मुजफ्फरपुर में श्रावणी मेला 2026 की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक: डीएम कुमार गौरव ने दिए कांवरिया मार्ग को सुविधापूर्ण और दुर्घटना-मुक्त बनाने के सख्त निर्देश

बिहार के पवित्र और बहुप्रतीक्षित श्रावणी मेला 2026 को लेकर मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी तरह से तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी (DM) कुमार गौरव ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य इस वर्ष के श्रावणी मेले को श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह से सुविधापूर्ण, सुगम, स्वच्छ और दुर्घटना-मुक्त (Accident-Free) बनाना था। डीएम ने संबंधित विभागों के सभी प्रमुख अधिकारियों, पुलिस प्रशासन और कमेटियों के सदस्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कांवरिया मार्ग पर आने वाले शिव भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए सभी तैयारियां समय रहते चाक-चौबंद कर ली जाएं।

समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु और डीएम कुमार गौरव के निर्देश

श्रावणी मेले के दौरान देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में कांवड़िए बाबा गरीबनाथ धाम और अन्य शिवालयों में जलार्पण करने के लिए मुजफ्फरपुर के रास्ते गुजरते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डीएम कुमार गौरव ने बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए:

कांवरिया मार्ग पर मूलभूत सुविधाओं का विकास: डीएम ने सख्त निर्देश दिए हैं कि कांवरिया मार्ग और उसके आसपास के सभी प्रमुख पड़ावों पर पेयजल, शौचालय, रोशनी, स्वास्थ्य शिविर और विश्राम गृह जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं। विशेषकर महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग से चेंजिंग रूम और शौचालय की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए।

सड़क सुरक्षा और दुर्घटना-मुक्त मार्ग: यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले सभी गड्ढों को भरने, खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत करने और खतरनाक मोड़ों या जलभराव वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग तथा संकेतक लगाने के आदेश दिए गए हैं, ताकि मेला पूरी तरह से दुर्घटना-मुक्त रह सके।

चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं: कांवरिया रूट पर हर निश्चित दूरी पर मेडिकल कैंप स्थापित किए जाएं, जिनमें जीवनरक्षक दवाएं, एम्बुलेंस और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती 24 घंटे सुनिश्चित हो, ताकि किसी भी स्वास्थ्य आपातकाल से तुरंत निपटा जा सके।

सुरक्षा और विधि-व्यवस्था: कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सादे लिबास में पुलिस बल और महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती प्रमुख स्थलों तथा भीड़भाड़ वाले चौराहों पर की जाएगी। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

प्रशासनिक समन्वय और विभागों की जिम्मेदारी

श्रावणी मेले को ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल को बेहद मजबूत किया है:

पेयजल और स्वच्छता विभाग: पीएचईडी (PHED) को निर्देश दिया गया है कि वह कांवरिया पथ पर चापाकल और पेयजल की टंकियों की नियमित जांच करे। साथ ही, साफ-सफाई के लिए विशेष स्वच्छता कर्मियों की टीम को तैनात किया जाए।

विद्युत विभाग: मेला क्षेत्र और कांवरिया मार्ग पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिजली विभाग को निर्देशित किया गया है, ताकि रात के समय भी रास्ते पूरी तरह रोशन रहें और किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।

यातायात नियंत्रण: भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने और रूट डायवर्जन प्लान तैयार करने के लिए यातायात पुलिस (Traffic Police) को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि शहर में जाम की स्थिति उत्पन्न न हो और कांवड़िए आसानी से आगे बढ़ सकें।

श्रद्धालुओं के लिए बेहतर अनुभव और प्रशासन की प्रतिबद्धता

बैठक के अंत में डीएम कुमार गौरव ने सभी अधिकारियों से कहा कि श्रावणी मेला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और पंडा समाज के लोगों से भी अपील की है कि वे प्रशासन के साथ मिलकर शिव भक्तों की सेवा में अपना सहयोग दें।

प्रशासन के इन कड़े और समयबद्ध कदमों से यह उम्मीद जताई जा रही है कि श्रावणी मेला 2026 में आने वाले सभी श्रद्धालुओं की यात्रा बेहद सुरक्षित, आनंददायक और सुगम होगी, जिससे मुजफ्फरपुर में एक बेहतरीन प्रशासनिक कार्यशैली का उदाहरण देखने को मिलेगा।