खबड़ा ई-कॉमर्स गोदाम डकैती-हत्या कांड में बड़ी सफलता, बिहार एसटीएफ ने 25 हजार के इनामी ननकी उर्फ बसंत को दबोचा

मुजफ्फरपुर: बिहार में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बिहार स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। मुजफ्फरपुर जिले के खबड़ा स्थित एक ई-कॉमर्स कंपनी के गोदाम में हुई डकैती और हत्या के चर्चित मामले में फरार चल रहे आरोपी ननकी उर्फ बसंत को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी वैशाली जिले का निवासी बताया जाता है और उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस मुख्यालय की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

एसटीएफ की इस कार्रवाई को हाल के दिनों में अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी की तलाश में पुलिस और एसटीएफ की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही थीं। गुप्त सूचना और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम और उसके सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

क्या था पूरा मामला

खबड़ा थाना क्षेत्र में स्थित एक नामी ई-कॉमर्स कंपनी के गोदाम में कुछ महीने पहले हथियारबंद अपराधियों ने डकैती की बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। अपराधियों ने गोदाम में घुसकर कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों को बंधक बना लिया था। विरोध करने पर अपराधियों ने गोलीबारी की, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।

डकैत गोदाम से लाखों रुपये मूल्य का सामान और अन्य कीमती वस्तुएं लूटकर फरार हो गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। बाद में मामले की जांच में एसटीएफ को भी शामिल किया गया ताकि फरार अपराधियों तक जल्द पहुंचा जा सके।

जांच में सामने आया ननकी उर्फ बसंत का नाम

पुलिस जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ननकी उर्फ बसंत का नाम सामने आया। जांच एजेंसियों के अनुसार वह इस पूरे अपराध की साजिश और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों में शामिल था।

घटना के बाद से ही वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था और पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। कई बार उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई, लेकिन वह गिरफ्त से बाहर रहा। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

एसटीएफ की रणनीति रंग लाई

बिहार एसटीएफ ने आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष रणनीति बनाई थी। टीम ने उसके मोबाइल नेटवर्क, संपर्क सूत्रों और संभावित गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। तकनीकी निगरानी और मानव खुफिया तंत्र के सहयोग से आरोपी की लोकेशन का पता लगाया गया।

रविवार को मिली सटीक सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ननकी उर्फ बसंत से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि डकैती की योजना किसने बनाई थी, इसमें कितने लोग शामिल थे और लूटे गए सामान को कहां खपाया गया।

इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार कहां से लाए गए थे और अपराधियों का कोई बड़ा गिरोह इस वारदात के पीछे सक्रिय था या नहीं। अधिकारियों को उम्मीद है कि आरोपी की गिरफ्तारी से मामले की जांच को नई दिशा मिलेगी।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

हालांकि इस मामले में कई आरोपियों की पहचान हो चुकी है, लेकिन कुछ अपराधी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस मामले में शामिल बाकी अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही लूटे गए सामान की बरामदगी के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की सराहना

ननकी उर्फ बसंत की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि इस घटना के बाद क्षेत्र में भय का माहौल बन गया था। अपराधियों की गिरफ्तारी से लोगों का कानून व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हुआ है।

व्यापारियों और गोदाम संचालकों ने भी एसटीएफ और पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई से अपराध पर अंकुश लगेगा और कारोबारी गतिविधियों को सुरक्षित माहौल मिलेगा।

अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति

बिहार पुलिस और एसटीएफ लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि राज्य में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। हाल के वर्षों में कई कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए गए अभियानों को इसी नीति का हिस्सा माना जा रहा है।

अधिकारियों ने कहा है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई है कि किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।