2 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और वज्रपात का अलर्ट; लोगों से सतर्क रहने की अपील

पटना: बिहार में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होता नजर आ रहा है। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी, उमस और लू जैसी स्थिति से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 2 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में मौसम अचानक करवट ले सकता है। विभाग ने सीमांचल और मिथिलांचल के कई जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने और मानसूनी प्रणाली के मजबूत होने के कारण अगले 24 से 48 घंटों के दौरान बिहार के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार कटिहार, मधुबनी, पूर्णिया, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा आसपास के कई जिलों में भी मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बारिश के दौरान बादलों की तेज गर्जना, बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से बिहार के अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ था। कई स्थानों पर दिन का अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिससे लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि मानसून की सक्रियता बढ़ने के बाद अब तापमान में गिरावट आने की संभावना है। लगातार बारिश होने से मौसम सुहावना होगा और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार मानसूनी हवाओं के प्रभाव से राज्य के उत्तर और पूर्वी हिस्सों में सबसे अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है। सीमांचल और मिथिलांचल क्षेत्र में नदियों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। यदि लगातार बारिश होती है तो निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

मौसम विभाग ने किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है वहां किसान फिलहाल खेतों में रासायनिक उर्वरकों या कीटनाशकों का छिड़काव करने से बचें। बारिश के बाद ही कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है। धान की रोपाई कर रहे किसानों के लिए यह बारिश लाभदायक साबित हो सकती है क्योंकि खेतों में पर्याप्त नमी उपलब्ध होगी। हालांकि तेज हवा और वज्रपात के दौरान खेतों में काम नहीं करने की सलाह दी गई है।

विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। वज्रपात की स्थिति में सुरक्षित भवन के अंदर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि बहुत जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें। तेज हवा के दौरान कमजोर मकानों, टीन शेड और निर्माणाधीन इमारतों से दूरी बनाए रखें। वाहन चलाते समय भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने भी नागरिकों से मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि बिजली चमकने या गर्जन सुनाई देने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। मोबाइल फोन का उपयोग खुले मैदान में न करें और यदि संभव हो तो बिजली से चलने वाले उपकरणों को कुछ समय के लिए बंद रखें।

शहरी क्षेत्रों में नगर निकायों को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि तेज बारिश की स्थिति में जलभराव की समस्या कम हो। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रशासन को संवेदनशील स्थानों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने को कहा गया है।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के पहले सप्ताह में बिहार के अधिकांश हिस्सों में मानसून सामान्य से बेहतर सक्रिय रह सकता है। इससे कृषि गतिविधियों को गति मिलेगी और जल स्रोतों में भी सुधार होगा। हालांकि बीच-बीच में तेज बारिश, आंधी और वज्रपात जैसी घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं, इसलिए लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।

कुल मिलाकर 2 जुलाई को बिहार के कई जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। यदि लोग समय रहते आवश्यक सावधानियां अपनाते हैं और आधिकारिक मौसम संबंधी सलाह का पालन करते हैं, तो किसी भी संभावित नुकसान से काफी हद तक बचा जा सकता है। वहीं लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान प्रदेशवासियों के लिए यह बारिश राहत लेकर आने वाली है।