रहे एक मजदूर की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान स्थानीय निवासी के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का इकलौता भरण-पोषण करने वाला सदस्य था। इस घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
घटना का विवरण: दोपहर की दिनचर्या बनी काल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक मजदूर आज दोपहर भोजन करने के उपरांत अपने दैनिक मजदूरी के काम पर जाने के लिए घर से निकला था। वह पैदल ही जीटी रोड पार कर रहा था, तभी गया की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मजदूर सड़क पर ही गिर गया और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद चालक वाहन लेकर तेजी से फरार हो गया।
सात बच्चों के सिर से उठा साया
इस हादसे का सबसे दुखद पहलू यह है कि मृतक अपने पीछे सात बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गया है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है। मृतक मजदूरी करके ही अपने परिवार का पेट पालता था। अब घर के इकलौते कमाऊ सदस्य की असमय मृत्यु से पूरे परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट गहरा गया है। परिजनों का कहना है कि अब इन मासूम बच्चों का भविष्य क्या होगा, यह सबसे बड़ा सवाल है।
घटनास्थल पर स्थानीय लोगों का आक्रोश
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने कुछ देर के लिए जीटी रोड पर आवागमन को बाधित करने का प्रयास किया। लोगों का कहना है कि राजापुल के पास जीटी रोड पर अक्सर तेज रफ्तार वाहन चलते हैं, जिससे स्थानीय लोगों के लिए सड़क पार करना जानलेवा हो गया है। वहां न तो कोई फुट ओवरब्रिज है और न ही यातायात नियंत्रण की कोई मुकम्मल व्यवस्था।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही आमस थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि अज्ञात वाहन की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही दोषी वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बुनियादी सुविधाओं का अभाव और प्रशासन की उदासीनता
यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा के दावों की पोल खोलती है। जीटी रोड जैसे व्यस्त मार्ग पर जहां प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं, वहां पैदल चलने वालों के लिए कोई सुरक्षित रास्ता नहीं है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बार-बार मांग करने के बावजूद प्रशासन द्वारा राजापुल के पास स्पीड ब्रेकर या संकेतक नहीं लगाए गए हैं।
सुरक्षा के अभाव में मौतें: जीटी रोड पर लगातार हो रही दुर्घटनाएं प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती हैं।
गरीबों पर मार: ऐसे हादसों में मरने वाले अक्सर गरीब मजदूर होते हैं, जिनका परिवार सड़क पर आ जाता है।
भविष्य के लिए चेतावनी
यदि प्रशासन ने अभी भी जीटी रोड के इस संवेदनशील हिस्से पर ध्यान नहीं दिया, तो भविष्य में और भी जानें जा सकती हैं। स्थानीय समाजसेवियों ने जिला प्रशासन से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने और जीटी रोड पर पैदल पार करने वालों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
एक मजदूर की मौत केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक परिवार का विनाश है। विकास के नाम पर सड़कों का चौड़ीकरण तो हो रहा है, लेकिन उस पर चलने वाले आम आदमी की सुरक्षा कहीं पीछे छूट गई है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गरीब परिवार की सुध कब तक लेता है और इस तरह के हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।