मां अहिल्या मिथिला एसोसिएशन एवं भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में उमड़े लोग, सैकड़ों मरीजों की जांच कर बांटी गई दवाएं
दरभंगा न्यूज: राजीव रंजन झा, दरभंगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं को सुलभ बनाने के उद्देश्य से मां अहिल्या मिथिला एसोसिएशन एवं भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को श्री रामजानकी मंदिर, कोठिया परिसर में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर एवं दवा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने पहुंचकर स्वास्थ्य जांच कराई तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त किया। चिकित्सकों ने मरीजों की विभिन्न बीमारियों की जांच करने के बाद उन्हें नि:शुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराईं।
सुबह से ही शिविर में लोगों की भीड़ उमड़ने लगी थी। दूर-दराज के गांवों से भी मरीज अपने परिवार के साथ स्वास्थ्य जांच कराने पहुंचे। आयोजन समिति की ओर से मरीजों के पंजीकरण, जांच और दवा वितरण की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी, जिससे लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किया स्वास्थ्य परीक्षण
शिविर में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान रक्तचाप, रक्त शर्करा (ब्लड शुगर), वजन, सामान्य शारीरिक परीक्षण तथा अन्य आवश्यक जांच की गई। कई मरीजों को मौसमी बीमारियों, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, जोड़ों के दर्द, त्वचा रोग, पेट संबंधी समस्याओं और श्वसन संबंधी बीमारियों के लिए परामर्श दिया गया।
चिकित्सकों ने मरीजों को केवल दवाएं ही नहीं दीं, बल्कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, समय पर स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उपचार से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
मौसमी बीमारियों से बचाव पर दिया गया विशेष जोर
बारिश के मौसम को देखते हुए चिकित्सकों ने डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार और जलजनित रोगों से बचाव के उपाय भी विस्तार से बताए। लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने, घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने, उबला या शुद्ध पानी पीने और मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी तथा रिपेलेंट का उपयोग करने की सलाह दी गई।
विशेषज्ञों ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, शरीर दर्द, कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो बिना देर किए चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए और स्वयं दवा लेने से बचना चाहिए।
महिलाओं और बुजुर्गों की रही विशेष भागीदारी
स्वास्थ्य शिविर में महिलाओं और बुजुर्गों की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। कई महिलाओं ने पहली बार रक्तचाप और ब्लड शुगर की जांच कराई। चिकित्सकों ने उन्हें महिलाओं में होने वाली सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं, पोषण, एनीमिया और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के बारे में भी जानकारी दी।
बुजुर्ग मरीजों को गठिया, हड्डियों की कमजोरी, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं के संबंध में विशेष परामर्श दिया गया। उन्हें नियमित दवा लेने और समय-समय पर चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी गई।
बच्चों के स्वास्थ्य की भी हुई जांच
शिविर में बच्चों का भी सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। चिकित्सकों ने अभिभावकों को बच्चों के पोषण, टीकाकरण, स्वच्छता और मौसमी संक्रमण से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
नि:शुल्क दवा वितरण से लोगों को मिली राहत
स्वास्थ्य जांच के बाद जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क दवाएं वितरित की गईं। ग्रामीणों ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण कई बार वे समय पर इलाज नहीं करा पाते हैं। ऐसे में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर और दवा वितरण कार्यक्रम उनके लिए काफी लाभकारी साबित हुआ।
कई मरीजों ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गांव में इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार मिल सके।
आयोजकों ने बताया सेवा का उद्देश्य
मां अहिल्या मिथिला एसोसिएशन एवं भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रतिनिधियों ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई लोग नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं करा पाते, जिससे छोटी बीमारियां गंभीर रूप ले लेती हैं।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी विभिन्न गांवों में ऐसे नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की अपील
शिविर में मौजूद चिकित्सकों ने लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, संतुलित भोजन करने, स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी बीमारी के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उपचार से अधिकांश बीमारियों पर आसानी से नियंत्रण पाया जा सकता है।
सामाजिक सेवा का सराहनीय उदाहरण
स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर बेहद उपयोगी साबित होते हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को न केवल विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह मिलती है, बल्कि उन्हें नि:शुल्क दवाएं भी उपलब्ध हो जाती हैं।
समाजसेवियों का कहना है कि यदि सरकारी और सामाजिक संस्थाएं मिलकर इस तरह के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करें तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और बेहतर हो सकती है। लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर उनका उपचार संभव हो सकेगा।
रविवार को आयोजित यह स्वास्थ्य जांच शिविर केवल एक चिकित्सा कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि समाज सेवा और जनस्वास्थ्य के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का भी उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया। बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे शिविरों के नियमित आयोजन की मांग की।