मुजफ्फरपुर में विवादित शौचालय निर्माण की होगी जांच, जेई पर कार्रवाई के संकेत

मुजफ्फरपुर शहर के व्यस्त लक्ष्मी चौक स्थित सार्वजनिक शौचालय निर्माण में गुणवत्ता की कमी और तकनीकी खामियों को लेकर स्थानीय प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। निगम की बैठक में मेयर और पार्षदों ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया, जिसके बाद नगर आयुक्त ने सख्त रुख अपनाया है।

विवाद का कारण: लक्ष्मी चौक पर 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत आठ शीट का शौचालय बनाया जा रहा है। पार्षदों ने निर्माण में लेवलिंग, मिट्टी के नीचे बीम की स्थिति और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

तकनीकी खामी: पार्षदों का तर्क है कि जिस स्थान पर शौचालय बन रहा है, वह पहले से ही संकीर्ण है और एक ट्रांसफॉर्मर के पास है, जो तकनीकी और सुरक्षा मानकों के लिहाज से गलत है।

नगर आयुक्त का सख्त निर्देश: नगर आयुक्त ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जांच में निर्माण में कोई भी तकनीकी गड़बड़ी या भ्रष्टाचार पाया जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदार जूनियर इंजीनियर (जेई) संजीव कुमार के वेतन से नुकसान की भरपाई की जाएगी।

मेयर की नाराजगी: मेयर निर्मला देवी ने निगम के इंजीनियरों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि निर्माण के दौरान समय रहते मॉनिटरिंग क्यों नहीं की गई?

विवरणस्थिति
प्रशासनिक कदमनगर निगम के कार्यपालक और अधीक्षण अभियंता द्वारा मौके की जांच।
आरोपी/जिम्मेदारजूनियर इंजीनियर (सिविल) संजीव कुमार को तलब किया गया।
अगली कार्रवाईरिपोर्ट के आधार पर रिकवरी और विभागीय कार्रवाई की तैयारी।

यह शौचालय निर्माण का मामला भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोपों के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। मेयर और पार्षद इस बात पर भी अड़े हैं कि यदि उस स्थान पर शौचालय की आवश्यकता ही नहीं थी (क्योंकि वहां पहले से सुविधा उपलब्ध थी), तो निर्माण क्यों कराया जा रहा था।