बिहार के नीट छात्र सचिन का दर्दनाक अनुभव: गलती से राजधानी एक्सप्रेस में चढ़ने पर रेलवे कर्मियों और सुरक्षाबलों पर लगा पिटाई का गंभीर आरोप; कहा— "अब नहीं बनना साइंटिस्ट, छोड़ दूंगा पढ़ाई"

नई दिल्ली/पटना: देश की राजधानी दिल्ली से एक बेहद संवेदनशील और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ बिहार के एक गरीब और संघर्षरत नीट (NEET) छात्र सचिन कुमार के साथ ट्रेन यात्रा के दौरान अमानवीय व्यवहार किए जाने का आरोप लगा है। छात्र ने दावा किया है कि वह अनजाने में जनरल टिकट लेकर हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस (वाया गया) में सवार हो गया था, जिसके बाद ट्रेन के टीटीई, अन्य रेलवे कर्मचारियों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों ने उसके साथ न केवल बुरा बर्ताव किया, बल्कि उसे बुरी तरह से पीटा भी। इस घटना के बाद से सदमे में आए छात्र का एक रोते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह सिस्टम और व्यवस्था से तंग आकर अपनी पढ़ाई और वैज्ञानिक बनने का सपना तक छोड़ने की बात कह रहा है।

क्या है पूरा मामला? कैसे शुरू हुआ संघर्ष?

बिहार के गया जिले के रहने वाले 20 वर्षीय सचिन कुमार लंबे समय से नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। डॉक्टर बनने का सपना संजोए सचिन ने कई बार इस कठिन परीक्षा का सामना किया, लेकिन अपेक्षित सफलता न मिलने के कारण वह मानसिक रूप से काफी तनाव में थे।

दिल्ली पहुंचने का संघर्ष: कुछ समय पहले सचिन बिना अपने परिवार को बताए और बेहद सीमित पैसों के साथ अपने घर से दिल्ली के लिए निकले थे। दिल्ली में वे जंतर-मंतर पर चल रहे कुछ आंदोलनों और प्रदर्शनों से जुड़े थे।

गलती से राजधानी एक्सप्रेस में चढ़ना: वापसी या यात्रा के दौरान, अनजाने में या कन्फ्यूजन की वजह से सचिन जनरल टिकट लेकर देश की प्रीमियम ट्रेन मानी जाने वाली हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस (वाया गया) में सवार हो गए। प्रीमियम ट्रेन होने के कारण जनरल टिकट पर इस ट्रेन में यात्रा करने की अनुमति नहीं होती है, जो इस पूरी घटना की मुख्य वजह बनी।

रेलवे कर्मियों और सुरक्षा बलों पर मारपीट के गंभीर आरोप

सचिन का आरोप है कि ट्रेन के अंदर चेकिंग के दौरान जब टीटीई और अन्य रेलवे कर्मियों की नजर उन पर पड़ी, तो स्थिति बिगड़ गई। छात्र ने रोते हुए बयां किया कि कर्मचारियों ने उसकी स्थिति को समझने के बजाय उसके साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया।

बुरी तरह पीटे जाने का दावा: पीड़ित छात्र ने फफकते हुए बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों और ट्रेन के कर्मचारियों ने उसे इतनी बुरी तरह पीटा कि उसके शरीर पर गहरे मानसिक और शारीरिक आघात पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, “मुझे इतनी गंदी तरीके से मारा गया कि मैं बता नहीं सकता। मैंने अपने सारे डॉक्यूमेंट्स भी दिखाए, लेकिन किसी ने मेरी एक नहीं सुनी।”

घंटों रोता रहा छात्र: सचिन के मुताबिक, इस घटना के बाद वह लगातार डेढ़ घंटे तक फफक-फफक कर रोते रहे। उनका कहना था कि जिंदगी में उन्होंने कभी इतना अपमान और दर्द महसूस नहीं किया था।

"अब नहीं बनना साइंटिस्ट, छोड़ दूंगा पढ़ाई" – टूट गया छात्र का हौसला

इस घटना के बाद सदमे में आए छात्र का वीडियो जैसे ही सामने आया, देश भर के विद्यार्थियों और आम नागरिकों का दिल पसीज गया। वीडियो में बेहद भावुक नजर आ रहे सचिन ने व्यवस्था के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि अब उनका पढ़ाई से भरोसा उठ चुका है।

सिस्टम से बगावत: रोते हुए सचिन ने कहा, “राजधानी एक्सप्रेस के उन टीटीई और रेलवे कर्मियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, वरना मैं कभी साइंटिस्ट नहीं बनूंगा और अपनी सारी पढ़ाई-लिखाई हमेशा के लिए छोड़ दूंगा।”

भारत में शिक्षा और सुरक्षा पर सवाल: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस देश में एक गरीब और आम छात्र के संघर्ष की कोई कीमत नहीं है। रेलवे कर्मचारियों द्वारा छात्रों और यात्रियों के साथ जिस तरह की हिंसा और अभद्रता की जाती है, वह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि वे भविष्य में कुछ और छोटा-मोट काम कर लेंगे, लेकिन अब इस तरह का प्रताड़ना भरा जीवन और पढ़ाई नहीं जारी रखेंगे।

सोशल मीडिया पर उमड़ा समर्थन, लोगों ने की कार्रवाई की मांग

सचिन कुमार का यह दर्दनाक वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

लोगों का आक्रोश: सोशल मीडिया यूजर्स रेलवे प्रशासन और सुरक्षा बलों की इस कार्यशैली की कड़ी निंदा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि कोई यात्री गलती से गलत ट्रेन में चढ़ भी गया था, तो कानून के मुताबिक जुर्माना या अगली स्टेशन पर उतारने की कार्रवाई की जानी चाहिए थी, न कि किसी छात्र के साथ मारपीट या शारीरिक हिंसा।

कार्रवाई की मांग: कई बुद्धिजीवियों, छात्र संगठनों और सोशल मीडिया यूजर्स ने रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) और संबंधित अधिकारियों को टैग करते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी रेलवे कर्मियों व आरपीएफ जवानों को तुरंत निलंबित करने की पुरजोर मांग की है।

बिहार के नीट छात्र सचिन कुमार के साथ राजधानी एक्सप्रेस में हुई यह कथित मारपीट की घटना भारतीय परिवहन व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। एक तरफ जहां छात्र पहले से ही अपने करियर और परीक्षा के तनाव से जूझ रहे होते हैं, वहीं दूसरी तरफ इस तरह का हिंसक और क्रूर व्यवहार किसी भी युवा के भविष्य को अंधकार में धकेल सकता है। इस मामले में रेलवे प्रशासन की ओर से आधिकारिक जांच और उचित कार्रवाई का इंतजार है, ताकि पीड़ित छात्र को न्याय मिल सके और भविष्य में इस तरह की अमानवीय घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।